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Rajasthan Politics: राजस्थान बजट सत्र से गैर हाजिर रहेंगे किरोड़ीलाल मीणा, स्पीकर को चिट्ठी लिख बताया ये कारण
Tue, 28 Jan 2025 06:34 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Tue, 28 Jan 2025 06:34 PM IST
सार
Rajasthan Budget Session 2025: राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू हो रहा है। इससे पहले किरोड़ीलाल मीणा ने स्पीकर को चिट्ठी लिखकर अनुपस्थित रहने की अनुमति मांगी है।
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किरोड़ीलाल मीणा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने इस वर्ष विधानसभा के बजट सत्र से अनुपस्थित रहने की अनुमति मांगी है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को पत्र लिखकर अपनी गैरमौजूदगी की सूचना दी है। यह लगातार दूसरा वर्ष है, जब मंत्री मीणा बजट सत्र में भाग नहीं लेंगे।
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डॉ. किरोड़ी मीणा की लगातार अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में बहस छेड़ दी है। विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक महत्वपूर्ण विभाग के मंत्री की गैरमौजूदगी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। विपक्षी दलों का कहना है कि मंत्री की अनुपस्थिति से सरकार की कृषि और ग्रामीण विकास नीतियों की समीक्षा में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
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सरकार की स्थिति पर संभावित असर
विधानसभा में बजट सत्र के दौरान कृषि और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होती है। ऐसे में मंत्री की गैरहाजिरी से सरकार को आलोचना का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, विभागीय कार्यों पर उठने वाले सवालों का उत्तर देने की जिम्मेदारी अब अन्य मंत्रियों या अधिकारियों पर आ सकती है।
विधानसभा में मंत्री किरोड़ी के कृषि, ग्रामीण विकास, आपदा प्रबंधन और जन अभियोग निराकरण विभाग के सवालों के जवाब देने के लिए सोमवार और शुक्रवार के दिन भी तय कर दिए गए थे। अब किरोड़ी ने व्यक्तिगत कारणों से सदन से गैरहाजिर रहने की अनुमति मांगी है। ऐसे में उनके विभागों के जवाब देने के लिए दूसरे मंत्रियों को जिम्मेदारी दी जाएगी। ग्रामीण विकास से जुड़े सवालों के जवाब पंचायती राज्य मंत्री मदन दिलावर देंगे। पिछले बजट सत्र के दौरान भी उनके विभागों के सवालों के जवाब दूसरे मंत्रियों ने दिए थे।
कुंभ जाकर वैराग्य वाला बयान
इससे एक दिन पहले किरोड़ीलाल मीणा ने दौसा जिले के लालसोट में वैराग्य लेने की बात कही थी।उन्होंने कहा, लालसोट से एक अच्छा विधायक (रामबिलास मीणा) मिला है। मैं प्रार्थना कर रहा हूं, हे पपलाज माता, मेरे गले में जो घंटी (मंत्री पद) लटकी है, वह इनके (रामबिलास) गले में लटक जाए। महाकुंभ में जाकर ममता कुलकर्णी को भी वैराग्य हो गया है। मैं भी महाकुंभ जा रहा हूं। अगर मुझे भी वैराग्य हो जाए तो रामबिलास मीणा के लिए रास्ता खुल जाएगा। किरोड़ीलाल मीणा का यह बयान राजनीति से संन्यास की ओर इशारा करता है, जिसकी चर्चा इस वक्त हर कोई कर रहा है।
अनुमति की औपचारिक प्रक्रिया जारी
सूत्रों के अनुसार, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मंत्री के पत्र पर अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। उनकी अनुपस्थिति के कारणों को लेकर भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।अब देखना यह होगा कि विधानसभा के आगामी सत्र में सरकार किस तरह से विपक्ष के आरोपों और विभागीय कार्यों के सवालों का सामना करती है।