राजस्थान: ड्यूटी के दौरान मौत या दिव्यांगता पर पुलिसकर्मियों को मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाने पर विचार
राजस्थान पुलिस कार्मिक कल्याण न्यास की बैठक में ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी की मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता पर मिलने वाली मौजूदा 50 हजार रुपये की सहायता राशि बढ़ाने पर चर्चा हुई। पुलिसकर्मियों के बच्चों की उच्च शिक्षा, पुलिस लाइनों में सुविधाएं, पुस्तकालय निर्माण और ग्रीन ड्राइव जैसे प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।
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राजस्थान में ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी की मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता होने पर मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। फिलहाल ऐसी स्थिति में 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। राजस्थान पुलिस कार्मिक कल्याण न्यास की बैठक में इस राशि को बढ़ाने के सुझावों पर चर्चा हुई। हालांकि, राशि बढ़ाने का कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
पुलिस मुख्यालय में गुरुवार को न्यास की 53वीं बैठक महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को मिलने वाली सहायता का दायरा बढ़ाने के साथ कई कल्याणकारी प्रस्तावों पर मंथन किया गया।
बच्चों की पढ़ाई और पुलिस लाइनों की सुविधाओं पर भी चर्चा
बैठक में पुलिसकर्मियों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता देने, पुलिस लाइनों में सुविधाएं बढ़ाने और पुस्तकालय बनाने जैसे प्रस्तावों पर विचार किया गया। पुलिस परिसरों में हरियाली बढ़ाने के लिए ग्रीन ड्राइव शुरू करने का सुझाव भी रखा गया।
न्यास के कोष को मजबूत करने के लिए कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत संस्थानों से सहयोग लेने और पुलिसकर्मियों की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के विकल्पों पर भी चर्चा हुई। बैठक में वर्ष 2025-26 के आय-व्यय का अनुमोदन किया गया और पिछली बैठक के फैसलों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा की गई।
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कल्याणकारी योजनाओं का दायरा बढ़ाने पर जोर
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि पुलिसकर्मियों का कल्याण पुलिस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने न्यास का दायरा बढ़ाने और पुलिसकर्मियों के हित में कल्याणकारी गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए दिए गए सुझावों पर काम करने को कहा।
बैठक में समिति के उपाध्यक्ष एवं अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस वी.के. सिंह, महासचिव एवं महानिरीक्षक पुलिस कैलाशचंद विश्नोई, जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल सहित समिति के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।