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Rajasthan News : जूली और डोटासरा के बयान पर मदन राठौड़ का पलटवार, बोले- कांग्रेसी बाहुबल से करते हैं राजनीति
Tue, 31 Dec 2024 09:45 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Tue, 31 Dec 2024 09:45 PM IST
सार
प्रदेश में जिले खत्म करने को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में तकरार जारी है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत, कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा तथा नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेसी नेता दिमाग से नहीं, बाहुबल से राजनीति करते हैं।
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राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हाल ही प्रदेश में भाजपा सरकार ने कांग्रेस सरकार के बनाए 17 नए जिलों में से नौ को खत्म कर वापस समायोजित कर दिया, जिसके बाद से लगातार बीजेपी और कांग्रेसी नेताओं में जुबानी जंग छिड़ी हुई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने बीजेपी पर आरोप दोहराए। इसके पलटवार में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि गहलोत सरकार ने चहेते विधायकों को खुश करने के लिए जिलों की रेवड़ियां बांटीं।
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उन्होंने कहा कि तत्कालीन सीएम और डिप्टी सीएम के बीच लड़ाई बाद में शीतयुद्ध में बदल गई और दोनों होटलों में जाकर बैठ गए। सरकार अल्पमत में थी, तब बसपा और निर्दलियों के सहारे सरकार बचाई गई और चहेते विधायकों को खुश करने के लिए रेवड़ियां बांटी गईं। राठौड़ ने कहा कि जनसंख्या और भौगोलिक आधार देखे बिना जिले बना दिए गए। कोई भी यदि सरकार आचार संहिता से पहले इस तरह के फैसले करती है तो नई सरकार आते ही इनकी समीक्षा करती है। इस समय भी एक अधिकारी की समीक्षा पर कैबिनेट ने फैसला किया है तो किसी को ऐतराज नहीं होना चाहिए।
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राठौड़ ने आरोप लगाया कि गहलोत सरकार ने प्रदेश में अनियंत्रित जिले बना दिए। आबादी के लिहाज से देखें तो एक जिला साढे़ तीन लाख आबादी वाला तथा दूसरा जिला 23 लाख की आबादी वाला। कहीं जिले में एक विधायक तो कहीं 11 विधायक हैं। कम से कम तीन विधायक तो होने चाहिए। समानुपात और आबादी के आधार पर जिले गठित करते तो सरकार को यह कदम नहीं उठाना पड़ता।
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भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने दावा किया कि रामलुभाया कमेटी ने भी गहलोत सरकार को 41 जिले बनाने की सिफारिश की थी लेकिन अशोक गहलोत ने 50 जिलों की घोषणा कर दी। इस घोषणा पर खुद राम लुभाया भी आश्चर्यचकित थे। पवार कमेटी पर सवाल उठाने के सवाल पर राठौड़ ने कहा कि अधिकारी शपथ लेता है, पद ग्रहण करता है तो उसे निष्पक्षता की शपथ लेना पड़ती है। यहां अविश्वास का कोई कारण नहीं है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के रेल बनाने और डोटासरा के ईंट से ईंट बजाने के बयान पर राठौड़ ने कहा कि ये सब बाहुबल का सहारा ले रहे हैं। ईंट से ईंट से बजाना इसका मतलब क्या है ? उन्होंने कहा कि ताकत दिखानी है तो मैदान में जाकर ईंट से ईंट से बजाएं, लोकतंत्र में दिमाग से खेला जाता है बाहुबल से नहीं।