Rajasthan News: पहली सूची में सभी वर्गों को साधने वाली भाजपा की दूसरी लिस्ट कैसी होगी, आइए जानते हैं
Jaipur: भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनावों को लेकर प्रदेश की 25 में से 15 लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। इनमें सात नए चेहरों के साथ आठ नाम ऐसे हैं, जो रिपीट हुए हैं। अब अगली सूची कैसी होगी इसका इंतजार है।
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लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा ने प्रदेश में 15 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है, अब बाकी की 10 सीटों के लिए प्रत्याशियों के नामों की घोषणा बाकी है। जारी की गई पहली सूची में 8 प्रत्याशियों को पार्टी ने रिपीट किया है, जबकि 7 सीटों पर नए चेहरे उतारे गए हैं।
जारी की गई पहली सूची की 5 मुख्य बातें
- हर संभाग से प्रत्याशी का ऐलान किया गया।
- एक ही सूची में सभी वर्गों को साधा गया। महिला, एससी, एसटी, ओबीसी और सामान्य वर्ग के नाम शामिल।
- विधानसभा चुनाव हार चुके सांसदों का टिकट कटा। इस सूची में जालौर से देवजी पटेल का टिकट कटा क्योंकि वे विधानसभा चुनाव हारे थे।
- अगली सूची में कोटा संभाग को छोड़, शेष सभी संभागों से प्रत्याशियों के नामों का ऐलान होगा।
- जिन टिकटों का पहली सूची में ऐलान किया गया है, उनके नाम सिंगल पैनल में गए थे।
अगली सूची में किनके टिकट कटेंगे, किसकी होगी एंट्री
जिन सीटों पर नाम घोषित नहीं किए गए हैं, उनमें से कुछ सीटें ऐसी हैं जिनके लिए भाजपा में नए चेहरों की एंट्री करवा सकती है। इनमें खासतौर पर कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए नेताओं के साथ अन्य दलों के नेता के नाम चर्चा में हैं, इन्हीं में से कांग्रेस के पूर्व मंत्री लालचंद कटारिया, हनुमान बेनीवाल समेत कई नाम आगे आए हैं।
जो सांसद विधानसभा चुनाव हार गए हैं, उन्हें टिकट नहीं मिलेगा। इसी कड़ी में जालौर से देवजी पटेल का टिकट कट चुका है। अब विधानसभा चुनाव हारने वाले अजमेर के सांसद भागीरथ चौधरी और झुंझुनू के नरेंद्र कुमार का टिकट कटना भी लगभग तय है।
जिन संसदीय सीट पर विधानसभा चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, उनके टिकट पर भी संकट खड़ा हो सकता है।
इन सीटों पर सांसदों के टिकट संकट में
टोंक-सवाई माधोपुर: यहां की 8 विधानसभा सीटों में से 4 पर भाजपा हार गई। यहां से मौजूदा सांसद सुखबीर सिंह जोनापुरिया का टिकट भी संकट में है।
करौली-धौलपुर: यहां से भी 8 विधानसभा सीटों में से 6 पर भाजपा विधानसभा चुनाव हार गई। यहां के मौजूदा सांसद मनोज राजौरिया का टिकट कटना भी लगभग तय है।
गंगानगर-हनुमानगढ़ : इस संसदीय क्षेत्र में भी 8 विधानसभा सीटों में से 6 पर बीजेपी को हार मिली। इसलिए यहां मौजूदा सांसद निहालचंद का टिकट कटना भी लगभग तय है।
इसके अलावा जयपुर ग्रामीण व राजसमंद सीटों पर पार्टी को नए चेहरे उतारने हैं क्योंकि इन दोनों सीटों के सांसद विधानसभा चुनाव जीतकर राजस्थान सरकार में मंत्री बन चुके हैं।
राजसमंद से सांसद रहीं दीया कुमारी के राजस्थान सरकार में उपमुख्यमंत्री बनने के बाद अब इनकी जगह भाजपा यहां नए प्रत्याशी को मैदान में उतारेगी। यहां मेवाड़ राजघराने के लक्ष्यराज सिंह टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं लेकिन इनके साथ ही राजेंद्र राठौड़ का नाम भी संभावितों की लिस्ट में है।
जयपुर ग्रामीण से सांसद राज्यवर्धन राठौड़ के राजस्थान सरकार में मंत्री बनने के बाद अब उनकी जगह यहां दूसरा प्रत्याशी उतारा जाएगा। इसमें कांग्रेस के एक नेता का नाम भी लिया जा रहा है। हालांकि उनके अभी तक भाजपा में शामिल होने की खबर नहीं है।
आने वाली सूची में कम से कम 2 महिलाएं
भाजपा ने पहली सूची में सभी वर्गों को साधने की कोशिश की है। इसी आधार पर अगली सूची भी होगी। इसमें एससी, एसटी के अलावा महिला प्रत्याशी भी शामिल होंगी। पिछले चुनावों में बीजेपी ने 3 महिला प्रत्याशियों को टिकट दिया था। इस बार पहली सूची में 1 महिला प्रत्याशी को टिकट दिया गया और एक का काटा गया। ऐसे में अगली सूची में कम से कम 2 महिलाओं को भी जगह मिल सकती है।