RPSC पुनर्गठन की तैयारी में सरकार, हरियाणा PSC की तरह बढ़ा सकती है सदस्यों की संख्या; देवनानी ने सौंपी रिपोर्ट
RPSC: राजस्थान में पेपर लीक कांड में RPSC सदस्यों की बड़ी भूमिका सामने आने के बाद अब सरकार इसके पुनर्गठन पर विचार कर रही है। इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को हरियाणा लोक सेवा आयोग का अध्ययन करने के लिए कहा था। देवनानी ने यह रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है।
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राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) का पुनर्गठन अब हरियाणा PSC की तर्ज पर किया जा सकता है। पेपर लीक में RPSC की भूमिका सामने आने के बाद भजनलाल सरकार अब इसके पुनर्गठन की तैयारी में है। फिलहाल हरियाणा लोक सेवा आयोग की तरह RPSC में सदस्यों की संख्या बढ़ाई जाएगी। सरकार ने पिछले महीने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को हरियाणा लोक सेवा आयोग का अध्ययन करने के लिए कहा था।
देवनानी ने सीएम को सौंपी में रिपोर्ट में RPSC में सदस्यों की संख्या दोगुनी करने की सिफारिश की है। आयोग में अभी अध्यक्ष के अलावा सदस्यों के 7 पद हैं। यानी इनकी संख्या 14 तक हो सकती है। सरकार नियुक्ति का तरीका भी बदलेगी। इसके लिए संघ लोक सेवा आयोग की प्रक्रिया का भी अध्ययन किया जा रहा है।
देवनानी ने इसकी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है। जल्द ही इसे विधि विभाग को भेजा जाएगा। विभाग राजस्थान लोक सेवा आयोग नियम एवं विनियम 1963 और राजस्थान लोक सेवा आयोग विनियम एवं प्रक्रिया का सत्यापन अध्यादेश 1975 व अधिनियम 1976 में संशोधन का खाका तैयार करेगा। विधानसभा के आगामी सत्र में इसे पारित किया जा सकता है।
हुड्डा सरकार ने किया था हरियाणा PSC में संशोधन
राजस्थान में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में जिस तरह RPSC के पूर्व सदस्यों की भूमिका सामने आई है उसे देखते हुए अब सरकार पर इसके पुनर्गठन को लेकर दबाव बढ़ गया है। वर्ष 2008 में हरियाणा की भूपेंद्र हुड्डा सरकार ने हरियाणा लोक सेवा आयोग के सदस्यों की संख्या 8 से बढ़ाकर 12 की थी। इसके बाद 2015 में मनोहर लाल खट्टर सरकार ने आयोग में सदस्यों की संख्या फिर से बढ़ाकर 8 कर दी थी। इसमें अध्यक्ष का पद भी शामिल है।