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Anta by-election 2025: अंता विधानसभा सीट पर 11 नवंबर को मतदान, 14 को नतीजे; कांटे की टक्कर के आसार
Mon, 06 Oct 2025 04:59 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Mon, 06 Oct 2025 04:59 PM IST
सार
राजस्थान की अंता विधानसभा में 11 नवंबर को उपचुनाव होगा। बारां जिले की अंता विधानसभा सीट बीजेपी विधायक कंवरलाल मीणा की सदस्यता रद्द होने के बाद खाली हुई थी।
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अंता विधानसभा उपचुनाव 2025
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान के बारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तारीख तय हो गई है। इस सीट के लिए 11 नवंबर को मतदान और 14 नवंबर को मतगणना होगी। यह सीट पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा की विधायकी समाप्त होने के कारण खाली हुई थी। कंवरलाल को बीस साल पुराने एक मामले में राजस्थान हाईकोर्ट से सजा मिलने के बाद विधानसभा ने मई 2025 में उनकी सदस्यता रद्द कर दी।
नियमों के अनुसार, खाली हुई सीट पर छह महीने के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य होता है, इसलिए यह उपचुनाव निर्धारित समयसीमा के भीतर कराया जा रहा है। हालांकि एक चर्चा यह भी आ रही थी कि सरकार की तरफ से कंवरलाल मीणा की सजा कम करने का प्रस्ताव गवर्नर को बनाकर भेजा गया है। अगर उनकी सजा कम हो जाती है तो सीट पर उपचुनाव नहीं हों। लेकिन आज निर्वाचन आयोग ने यहां उप चुनाव की तारीखों का एलान कर सारे कयासों पर विराम लगा दिया है। 2023 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से बीजेपी के कंवरलाल मीणा ने कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया को हराया था। भाया हाड़ौती क्षेत्र में कांग्रेस के मजबूत चेहरों में गिने जाते हैं।
माना जा रहा है कि कांग्रेस इस बार भी प्रमोद जैन भाया पर भरोसा जता सकती है। कौन-कौन दावेदार वहीं, बीजेपी में टिकट के लिए कई दावेदार सामने आ रहे हैं। कंवरलाल मीणा फिर से मैदान में उतर सकते हैं या फिर पार्टी किसी नए चेहरे को मौका दे सकती है। इस बीच पूर्व छात्र नेता नरेश मीणा का नाम भी चर्चा में है। नरेश, प्रमोद भाया के कट्टर विरोधी माने जाते हैं। यदि कांग्रेस भाया को टिकट देती है, तो नरेश मीणा निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय और ज्यादा दिलचस्प हो सकता है। नरेश ने पिछले साल देवली-उनियारा उपचुनाव में भी निर्दलीय चुनाव लड़ा था, जहां कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। अंता सीट पर होने वाला यह उपचुनाव राजस्थान की राजनीति में कई समीकरण बदल सकता है और सभी दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।
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यह मौजूदा सरकार का 8वां उपचुनाव- अब तक 5 जीते
बीजेपी सरकार बनने के बाद 7 सीटों पर उपचुनाव हुए हैं, इनमें बीजेपी ने 7 में से 5 सीटें जीती हैं, जबकि कांग्रेस ने केवल एक सीट जीती। उपचुनावों में कांग्रेस और हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी को बड़ा नुकसान हुआ था। उपचुनावों से पहले 7 में से 4 सीट कांग्रेस के पास थी, उसके पास केवल एक सीट रह गई। पिछले साल खींवसर, देवली-उनियारा, झुंझुनूं, दौसा, चौरासी, रामगढ़ और सलूंबर सीटों पर उपचुनाव हुए। इनमें खींवसर, देवली-उनियारा, झुंझुनूं,रामगढ़ और सलूंबर सीटों पर बीजेपी जीती।
क्यों हो रहे हैं उपचुनाव?
कंवरलाल मीणा ने 2005 के उपसरपंच चुनाव के दौरान एसडीएम पर पिस्तौल तान दी थी। इसके अलावा उन पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा था। इस केस में मीणा को तीन साल की सजा चुनाई गई थी। मीणा सुप्रीम कोर्ट गए थे वहां पर अपील खारिज हो गई। इसके बाद मीणा ने मनोहर थाना कोर्ट में सरेंडर किया था। 1 मई 2025 को उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी।
यह भी पढ़ें- Jaipur SMS Hospital Fire : मृतकों के परिवार वालों की न्यायिक जांच की मांग,आठ की मौत पर शुरू हुई सियासत
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रारूप प्रकाशन के समय अंता विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,26,227 मतदाता दर्ज थे। इनमें 1,15,982 पुरुष, 1,10,241 महिला और 4 अन्य मतदाता शामिल थे। दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया 3 से 17 सितंबर तक चली और 25 सितंबर तक सभी का निस्तारण कर दिया गया। इसके बाद 1 अक्तूबर को जारी अंतिम मतदाता सूची में कुल 2,27,563 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 1,16,405 पुरुष, 1,11,154 महिला और 4 अन्य मतदाता शामिल हैं।
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नियमों के अनुसार, खाली हुई सीट पर छह महीने के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य होता है, इसलिए यह उपचुनाव निर्धारित समयसीमा के भीतर कराया जा रहा है। हालांकि एक चर्चा यह भी आ रही थी कि सरकार की तरफ से कंवरलाल मीणा की सजा कम करने का प्रस्ताव गवर्नर को बनाकर भेजा गया है। अगर उनकी सजा कम हो जाती है तो सीट पर उपचुनाव नहीं हों। लेकिन आज निर्वाचन आयोग ने यहां उप चुनाव की तारीखों का एलान कर सारे कयासों पर विराम लगा दिया है। 2023 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से बीजेपी के कंवरलाल मीणा ने कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया को हराया था। भाया हाड़ौती क्षेत्र में कांग्रेस के मजबूत चेहरों में गिने जाते हैं।
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माना जा रहा है कि कांग्रेस इस बार भी प्रमोद जैन भाया पर भरोसा जता सकती है। कौन-कौन दावेदार वहीं, बीजेपी में टिकट के लिए कई दावेदार सामने आ रहे हैं। कंवरलाल मीणा फिर से मैदान में उतर सकते हैं या फिर पार्टी किसी नए चेहरे को मौका दे सकती है। इस बीच पूर्व छात्र नेता नरेश मीणा का नाम भी चर्चा में है। नरेश, प्रमोद भाया के कट्टर विरोधी माने जाते हैं। यदि कांग्रेस भाया को टिकट देती है, तो नरेश मीणा निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय और ज्यादा दिलचस्प हो सकता है। नरेश ने पिछले साल देवली-उनियारा उपचुनाव में भी निर्दलीय चुनाव लड़ा था, जहां कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। अंता सीट पर होने वाला यह उपचुनाव राजस्थान की राजनीति में कई समीकरण बदल सकता है और सभी दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।
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यह मौजूदा सरकार का 8वां उपचुनाव- अब तक 5 जीते
बीजेपी सरकार बनने के बाद 7 सीटों पर उपचुनाव हुए हैं, इनमें बीजेपी ने 7 में से 5 सीटें जीती हैं, जबकि कांग्रेस ने केवल एक सीट जीती। उपचुनावों में कांग्रेस और हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी को बड़ा नुकसान हुआ था। उपचुनावों से पहले 7 में से 4 सीट कांग्रेस के पास थी, उसके पास केवल एक सीट रह गई। पिछले साल खींवसर, देवली-उनियारा, झुंझुनूं, दौसा, चौरासी, रामगढ़ और सलूंबर सीटों पर उपचुनाव हुए। इनमें खींवसर, देवली-उनियारा, झुंझुनूं,रामगढ़ और सलूंबर सीटों पर बीजेपी जीती।
क्यों हो रहे हैं उपचुनाव?
कंवरलाल मीणा ने 2005 के उपसरपंच चुनाव के दौरान एसडीएम पर पिस्तौल तान दी थी। इसके अलावा उन पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा था। इस केस में मीणा को तीन साल की सजा चुनाई गई थी। मीणा सुप्रीम कोर्ट गए थे वहां पर अपील खारिज हो गई। इसके बाद मीणा ने मनोहर थाना कोर्ट में सरेंडर किया था। 1 मई 2025 को उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी।
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जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रारूप प्रकाशन के समय अंता विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,26,227 मतदाता दर्ज थे। इनमें 1,15,982 पुरुष, 1,10,241 महिला और 4 अन्य मतदाता शामिल थे। दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया 3 से 17 सितंबर तक चली और 25 सितंबर तक सभी का निस्तारण कर दिया गया। इसके बाद 1 अक्तूबर को जारी अंतिम मतदाता सूची में कुल 2,27,563 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 1,16,405 पुरुष, 1,11,154 महिला और 4 अन्य मतदाता शामिल हैं।