{"_id":"68b11197239d51ddec0ad9fa","slug":"rajasthan-healthcare-news-govt-ensures-smooth-functioning-of-rghs-amidst-reforms-2025-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan Healthcare News : सरकार का बड़ा ऐलान, RGHS में होगा बदलाव, मंत्री बोले- फुल प्रूफ सिस्टम लाएंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan Healthcare News : सरकार का बड़ा ऐलान, RGHS में होगा बदलाव, मंत्री बोले- फुल प्रूफ सिस्टम लाएंगे
Fri, 29 Aug 2025 08:04 AM IST
सौरभ भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: सौरभ भट्ट
Updated Fri, 29 Aug 2025 08:04 AM IST
सार
राजस्थान सरकार आरजीएचएस में कुछ अहम बदलाव करने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का कहना है कि हम इस सिस्टम को फुल प्रूफ बनाएंगे।
विज्ञापन
आरजीएचएस एंटी फ्रॉड यूनिट
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान सरकार पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम में अहम बदलाव करने जा रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि सरकार इस योजना को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए फुल-प्रूफ सिस्टम विकसित कर रही है, ताकि लाभार्थियों को समय पर और बाधारहित उपचार मिल सके। योजनान्तर्गत क्लेम यूनिट व क्लेम रिव्यू कमेटी का हाल ही में गठन किया गया है, जिनके द्वारा कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसी प्रकार आरजीएचएस में एंटी फ्रॉड यूनिट का गठन किया गया है, जो गड़बड़ियों की जांच व अनियमितताओं के विरुद्ध कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि यह देखने में आया है कि कुछ ऐसे अस्पताल जिन्होंने योजना में अनियमितताएं की हैं और उनकी जांच एवं ऑडिट चल रही है, वे अनुचित दबाव बनाकर भुगतान प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं और योजना के संचालन को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। ऐसे अस्पतालों का चिन्हीकरण कर उनके विरुद्व सख्त एक्शन लिया जाएगा।
यह भी पढ़ें- SI Recruitment 2021: किरोड़ी-हनुमान भिड़े, जुबानी जंग से लेकर गाली-गलौज तक हुई, धमकी और आरोप का ऑडियो वायरल
प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि गुरुवार को प्रदेश के लगभग 350 निजी अस्पतालों ने योजना के तहत ओपीडी, डे केयर और आईपीडी सेवाएं सुचारु रूप से दीं। साथ ही राजकीय चिकित्सा संस्थानों में भी आरजीएचएस के अंतर्गत सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। पिछले 4 दिनों में करीब 38 हजार मरीजों को इस योजना के तहत इलाज मिला। राजस्थान स्टेट हेल्थ इंश्योरेंस एजेंसी के सीईओ हरजीलाल अटल ने कहा कि जिन अस्पतालों ने फिलहाल सेवाएं रोकी हैं, उनसे निरंतर संवाद किया जा रहा है और योजना में आवश्यक बदलाव की प्रक्रिया जारी है। विभाग की प्राथमिकता योजना का निर्बाध, पारदर्शी और लाभकारी संचालन है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि आरजीएचएस में भुगतान से जुड़ी समस्याओं को लेकर निजी असपतालों ने इलाज करने से मना कर दिया था। दो माह पहले भी निजी अस्पतालों में योजना का कार्य बहिष्कार किया गया था। उसके बाद राजस्थान अलायन्स ऑफ हॉस्पिटल एसोसिएशन और चिकित्सा विभाग के बीच वार्ता के गतिरोध खत्म हुआ तो सरकार ने बकाया भुगतान करने का आश्वासन दिया लेकिन समय सीमा निकलने के बाद भी योजना के तहत भुगतान नहीं होने से अस्पताल संचालक दोबारा विरोध में उतर गए और बकाया भुगतान नहीं होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखने का निर्णय किया गया है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- SI Recruitment 2021: किरोड़ी-हनुमान भिड़े, जुबानी जंग से लेकर गाली-गलौज तक हुई, धमकी और आरोप का ऑडियो वायरल
विज्ञापन
प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि गुरुवार को प्रदेश के लगभग 350 निजी अस्पतालों ने योजना के तहत ओपीडी, डे केयर और आईपीडी सेवाएं सुचारु रूप से दीं। साथ ही राजकीय चिकित्सा संस्थानों में भी आरजीएचएस के अंतर्गत सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। पिछले 4 दिनों में करीब 38 हजार मरीजों को इस योजना के तहत इलाज मिला। राजस्थान स्टेट हेल्थ इंश्योरेंस एजेंसी के सीईओ हरजीलाल अटल ने कहा कि जिन अस्पतालों ने फिलहाल सेवाएं रोकी हैं, उनसे निरंतर संवाद किया जा रहा है और योजना में आवश्यक बदलाव की प्रक्रिया जारी है। विभाग की प्राथमिकता योजना का निर्बाध, पारदर्शी और लाभकारी संचालन है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि आरजीएचएस में भुगतान से जुड़ी समस्याओं को लेकर निजी असपतालों ने इलाज करने से मना कर दिया था। दो माह पहले भी निजी अस्पतालों में योजना का कार्य बहिष्कार किया गया था। उसके बाद राजस्थान अलायन्स ऑफ हॉस्पिटल एसोसिएशन और चिकित्सा विभाग के बीच वार्ता के गतिरोध खत्म हुआ तो सरकार ने बकाया भुगतान करने का आश्वासन दिया लेकिन समय सीमा निकलने के बाद भी योजना के तहत भुगतान नहीं होने से अस्पताल संचालक दोबारा विरोध में उतर गए और बकाया भुगतान नहीं होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखने का निर्णय किया गया है।