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Rajasthan: एकल पट्टा केस में मंत्री धारीवाल सहित इन लोगों को HC ने दी राहत, CBI जांच वापस लेने की दी परमिशन
Wed, 12 Jul 2023 07:20 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 12 Jul 2023 07:20 PM IST
सार
राजस्थान हाईकोर्ट ने एकल पट्टे के मामले में स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जीएस संधू, निष्काम दिवाकर और आरएएस अधिकारी ओंकार मल सैनी को राहत दी है। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता सुरेंद्र सिंह को सीबीआई जांच वाली याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी है।
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राजस्थान हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान में करीब 10 साल पहले जेडीए ने गणपति कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर शैलेंद्र गर्ग के नाम एकल पट्टा जारी किया था, जिसकी शिकायत रामशरण सिंह ने साल 2013 में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से की थी।
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एसीबी ने मामले की जांच करते हुए तात्कालिक एसीएस जीएस संधू, डिप्टी सेक्रेटरी निष्काम दिवाकर, जेडीए जोन उपायुक्त कमल सैनी, शैलेंद्र गर्ग और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर एसीबी कोर्ट में चालान पेश किया था। एकल पट्टा भी निरस्त कर दिया था। तब एसीबी ने स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल को पूछताछ के लिए बुलाया था, जिसके खिलाफ धारीवाल ने हाईकोर्ट ने याचिका दायर की थी।
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सरकार बदलने के बाद एसीबी ने कोर्ट में साल 2022 में क्लोजर रिपोर्ट पेश कर कहा कि जीएस सिंधु, निष्काम दिवाकर और कमल सैनी के खिलाफ मामला नहीं बनता है। इसके बाद एसीबी ने मामला बंद करने की एसीबी कोर्ट से मंजूरी भी प्राप्त कर ली थी। इसके बाद एसीबी ने चालान वापस लेने का प्रार्थना पत्र लगाया था, जिसे एसीबी कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
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इसकी अपील तीनों आरोपियों ने हाईकोर्ट में 12 जनवरी 2023 को की थी, जिसे हाईकोर्ट ने मंजूरी दे दी। इसके बाद परिवादी रामशरण सिंह की मृत्यु हो गई, लेकिन लगाई गई याचिका लंबित चल रही थी, जिसे वापस लेने के लिए उनके बेटे सुरेंद्र ने कोर्ट में अनुमति मांगी। इसका विरोध आरटीआई कार्यकर्ता अशोक पाठक ने किया था। लेकिन कोर्ट ने याचिका विदड्रॉ करने की अनुमति दे दी।