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Rajasthan News : दिग्गजों को सौंपी महाराष्ट्र की जिम्मेदारी, प्रदेश के उपचुनावों से दूर रहेंगे गहलोत और पायलट
Wed, 16 Oct 2024 05:29 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Wed, 16 Oct 2024 05:29 PM IST
सार
राजस्थान में उपचुनावों के ऐलान के साथ ही कांग्रेस ने प्रदेश के दो दिग्गज नेताओं को महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों की जिम्मेदारी थमा दी, ऐसे में प्रदेश के दोनों ही दिग्गज उपचुनाव के मैदान से दूर होंगे।
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राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश में उपचुनावों की घोषणा होने के साथ ही पूर्व सीएम अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को महाराष्ट्र में अलग-अलग संभागों का सीनियर ऑब्जर्वर बनाया गया है। इस बार प्रभारियों को निर्देश हैं कि सिर्फ चुनावी दौरे नहीं करने हैं बल्किवहां रहकर माइक्रो मैनेजमेंट करना होगा। ऐसे में दोनों ही दिग्गज प्रदेश के उपचुनावों से दूर ही रहने वाले हैं। हालांकि राजस्थान और महाराष्ट्र में चुनावों की तारीखें अलग-अलग हैं लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने हरियाणा चुनावों से सबक लेते हुए कहा है कि इस बार सिर्फ चुनावी दौरों से काम नहीं चलेगा, माइक्रो लेवल पर मैनेजमेंट देखना होगा।
गहलोत को मुंबई-कोंकण, पायलट को मराठवाड़ा
अशोक गहलोत को डॉ. जी. परमेश्वर के साथ मुंबई और कोंकण संभाग के सीनियर ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी दी गई है, वहीं सचिन पायलट को उत्तम कुमार रेड्डी के साथ मराठवाड़ा संभाग के सीनियर ऑब्जर्वर का जिम्मा दिया गया है। इससे पहले अशोक गहलोत हरियाणा विधानसभा चुनाव में सीनियर ऑब्जर्वर थे और पायलट को हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में स्टार प्रचारक बनाया गया था। दोनों को महाराष्ट्र में स्टार प्रचारक बनाया जाना भी तय माना जा रहा है।
प्रदेश में उपचुनाव के लिए 13 नवंबर को मतदान होना है, जबकि महाराष्ट्र में 20 नवंबर को वोटिंग होगी। यानी जब प्रदेश में उपचुनाव का प्रचार जोरों पर होगा, तब दोनों ही नेता महाराष्ट्र में पार्टी की रणनीति बनाने में व्यस्त रहेंगे।
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दोनों नेताओं को प्रदेश के उपचुनाव से दूर किए जाने को सियासी नजरिए से देखा जा रहा है। दरअसल जिन सात सीटों पर चुनाव होना हैं, उनमें से झुंझुनू, देवली-उनियारा और दौसा सीधे तौर पर पायलट गुट से जुड़ी हैं। वहीं गहलोत चूंकि पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम हैं, इसलिए उपचुनाव में उनकी यहां मौजूदगी पार्टी के लिए अहम हो सकती थी।
डोटासरा-जूली को मिलेगा मौका
अब गहलोत और पायलट के महाराष्ट्र में सक्रिय होने से यहां प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को इस चुनाव में खुलकर अपनी नेतृतव क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा। दोनों हालांकि पार्टी में निर्णायक पदों पर हैं, लेकिन अब इस चुनाव में पूरा कैम्पेन इन्हीं दोनों नेताओ के हाथ में रहेगा। हालांकि डोटासरा ने इस मामले में पूछे गए सवाल पर कहा कि दोनों दिग्गजों की राजस्थान के उपचुनावों में भी पूरी भूमिका रहेगी।
प्रदेश में सीटवार प्रभारी नियुक्त किए
कांग्रेस ने मंगलवार को चुनाव तारीख के ऐलान से पहले सातों विधानसभा सीटों पर प्रभारी सचिवों को नियुक्त कर दिया है। इसके तहत चिंरजीवी राव को झुंझुनू, खींवसर और रामगढ़ विधानसभा सीट, ऋत्विक मकवाना को सलूंबर और चौरासी तथा पूनम पासवान को दौसा व देवली-उनियारा विधानसभा सीट की जिम्मेदारी दी गई है।
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गहलोत को मुंबई-कोंकण, पायलट को मराठवाड़ा
अशोक गहलोत को डॉ. जी. परमेश्वर के साथ मुंबई और कोंकण संभाग के सीनियर ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी दी गई है, वहीं सचिन पायलट को उत्तम कुमार रेड्डी के साथ मराठवाड़ा संभाग के सीनियर ऑब्जर्वर का जिम्मा दिया गया है। इससे पहले अशोक गहलोत हरियाणा विधानसभा चुनाव में सीनियर ऑब्जर्वर थे और पायलट को हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में स्टार प्रचारक बनाया गया था। दोनों को महाराष्ट्र में स्टार प्रचारक बनाया जाना भी तय माना जा रहा है।
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प्रदेश में उपचुनाव के लिए 13 नवंबर को मतदान होना है, जबकि महाराष्ट्र में 20 नवंबर को वोटिंग होगी। यानी जब प्रदेश में उपचुनाव का प्रचार जोरों पर होगा, तब दोनों ही नेता महाराष्ट्र में पार्टी की रणनीति बनाने में व्यस्त रहेंगे।
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दोनों नेताओं को प्रदेश के उपचुनाव से दूर किए जाने को सियासी नजरिए से देखा जा रहा है। दरअसल जिन सात सीटों पर चुनाव होना हैं, उनमें से झुंझुनू, देवली-उनियारा और दौसा सीधे तौर पर पायलट गुट से जुड़ी हैं। वहीं गहलोत चूंकि पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम हैं, इसलिए उपचुनाव में उनकी यहां मौजूदगी पार्टी के लिए अहम हो सकती थी।
डोटासरा-जूली को मिलेगा मौका
अब गहलोत और पायलट के महाराष्ट्र में सक्रिय होने से यहां प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को इस चुनाव में खुलकर अपनी नेतृतव क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा। दोनों हालांकि पार्टी में निर्णायक पदों पर हैं, लेकिन अब इस चुनाव में पूरा कैम्पेन इन्हीं दोनों नेताओ के हाथ में रहेगा। हालांकि डोटासरा ने इस मामले में पूछे गए सवाल पर कहा कि दोनों दिग्गजों की राजस्थान के उपचुनावों में भी पूरी भूमिका रहेगी।
प्रदेश में सीटवार प्रभारी नियुक्त किए
कांग्रेस ने मंगलवार को चुनाव तारीख के ऐलान से पहले सातों विधानसभा सीटों पर प्रभारी सचिवों को नियुक्त कर दिया है। इसके तहत चिंरजीवी राव को झुंझुनू, खींवसर और रामगढ़ विधानसभा सीट, ऋत्विक मकवाना को सलूंबर और चौरासी तथा पूनम पासवान को दौसा व देवली-उनियारा विधानसभा सीट की जिम्मेदारी दी गई है।