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Rajasthan Election 2023: राजस्थान के चुनाव में ये थे तीन बड़े प्रयोग, जमीन पर कितना दिखा असर

Mon, 27 Nov 2023 05:32 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Mon, 27 Nov 2023 05:32 PM IST
सार

Rajasthan Election 2023: राजस्थान में विधानसभा चुनाव की 199 सीटों पर वोटिंग हो गई है। चुनाव आयोग के मुताबिक, राज्य में कुल 74.96 प्रतिशत वोटिंग हुई है। राज्य में शनिवार को 74.13 प्रतिशत वोटिंग हुई, जबकि 0.83 प्रतिशत वोटिंग डाक मतपत्र और घरेलू मतदान के जरिए हुई है। वहीं, चुनाव में तीन बड़े प्रयोग किए गए, जानिए इन प्रयोगों का जमीन पर कितना असर दिखा।

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Rajasthan Election 2023 What was the effect of these three big experiments in Rajasthan elections
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान के चुनाव में इस बार तीन प्रयोगों की सबसे ज्यादा चर्चा रही। बीजेपी ने सांसदों को उतारा और दूसरा प्रयोग भगवा ब्रांड का रहा। सत्तारूढ़ कांग्रेस ने कर्नाटक की तर्ज पर गारंटी आगे रखी और जातिगत जनगणना का मुद्दा भी उठाया।

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हालांकि, अभी निश्चित तौर पर कुछ कहना मुश्किल है। लेकिन माना जा रहा है कि जिन उम्मीदों से दोनों दलों ने यह प्रयोग किए थे, वे उम्मीदें शायद ही पूरी हों।
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कौन से थे तीन प्रयोग

  • बीजेपी की ओर से सांसदों को मैदान में उतारना
  • बीजेपी की ओर से चार सीटों पर संतों को टिकट दिया जाना
  • कांग्रेस की ओर से महिला वोटरों के लिए मोबाइल बांटने से लेकर सिलेण्डर की कीमत कम करना, दस हजार रुपये प्रतिवर्ष देने जैसी घोषणाएं करना
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पहले बात सांसदों की
बीजेपी ने एक राज्यसभा सांसद सहित सात सांसदों को टिकट दिए। वोटिंग प्रतिशत बताता है कि सात में से छह सीटों पर वोटिंग प्रतिशत बढ़ा। लेकिन तिजारा को छोड़कर बाकी जगह बढ़ोतरी बहुत मामूली है। इन सात में से पांच सीटें वह हैं, जहां बीजेपी पिछले तीन चुनाव से हार रही है। ऐसे में पार्टी ने एक बडा दांव खेलते हुए सांसदों को मैदान में उतारा, लेकिन वोटिंग प्रतिशत बता रहा है कि इसका बहुत ज्यादा असर नहीं है। आइए देखते हैं सीटवार स्थिति...


किशनगढ़ विधानसभा सीट
इस सीट पर बीजेपी ने सांसद भागीरथ चौधरी को मैदान में उतारा और उनका मुकाबला बीजेपी से ही बागी होकर कांग्रेस में गए विकास चौधरी से था। यहां वोटिंग प्रतिशत में 2.05 प्रतिशत का अंतर है। इसे बीजेपी प्रत्याशी के कद को देखते हुए बहुत ज्यादा नहीं माना जा सकता, क्योंकि उनके सामने एक दलबदलू प्रत्याशी मैदान में था।
पिछली बार- 74.16 फीसदी वोटिंग
इस बार- 76.21 फीसदी वोटिंग



तिजारा विधानसभा सीट
राजस्थान के अलवर जिले की इस सीट पर मतदान 4.03 प्रतिशत बढ़ा है, जो सांसदों की सीट पर सबसे ज्यादा है। लेकिन इसका एक बड़ा कारण यहां धार्मिक आधार पर वोटों का ध्रुवीकरण माना जा रहा है। यहां से बीजेपी ने हिन्दुत्ववादी चेहरे बाबा बालकनाथ को चुनाव मैदान में उतारा है और उनके सामने मुस्लिम प्रत्याशी इमरान खान चुनाव मैदान में हैं।
पिछली बार- 82.08 फीसदी वोटिंग
इस बार- 86.11 फीसदी वोटिंग

सवाई माधोपुर विधानसभा सीट
इस सीट पर वोटिंग प्रतिशत पिछली बार के मुकाबले 2.31 प्रतिशत बढ़ा है। यहां से बीजेपी के सबसे चर्चित नेताओं में से एक किरोड़ीलाल मीणा मैदान में थे और मुकाबला भी त्रिकोणीय हो गया था। इसके बावजूद वोटिंग प्रतिशत में बहुत उल्लेखनीय बढ़ोतरी नहीं होना बता रहा है कि मुकाबला कड़ा हो सकता है।
पिछली बार- 68.63 फीसदी वोटिंग
इस बार- 70.94 फीसदी वोटिंग

सांचौर विधानसभा सीट
इस सीट पर वोटिंग प्रतिशत पिछली बार के मुकाबले सिर्फ 0.15 प्रतिशत बढ़ा है। जबकि यहां से बीजेपी ने जालौर से तीन बार के सांसद देवजी पटेल को मैदान में उतारा था और उनके सामने सरकार के मंत्री सुखराम विश्नोई थे। मंत्री के साथ अक्सर एंटी इनकम्बेंसी का असर रहता है, लेकिन इसके बाद भी वोटिंग प्रतिशत में बहुत मामूली बढ़ोतरी हुई है।
पिछली बार- 80.76 फीसदी वोटिंग
इस बार- 80.91 फीसदी वोटिंग



विद्याधर नगर विधानसभा सीट
जयपुर शहर की इस सीट मतदान सिर्फ 2.73 प्रतिशत बढ़ा है। जबकि यहां बीजेपी ने सांसद दीया कुमारी जैसा चेहरा मैदान में उतारा था। दीया कुमारी जयपुर के पूर्व राजपरिवार की बेटी हैं। यहां माहौल को देखते हुए बहुत अच्छी वोटिंग की सम्भावना व्यक्त की जा रही थी।
पिछली बार- 69.82 फीसदी वोटिंग
इस बार- 72.55 फीसदी वोटिंग

मंडावा विधानसभा सीट
झुंझुनूं जिले की इस सीट पर वोटिंग प्रतिशत में सिर्फ 0.77 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। यहां से बीजेपी ने सांसद नरेंद्र कुमार को मैदान में उतारा था, जो पिछली बार जीत तो गए थे, लेकिन बाद में सांसद बना दिए गए थे। उनका मुकाबला कांग्रेस की रीटा चौधरी से था, जो उपचुनाव में जीत कर विधायक बन गई थीं। वोटिंग प्रतिशत का अंतर बता रहा है, यहां भी बीजेपी के प्रयोग को लेकर बहुत ज्यादा उत्साह नहीं था।
पिछली बार- 73.20 फीसदी वोटिंग
इस बार- 73.97 फीसदी वोटिंग

झोटवाड़ा विधानसभा सीट
जयपुर जिले की इस सीट पर पिछली बार के मुकाबले वोटिंग प्रतिशत 0.45 प्रतिशत कम हो गया है और यह चौंकाने वाली स्थिति इसलिए है कि यहां से बीजेपी ने जयपुर ग्रामीण से सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को मैदान में उतारा था। वहीं, कांग्रेस की ओर से एक बिल्कुल नया चेहरा अभिषेक चौधरी को टिकट दिया था। लेकिन इसके बावजूद वोटिंग प्रतिशत कम होना चौंका रहा है।
पिछली बार- 72.97 वोटिंग प्रतिशत
इस बार- 71.52 वोटिंग प्रतिशत

संतों की सीटें
दूसरा प्रयोग था बीजेपी की ओर से चार संतों को मैदान में उतारना। इन चार सीटों में पोलिंग तो अच्छी हुई है, लेकिन पिछली बार के मुकाबले वोटिंग प्रतिशत में अच्छी बढ़ोतरी दो ही सीटों पर है। जबकि बीजेपी ने हिन्दुत्व का कार्ड जमकर खेला था।

हवामहल विधानसभा सीट
जयपुर शहर की इस मुस्लिम बाहुल्य मतदाताओं वाली सीट पर वोटिंग प्रतिशत पिछली बार के मुकाबले 3.64 प्रतिशत बढ़ा है। इस सीट पर बीजेपी ने महंत बाल मुकुंदाचार्य को टिकट दिया था। उनके सामने कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ता और जयपुर जिला अध्यक्ष आरआर तिवारी मैदान में थे। सीट पर धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण देखने को मिला है और नतीजे रोचक हो सकते हैं।
पिछली बार- 72.66 फीसदी वोटिंग
इस बार- 76.30 फीसदी वोटिंग

तिजारा विधानसभा सीट
मेव मुस्लिम बाहुल्य मतदाताओं वाली इस सीट पर वोटिंग प्रतिशत 4.03 प्रतिशत बढ़ा है। यहां से सांसद बाबा बालकनाथ का मुकाबला कांग्रेस के इमरान खान से था। इस सीट पर वोटिंग प्रतिशत बढ़ने का कारण धार्मिक ध्रुवीकरण को माना जा रहा है।

पिछली बार- 82.08 फीसदी वोटिंग
इस बार- 86.11 फीसदी वोटिंग

पोकरण विधानसभा सीट
जैसलमेर जिले की इस सीट पर वोटिंग प्रतिशत सिर्फ 0.29 प्रतिशत बढ़ा है। यहां से बीजेपी ने महंत प्रतापपुरी और कांग्रेस ने मंत्री सालेह मोहम्मद को टिकट दिए थे। पिछली बार भी यही दोनों चुनाव मैदान में थे, फिर भी वोटिंग प्रतिशत में मामूली बढ़ोतरी मतदाता की उदासीनता को दिखा रही है।
पिछली बार- 87.50 फीसदी वोटिंग
इस बार- 87.79 फीसदी वोटिंग

सिरोही विधानसभा सीट
इस सीट पर वोटिंग प्रतिशत 0.25 प्रतिशत बढ़ा है। यहां भी मामूली बढ़ोतरी हुई है। यहां से बीजेपी ने देवासी समाज के संत ओटाराम देवासी को टिकट दिया था, जबकि कांग्रेस ने यहां से निर्दलीय विधायक बने संयम लोढा को मैदान में उतारा था।
पिछली बार- 65.76 फीसदी वोटिंग
इस बार- 66.01 फीसदी वोटिंग

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