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Rajasthan Election: जांच में राजस्थान के 2,605 में से 240 प्रत्याशियों के नामांकन खारिज; 9 नवंबर तक नाम वापसी
Wed, 08 Nov 2023 10:12 AM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Wed, 08 Nov 2023 10:12 AM IST
सार
Rajasthan Assembly Election 2023: विधानसभा चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच के बाद प्रदेश की 200 विधानसभा सीटों पर 240 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए हैं। ऐसे में अब चुनाव मैदान में प्रत्याशियों की संख्या 2,605 से घटकर 2,365 रह गई है। इसी के साथ अब नाम वापसी का सिलसिला भी शुरू होगा। कल यानी गुरुवार नौ नवंबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।
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राजस्थान विधानसभा चुनाव।
- फोटो : Amar Ujala Digital
विस्तार
राजस्थान के विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के नामांकन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सोमवार छह नवंबर को नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन था। इसके बाद मंगलवार सात नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच की गई। प्रदेश में 2,605 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए थे। इनमें से 240 प्रत्याशियों के नामांकन खारिज हो गए हैं यानी यह चुनाव मैदान से बाहर हो गए हैं।
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सबसे ज्यादा नामांकन पत्र जयपुर शहर के आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र से खारिज हुए हैं। यहां 31 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे, लेकिन अब 22 रह गए हैं। वहीं, प्रदेश के दो सौ विधानसभा क्षेत्र में से 77 ऐसे हैं, जहां एक भी प्रत्याशी का नामांकन पत्र खारिज नहीं हुआ। नामांकन पत्र खारिज होने वालों में कोई बड़ा नाम अभी तक सामने नहीं आया है।
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अब नाम वापसी पर नजर
नामांकन पत्रों की जांच के बाद अब आज से नाम वापसी का सिलसिला शुरू होगा। नामांकन दाखिल करने वाले प्रत्याशी अगर चुनाव नहीं लड़ना चाहते तो कल यानी नौ नवंबर तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच ही मुख्य तौर पर मुकाबला दिख रहा है। ऐसे में दोनों ही दलों के नेता अलग-अलग सीटों पर बागियों को मनाने में जुटे हुए हैं।
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दोनों दल 50 से ज्यादा सीटों पर बगावत झेल रहे हैं। इन्हें मनाने के लिए दोनों ही दलों के बड़े नेता जी जान से जुटे हुए हैं। कांग्रेस में खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत केंद्रीय नेता मुकुल वासनिक और प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा यह काम देख रहे हैं। वहीं, भाजपा में मुख्य तौर पर केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नारायण पंचारिया इस काम में जुटे हुए हैं।