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Rajasthan Congress Crisis: 'CM तो मैं भी नहीं बन पाया था, लेकिन पायलट को छोटी सी उम्र में बहुत कुछ मिला'
Mon, 10 Apr 2023 07:58 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 10 Apr 2023 07:58 PM IST
सार
सचिन पायलट ने मंगलवार को जयपुर में शहीद स्मारक पर अनशन करने की घोषणा कर कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को फिर सतह पर ला दिया है। पायलट की घोषणा के बाद राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा डैमेज कंट्रोल में लगे हैं, लेकिन पायलट अनशन पर अड़े हैं।
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सुखजिंदर सिंह रंधावा और सचिन पायलट
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा राजस्थान की राजनीति में डैमेज कंट्रोल में लगे हैं, लेकिन पायलट अनशन पर अड़े हैं। सुखजिंदर सिंह रंधावा ने एक समाचार पत्र को दिए इंटरव्यू में कहा, मुख्यमंत्री तो मैं भी नहीं बन पाया, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि पार्टी छोड़कर चले जाएं। सचिन पायलट सवा साल डिप्टी सीएम रहे, तब करप्शन का मुद्दा क्यों नहीं उठाया? मेरे से मुलाकात में कभी उन्होंने करप्शन पर बात नहीं की। पार्टी प्लेटफार्म पर बात करने की जगह सीधे अनशन पर बैठना गलत है।
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सचिन पायलट ने बीजेपी राज में हुए करप्शन पर एक्शन नहीं होने का मुद्दा उठाकर अनशन करने की घोषणा की है। डैमेज कंट्रोल करेंगे या एक्शन लेंगे? इस सवाल पर रंधावा ने कहा, पायलट ने मुझसे कभी इस मामले में कभी बात ही नहीं की। मैं जब भी आता हूं, उनसे बात होती है। मिलते हैं, लेकिन कभी जिक्र तक नहीं किया। पायलट खुद डिप्टी सीएम रहे। उस वक्त उन्होंने यह बात क्यों नहीं उठाई? अनशन करने से पहले उन्हें मेरे सामने तो यह मुद्दा रखना चाहिए था। मैं सीएम से बात करता, फिर भी समाधान नहीं होता तो वे अनशन करते। तब बात समझ आती। पार्टी प्लेटफार्म पर बात रखने की जगह सीधे अनशन पर बैठना गलत है। पायलट को जब करप्शन पर बोलना ही था तो असेंबली में बोल सकते थे। वहां बात रिकॉर्ड पर भी आ जाती। सीएम को असेंबली में जवाब भी देना पड़ता। अनशन पर बैठने के फैसले से पहले पार्टी प्लेटफार्म पर बात रखनी चाहिए थी।
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प्रदेश प्रभारी के नाते आप क्या कर रहे हैं? क्या पायलट को मनाने की कोशिश की? इस सवाल के जवाब में राजस्थान प्रभारी ने कहा, मैं कल जयपुर आ रहा हूं। मैं पहले पायलट के सीएम को लिखे लेटर्स को भी देखूंगा। उनका सीएम ने जवाब क्यों नहीं दिया, इसे भी देखूंगा। पूरे मामले में बात भी की जाएगी। मैं जैसा कि पहले कह चुका हूं, सड़क पर किसी मुद्दे का समाधान नहीं होता है। बातचीत से ही समाधान होता है। लेटर वाले इश्यू को देखा जाएगा। फिलहाल मेरी पायलट से बात नहीं हुई है। जयपुर आने के बाद पूरे मामले को देखेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सीधे अनशन की घोषणा ही कर दी तो क्या बात करते।
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पायलट ने सीएम को घेरा है, इस नए क्राइसिस पर पार्टी क्या करेगी? इसके जवाब में रंधावा ने कहा, करप्शन के खिलाफ सरकार काम कर रही है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह के खिलाफ संजीवनी मामले में केस दर्ज कर जांच की है। कौन कहता है कि करप्शन के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते। अब संजीवनी का मामला सीबीआई को देने की मांग गजेंद्र सिंह ओर बीजेपी वाले कर रहे हैं। क्यों दे दें सीबीआई को जब राजस्थान की एजेंसियां प्रभावी तरीके से जांच कर रही हैं।
और क्या कहा रंधावा ने...
- भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी कांग्रेस लड़ाई लड़ रही है। हमारे नेता राहुल गांधी को भी भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाने पर ही सजा मिल रही है। भ्रष्टाचार के खिलाफ बात करना तो पायलट का अधिकार है। मैं उसके खिलाफ नहीं हूं, लेकिन पहले मुझसे बात करते। सीधे अनशन पर बैठना गलत है।
- मैं जब भी जयपुर आता हूं, हर बार सचिन पायलट को फोन करता हूं। उनके घर जाकर मिलता हूं, बात करता हूं। कम से कम मुझसे तो इसका जिक्र करना चाहिए था। मेरे से पायलट इस मुद्दे पर बात करते और मैं कन्विंस हो जाता तो हो सकता है मैं भी उनका साथ देता।
- इस वक्त पर जब कांग्रेस में क्राइसिस चल रहा है, राहुल गांधी केंद्र के करप्शन के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने अभियान छेड़ रखा है। ऐसे वक्त में पायलट को विवाद नहीं करना चाहिए। इससे राहुल गांधी ने जो मुद्दा उठा रखा है, उससे ध्यान हटेगा।
- सचिन पायलट फ्यूचर लीडर हैं, उनमें संभावनाएं हैं। इतनी सी छोटी उम्र में सचिन पायलट को पार्टी ने क्या-क्या नहीं दिया? केंद्रीय मंत्री, पीसीसी चीफ और डिप्टी सीएम जैसे पद दिए हैं। पायलट के पास उम्र है।
- हमारे जैसे लोगों को तो इनकी तुलना में बहुत कम मिला है। पंजाब में जब अमरिंदर सिंह को हटाया, तब मेरा नाम सीएम के तौर पर तय हो गया था, लेकिन नहीं बन पाया। इसका मतलब यह थोड़ी न है कि मैं कांग्रेस छोड़ दूं। पायलट को इतनी कम उम्र में बहुत कुछ मिला है।
- इनकी उम्र में तो हम जैसे लोगों को कुछ नहीं मिला था। आज भी बहुत से नेता हैं, जिन्हें नहीं मिला। पंजाब में जब हमने अमरिंदर सिंह को सीएम पद से हटाया तो हमारे पास नंबर थे। हमने अपने नंबर पूरे करके बात की थी।
- सरकार की योजनाओं का बहुत जोरदार असर है। हम योजनाओं को चुनावी मुद्दा बना रहे हैं। राजस्थान सरकार की योजनाओं का संगठन भी प्रचार-प्रसार करेगा। राजनीतिक मुद्दों का हल राजनीतिक तरीके से होता है। हम जिला लेवल तक जाकर सरकार के कामों का प्रचार करेंगे, संगठन इस काम में लगेगा। हम डैमेज कंट्रोल भी करेंगे।
- राजनीति में गुंजाइश तो हमेशा बनी ही रहती है। यहां कोई परमानेंट दोस्त या दुश्मन नहीं होता। मुद्दों की लड़ाई होती है। इधर, सचिन पायलट ने सोमवार को एक ट्वीट में राजस्थान के स्वाभिमान की बात कर सियासी चर्चा छेड़ दी है।