राजस्थान निकाय चुनाव: आज दूसरे चरण की वोटिंग, 87 लाख वोटर,18,266 प्रत्याशी...जानिए 6 बड़े शहरों का पूरा गणित ?
राजस्थान निकाय चुनाव के दूसरे चरण में आज 87 लाख से ज्यादा मतदाता 18,266 प्रत्याशियों की किस्मत तय करेंगे। जयपुर समेत छह बड़े शहरों में मतदान होगा।
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राजस्थान में शहरी निकाय चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए शुक्रवार को मतदान होगा। 147 निकायों के 4,774 वार्डों में 87.60 लाख से ज्यादा मतदाता 18,266 प्रत्याशियों के चुनावी भविष्य का फैसला करेंगे। इनमें जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर और पाली जैसे छह बड़े शहरों की नगर निगम भी शामिल हैं।
मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। दूसरे चरण में कुल 9,758 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार 87,60,884 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। छह नगर निगमों में ही बड़ी संख्या में मतदाता हैं और अकेले जयपुर में 150 वार्डों के लिए 24.33 लाख से ज्यादा वोटर मतदान करेंगे।
जयपुर में 723 प्रत्याशी मैदान में
राजधानी जयपुर में 150 वार्डों के लिए 723 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। यहां 2,256 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे। इनमें 2,204 मुख्य और 52 सहायक मतदान केंद्र हैं। जोधपुर में 100 वार्डों के लिए 7.12 लाख, कोटा में 100 वार्डों के लिए 8.26 लाख मतदाता हैं। वहीं अजमेर में 80 वार्डों में 4.38 लाख, उदयपुर में 80 वार्डों में 4.16 लाख और पाली में 65 वार्डों में 1.81 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
संख्या में छोटा, लेकिन सियासत में बड़ा चरण
दूसरे चरण में पहले चरण की तुलना में निकायों और वार्डों की संख्या कम है, लेकिन राजनीतिक लिहाज से इसे ज्यादा अहम माना जा रहा है। वजह है कि इस चरण में प्रदेश के बड़े शहरी केंद्र शामिल हैं। इन शहरों के नतीजे भाजपा और कांग्रेस के शहरी वोट बैंक, संगठन की पकड़ और स्थानीय नेतृत्व की ताकत का संकेत दे सकते हैं।
भाजपा ने चुनाव प्रचार में सरकार के कामकाज और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सक्रियता को प्रमुखता दी। मुख्यमंत्री ने जयपुर में रोड शो किए, जबकि पार्टी संगठन ने प्रत्याशियों के पक्ष में वोट जुटाने के लिए पूरी ताकत लगाई।
दूसरी ओर कांग्रेस को सरकार के खिलाफ नाराजगी और स्थानीय स्तर पर भाजपा से असंतुष्ट नेताओं की चुनौती से उम्मीद है। कई वार्डों में निर्दलीय और बागी प्रत्याशी मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं। ऐसे में बोर्ड गठन के दौरान निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
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छह बड़े शहरों में दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर
दूसरे चरण के छह नगर निगमों में कई बड़े नेताओं की सियासी प्रतिष्ठा भी जुड़ी है। जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लिए राजधानी का शहरी चुनाव सरकार के प्रति मतदाताओं के रुख का संकेत माना जा रहा है।
जोधपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रभाव और कांग्रेस की पकड़ की परीक्षा है। कोटा में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ भाजपा और कांग्रेस के स्थानीय दिग्गजों की साख जुड़ी है। अजमेर में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी जैसे नेताओं के प्रभाव का भी परीक्षण होगा।
अजमेर मध्य राजस्थान में बीजेपी का पिछले 36 वर्षों से गढ़ रहा है। केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी, कैबिनेट मंत्री सुरेश रावत, दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री ओंकार सिंह लगावत यहीं से आते हैं।
9 सितंबर को हुआ था पहला चरण
निकाय चुनाव का पहला चरण 9 सितंबर को 162 निकायों में हुआ था। इसमें 5,393 वार्डों के लिए 20,623 प्रत्याशी मैदान में थे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पहले चरण में 57.52 लाख मतदाताओं में से 41 लाख से ज्यादा ने मतदान किया और मतदान प्रतिशत 76.41 रहा।
दूसरे चरण के लिए मतदान दल और चुनाव सामग्री गुरुवार को निर्धारित केंद्रों से रवाना की गई। जयपुर में मतदान दलों को सीकर रोड स्थित श्री भवानी निकेतन कॉलेज से रवाना किया गया।
14 सितंबर को आएंगे पार्षदों के नतीजे
दोनों चरणों में हुए पार्षद चुनाव की मतगणना 14 सितंबर को सुबह 8 बजे से होगी। इसके बाद 21 सितंबर को महापौर और सभापति का चुनाव होगा। 22 सितंबर को उपमहापौर, उपसभापति और नगर पालिका उपाध्यक्ष के चुनाव होंगे। यानी शुक्रवार का मतदान सिर्फ पार्षद चुनने तक सीमित नहीं है। इसके नतीजे आने वाले दिनों में छह बड़े शहरों समेत प्रदेश के कई शहरी निकायों में सत्ता के समीकरण भी तय करेंगे।