निकाय चुनाव: 1300 आवेदन, 150 टिकट; 3 विधानसभा क्षेत्रों में सहमति, 5 में पेंच... आज खुलेंगे कांग्रेस के पत्ते
जयपुर निकाय चुनाव में कांग्रेस के 150 वार्डों के लिए 1300 से अधिक आवेदन आए। तीन विधानसभा क्षेत्रों में सहमति बनी, जबकि पांच में पेंच है। आज अंतिम सूची सामने आएगी।
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बीजेपी में आज सुबह जयपुर नगर निगम के लिए प्रत्याशियों के नाम आने शुरू हो चुके हैं। अब कांग्रेस क्या करती है इस पर सभी की नजरे हैं। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का आज अंतिम दिन है, लेकिन जयपुर में कांग्रेस के भीतर टिकट को लेकर सियासी घमासान चल रहा है। पार्टी की आंतरिक कलह इस कदर गहरी है कि रविवार को करीब दो घंटे चली मैराथन बैठक के बावजूद 150 वार्डों में से आधे से ज्यादा पर सहमति नहीं बन सकी, जिससे संगठन के भीतर गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है।
वॉर रूम में मंथन, फिर भी नतीजा अधूरा
रविवार शाम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने जयपुर कांग्रेस प्रभारी रोहित बोहरा, विधायक अमीन कागजी, रफीक खान, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा के साथ वॉर रूम में बैठक की। इतने बड़े नेताओं के जुटने के बावजूद कई विधानसभाओं में टिकट बंटवारे को लेकर निर्णय नहीं हो सका। सूत्रों की मानें तो हर गुट अपने-अपने करीबियों को टिकट दिलाने की जिद पर अड़ा है, जिसके चलते फैसला टलता रहा।
कहां बनी सहमति, कहां फंसा पेंच
आदर्श नगर, सिविल लाइंस और किशनपोल में नामों पर सहमति बन गई लेकिन सांगानेर, बगरू, मालवीय नगर, हवा महल और विद्याधर नगर जैसे इलाकों में टिकट को लेकर खींचतान इस बात का इशारा है कि यहां गुटबाजी और स्थानीय दावेदारों के दबाव में पार्टी नेतृत्व फैसला लेने में हिचक रहा है।
भाजपा की चाल का इंतजार, या रणनीतिक बहानेबाजी?
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कांग्रेस की रणनीति को साफ करते हुए कहा कि पार्टी फिलहाल अपने पत्ते नहीं खोलना चाहती। भाजपा के प्रत्याशियों पर नजर है। उनकी सूची सामने आने के बाद कांग्रेस वार्डवार समीकरणों का आकलन करेगी और उसी आधार पर अपने उम्मीदवार तय करेगी। जरूरत पड़ी तो नामांकन के आखिरी वक्त तक प्रत्याशियों में बदलाव भी किया जा सकता है।
1300 आवेदन बनाम टिकट की सियासत
150 वार्डों के लिए 1300 से ज्यादा आवेदन आना भले ही विधायक अमीन कागजी इसे कार्यकर्ताओं के उत्साह से जोड़ रहे हों, लेकिन राजनीतिक तौर पर यह आंकड़ा पार्टी के भीतर टिकट के लिए मची होड़ और असंतोष की जमीन तैयार होने का भी संकेत है। इतनी बड़ी संख्या में दावेदारों में से चयन के बाद बड़ी तादाद में नाराज कार्यकर्ता और बागी उम्मीदवार सामने आना लगभग तय माना जा रहा है, जो नामांकन के बाद पार्टी के लिए सिरदर्द बन सकते हैं। जयपुर शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा का कहना है कि जयपुर कांग्रेस में टिकटों को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में कांग्रेस में आवेदन आए हैं इसलिए यह सारी कवायद चल रही है।