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Rajasthan Budget 2026: भजनलाल सरकार का तीसरा बजट आज, 6 लाख करोड़ के आसपास हो सकता है आकार
Wed, 11 Feb 2026 07:36 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Wed, 11 Feb 2026 07:36 AM IST
सार
भजनलाल सरकार आज अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश कर रही है। वित्त मंत्री दीया कुमारी विधानसभा में आय-व्यय का ब्यौरा रखेंगी। बजट का आकार करीब 6 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है।
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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और दिया कुमारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भजनलाल सरकार आज बुधवार को अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश करने जा रही है। वित्त मंत्री दीया कुमारी विधानसभा में आय-व्यय का अनुमान रखेंगी। इस बजट से आने वाले साल में राजस्थान को मिलने वाली सौगातों और सरकार की प्राथमिकताओं की दिशा साफ होगी। बजट का कुल आकार करीब 6 लाख करोड़ रुपये के आसपास रहने का अनुमान है। पिछले साल बजट का आकार 5 लाख 37 हजार करोड़ रुपये था।
पिछले बजट में क्या-क्या हुआ था ऐलान
पिछले बजट में सरकार ने राजस्थान रोजगार नीति-2025, 500 करोड़ रुपये का विवेकानंद रोजगार सहायता कोष, 1 लाख 25 हजार नए पदों का सृजन और 350 करोड़ रुपये का गिग व असंगठित श्रमिक विकास कोष घोषित किया था। स्वास्थ्य क्षेत्र में 25 करोड़ रुपये से गर्भवती महिलाओं को पोषण किट और 200 करोड़ रुपये की सीएम अमृत आहार योजना लागू की गई थी। पोषण और कृषि में मोटे अनाज को मिड-डे मील में शामिल करने और राम हन सेतु लिंक परियोजना के तहत 9,300 करोड़ रुपये के कामों की घोषणा हुई थी।
इस बार किन पर रहेगा फोकस
आज के बजट में युवाओं, महिलाओं, किसानों, शहरी-ग्रामीण विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर बड़े ऐलान हो सकते हैं। नई योजनाएं, बड़े पैमाने पर भर्तियां और कई अहम विकास परियोजनाओं की घोषणा की जा सकती है।
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भर्ती सुधार, 1.5 लाख नई नौकरियों की उम्मीद
रोजगार को लेकर सरकार लगातार बड़े दावे कर रही है। पिछले बजट में 1 लाख नौकरियों का ऐलान हुआ था, जबकि इस बार करीब 1.5 लाख नई भर्तियों की घोषणा हो सकती है। आरएएस और उच्च सेवाओं को छोड़कर ज्यादातर भर्तियों में इंटरव्यू खत्म कर सिर्फ परीक्षा के आधार पर चयन की व्यवस्था की जा सकती है। मुख्यमंत्री फैलोशिप योजना के तहत लाभ पाने वालों की संख्या बढ़ाने, संविदा कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने और सामाजिक सुरक्षा पेंशन में 15 फीसदी बढ़ोतरी की भी उम्मीद है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा जोर
इंफ्रा सेक्टर में कई बड़े ऐलान संभव हैं। बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर, सीकर, झालावाड़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और धौलपुर सहित 15 शहरों में रिंग रोड और नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए बजट रखा जा सकता है। धार्मिक स्थलों से जुड़े शहरों के विकास के लिए सिटी इकोनॉमिक रीजन योजना की घोषणा हो सकती है। जयपुर में मेट्रो फेज-2 के काम को आगे बढ़ाने, एयरपोर्ट टर्मिनलों को मेट्रो से जोड़ने और पीपीपी मॉडल पर पार्किंग जोन बनाने की योजना भी बजट में शामिल हो सकती है। इसके अलावा वेडिंग डेस्टिनेशन साइट्स के विकास और शेखावाटी हैरिटेज टूरिज्म के संरक्षण के लिए भी पैसे दिए जा सकते हैं।
किसानों को मिल सकती है बड़ी राहत
किसानों के लिए किसान सम्मान निधि को चरणबद्ध तरीके से 12 हजार रुपये तक बढ़ाने की सौगात मिल सकती है। ब्याजमुक्त फसली ऋण योजना का दायरा बढ़ाने, एमएसपी पर गेहूं सहित कुछ फसलों पर बोनस, बाजरा और ज्वार की सरकारी खरीद, हाईटेक खेती और नई सिंचाई परियोजनाओं के लिए बजट बढ़ाया जा सकता है। दूध खरीद बोनस में बढ़ोतरी, पशुधन बीमा योजना का विस्तार और महिलाओं के लिए डेयरी प्रोत्साहन योजना की भी घोषणा हो सकती है। बाड़मेर में अनार और सवाई माधोपुर में अमरूद प्रोसेसिंग यूनिट का ऐलान भी संभव है।
महिलाओं और बच्चों पर खास ध्यान
लखपति दीदी योजना का विस्तार, मेधावी छात्राओं की स्कूटी योजना, महिला स्वयं सहायता समूहों के बजट में बढ़ोतरी और आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान हो सकता है। इसके साथ ही दो से अधिक बच्चों वाले लोगों पर चुनाव लड़ने की रोक हटाने से जुड़ा विधेयक भी लाया जा सकता है।
शिक्षा और स्वास्थ्य में भी बढ़ेगा खर्च
सरकारी स्कूलों की मरम्मत के लिए सीएसआर के सहयोग से बजट प्रावधान किया जा सकता है। जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज नहीं हैं, वहां नए मेडिकल कॉलेज खोलने और डॉक्टरों, नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ की बड़ी संख्या में भर्तियां करने की घोषणा भी संभव है।
पिछले बजट की बड़ी घोषणाएं दोहराई गईं
पिछले बजट में राजस्थान रोजगार नीति-2025, 500 करोड़ रुपये का विवेकानंद रोजगार सहायता कोष, 1 लाख 25 हजार नए पदों का सृजन और 350 करोड़ रुपये का गिग व असंगठित श्रमिक विकास कोष घोषित किया गया था। स्वास्थ्य क्षेत्र में 25 करोड़ रुपये से गर्भवती महिलाओं को पोषण किट और 200 करोड़ रुपये की सीएम अमृत आहार योजना लागू की गई थी। पोषण और कृषि में मोटे अनाज को मिड-डे मील में शामिल करने और राम हन सेतु लिंक परियोजना के तहत 9,300 करोड़ रुपये के कामों की घोषणा हुई थी।
राज्य की राजस्व स्थिति
पिछले बजट में 2025-26 के लिए 2 लाख 94 हजार 536 करोड़ रुपये के राजस्व मिलने का अनुमान लगाया गया था। राज्य को केंद्र से करों में हिस्सेदारी के रूप में 85 हजार 716 करोड़ रुपये मिलने थे, जबकि ताजा बजट में केंद्र ने 90 हजार 445 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी तय की है, जो पहले से करीब 6 हजार 505 करोड़ रुपये ज्यादा है। राज्य का अपना कर राजस्व 1 लाख 42 हजार 743 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो जीएसडीपी का 7.2 फीसदी है। यह बेहतर टैक्स कलेक्शन की ओर इशारा करता है।
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पिछले बजट में क्या-क्या हुआ था ऐलान
पिछले बजट में सरकार ने राजस्थान रोजगार नीति-2025, 500 करोड़ रुपये का विवेकानंद रोजगार सहायता कोष, 1 लाख 25 हजार नए पदों का सृजन और 350 करोड़ रुपये का गिग व असंगठित श्रमिक विकास कोष घोषित किया था। स्वास्थ्य क्षेत्र में 25 करोड़ रुपये से गर्भवती महिलाओं को पोषण किट और 200 करोड़ रुपये की सीएम अमृत आहार योजना लागू की गई थी। पोषण और कृषि में मोटे अनाज को मिड-डे मील में शामिल करने और राम हन सेतु लिंक परियोजना के तहत 9,300 करोड़ रुपये के कामों की घोषणा हुई थी।
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इस बार किन पर रहेगा फोकस
आज के बजट में युवाओं, महिलाओं, किसानों, शहरी-ग्रामीण विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर बड़े ऐलान हो सकते हैं। नई योजनाएं, बड़े पैमाने पर भर्तियां और कई अहम विकास परियोजनाओं की घोषणा की जा सकती है।
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भर्ती सुधार, 1.5 लाख नई नौकरियों की उम्मीद
रोजगार को लेकर सरकार लगातार बड़े दावे कर रही है। पिछले बजट में 1 लाख नौकरियों का ऐलान हुआ था, जबकि इस बार करीब 1.5 लाख नई भर्तियों की घोषणा हो सकती है। आरएएस और उच्च सेवाओं को छोड़कर ज्यादातर भर्तियों में इंटरव्यू खत्म कर सिर्फ परीक्षा के आधार पर चयन की व्यवस्था की जा सकती है। मुख्यमंत्री फैलोशिप योजना के तहत लाभ पाने वालों की संख्या बढ़ाने, संविदा कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने और सामाजिक सुरक्षा पेंशन में 15 फीसदी बढ़ोतरी की भी उम्मीद है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा जोर
इंफ्रा सेक्टर में कई बड़े ऐलान संभव हैं। बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर, सीकर, झालावाड़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और धौलपुर सहित 15 शहरों में रिंग रोड और नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए बजट रखा जा सकता है। धार्मिक स्थलों से जुड़े शहरों के विकास के लिए सिटी इकोनॉमिक रीजन योजना की घोषणा हो सकती है। जयपुर में मेट्रो फेज-2 के काम को आगे बढ़ाने, एयरपोर्ट टर्मिनलों को मेट्रो से जोड़ने और पीपीपी मॉडल पर पार्किंग जोन बनाने की योजना भी बजट में शामिल हो सकती है। इसके अलावा वेडिंग डेस्टिनेशन साइट्स के विकास और शेखावाटी हैरिटेज टूरिज्म के संरक्षण के लिए भी पैसे दिए जा सकते हैं।
किसानों को मिल सकती है बड़ी राहत
किसानों के लिए किसान सम्मान निधि को चरणबद्ध तरीके से 12 हजार रुपये तक बढ़ाने की सौगात मिल सकती है। ब्याजमुक्त फसली ऋण योजना का दायरा बढ़ाने, एमएसपी पर गेहूं सहित कुछ फसलों पर बोनस, बाजरा और ज्वार की सरकारी खरीद, हाईटेक खेती और नई सिंचाई परियोजनाओं के लिए बजट बढ़ाया जा सकता है। दूध खरीद बोनस में बढ़ोतरी, पशुधन बीमा योजना का विस्तार और महिलाओं के लिए डेयरी प्रोत्साहन योजना की भी घोषणा हो सकती है। बाड़मेर में अनार और सवाई माधोपुर में अमरूद प्रोसेसिंग यूनिट का ऐलान भी संभव है।
महिलाओं और बच्चों पर खास ध्यान
लखपति दीदी योजना का विस्तार, मेधावी छात्राओं की स्कूटी योजना, महिला स्वयं सहायता समूहों के बजट में बढ़ोतरी और आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान हो सकता है। इसके साथ ही दो से अधिक बच्चों वाले लोगों पर चुनाव लड़ने की रोक हटाने से जुड़ा विधेयक भी लाया जा सकता है।
शिक्षा और स्वास्थ्य में भी बढ़ेगा खर्च
सरकारी स्कूलों की मरम्मत के लिए सीएसआर के सहयोग से बजट प्रावधान किया जा सकता है। जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज नहीं हैं, वहां नए मेडिकल कॉलेज खोलने और डॉक्टरों, नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ की बड़ी संख्या में भर्तियां करने की घोषणा भी संभव है।
पिछले बजट की बड़ी घोषणाएं दोहराई गईं
पिछले बजट में राजस्थान रोजगार नीति-2025, 500 करोड़ रुपये का विवेकानंद रोजगार सहायता कोष, 1 लाख 25 हजार नए पदों का सृजन और 350 करोड़ रुपये का गिग व असंगठित श्रमिक विकास कोष घोषित किया गया था। स्वास्थ्य क्षेत्र में 25 करोड़ रुपये से गर्भवती महिलाओं को पोषण किट और 200 करोड़ रुपये की सीएम अमृत आहार योजना लागू की गई थी। पोषण और कृषि में मोटे अनाज को मिड-डे मील में शामिल करने और राम हन सेतु लिंक परियोजना के तहत 9,300 करोड़ रुपये के कामों की घोषणा हुई थी।
राज्य की राजस्व स्थिति
पिछले बजट में 2025-26 के लिए 2 लाख 94 हजार 536 करोड़ रुपये के राजस्व मिलने का अनुमान लगाया गया था। राज्य को केंद्र से करों में हिस्सेदारी के रूप में 85 हजार 716 करोड़ रुपये मिलने थे, जबकि ताजा बजट में केंद्र ने 90 हजार 445 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी तय की है, जो पहले से करीब 6 हजार 505 करोड़ रुपये ज्यादा है। राज्य का अपना कर राजस्व 1 लाख 42 हजार 743 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो जीएसडीपी का 7.2 फीसदी है। यह बेहतर टैक्स कलेक्शन की ओर इशारा करता है।
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