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Rajasthan Budget 2025: युवाओं के रोजगार से कर्ज के बोझ तक, सरकार के सामने 5 बड़ी चुनौतियां, कैसे होगा समाधान
Mon, 17 Feb 2025 07:33 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Mon, 17 Feb 2025 07:33 PM IST
सार
एक दिन बाद प्रदेश सरकार अपना दूसरा बजट पेश करने जा रही है। 19 फरवरी को पेश होने वाले इस बजट में सरकार के सामने जो चुनौतियां हैं, उनमें से पांच बड़ी चुनौतियों का सरकार कैसे निदान करती है ये देखना होगा। जानिये कौनसी हैं वो पांच चुनौतियां
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राजस्थान बजट 2025
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदेश की भजनलाल सरकार 19 फरवरी को अपने कार्यकाल का दूसरा बजट पेश करने जा रही है। प्रदेश की वित्त मंत्री दीया कुमारी विधानसभा में बजट पेश करेंगी। प्रदेश के इस बजट में कई अन्य चुनौतियों के बीच पांच ऐसी बड़ी चुनौतियां होंगी, जिनके लिए सरकार को खासी मशक्कत करनी पड़ सकती है।
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युवाओं को रोजगार
भजनलाल सरकार ने 5 साल में 4 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने का वादा किया है। पहले साल में करीब 60 हजार वैकेंसी निकाली गई हैं लेकिन जिस रफ्तार से बेरोजगारी बढ़ रही है, रोजगार के अवसर और ज्यादा बढ़ाने होंगे। सरकार के सामने सबसे पहली और सबसे बड़ी चुनौती यही है।
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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी
प्रदेश में पेट्रोल डीजल की कीमतों को लेकर मुद्दा अब भी कायम है। पड़ोसी राज्यों के मुकाबले राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें काफी अधिक हैं। बजट में इसमें राहत मिलती है या नहीं यह देखने वाली बात होगी। यदि इस पर कोई बदलाव नहीं आता है तो विपक्ष इस मामले में सरकार को घेर सकता है।
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कर्ज की बढ़ती रफ्तार को रोकना
राजस्थान तेजी से कर्ज की राह पर बढ़ रहा है। प्रदेश में साढ़े 6 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज हो चुका है। सरकारी कंपनियों पर ही 1 लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज है। यानी कुल मिलाकर प्रति व्यक्ति लगभग 85 हजार रुपए का कर्ज है। इसे कैसे कम किया जाए, यह बड़ी चुनौती होगी।
पेडिंग भुगतानों को पूरा करना
मौजूदा भजनलाल सरकार में पुराने भुगतानों की पेंडेंसी भी बड़ा मुद्दा रही है। चाहे सोशल सेक्टर में पेंशन हो, बेरोजगारी भत्ता हो या फिर पंचायतों को मिलने वाली ग्रांट हो। सभी भुगतान डिले हो रहे हैं।
इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के लिए फंड का प्रबंध
भजनलाल सरकार मेट्रो और पीकेसी-ईआरसीपी जैसे बड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट चलाना चाहती है तो इसके लिए बड़े पैमाने पर फंड का प्रबंध भी करना होगा। ऐसे में पहले से कर्ज में डूबी सरकार इन बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए फंड का इंतजाम कैसे करेगी, बजट में यह भी देखने वाली बात होगी।
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