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Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Rajashtan Exclusive: When will we get salary? First gave advance then debited and this time not given till now

Exclusive : रोते रहे कर्मचारी, सोते रहे अफसर, पहले एडवांस में देकर डेबिट किया और इस बार अब तक नहीं मिला वेतन

Mon, 06 May 2024 12:09 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: प्रिया वर्मा Updated Mon, 06 May 2024 12:09 PM IST
सार

वित्त विभाग की गलतियों का खामियाजा ऐसे कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है, जिनकी कोई गलती ही नहीं है। विभाग ने पहले एडवांस सैलेरी खातों में डाल दी फिर उसे डेबिट करवा दिया और इस बार एक सप्ताह बीतने के बाद भी कर्मचारियों के खातों से सैलेरी नदारद है।

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Rajashtan Exclusive: When will we get salary? First gave advance then debited and this time not given till now
राजस्थान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

IFMS3.0 सिस्टम से एडवांस वेतन का जिन्न बोतल से ऐसा बाहर निकला कि वित्त विभाग के अफसर अब तक उसे काबू नहीं कर पाए हैं। कर्मचारियों के मोबाइल पर बार-बार वेतन क्रेडिट-डेबिट के मैसेज आ रहे हैं। एडवांस सैलेरी खातों से कट गई है लेकिन नए महीने का पहला सप्ताह खत्म होने के बावजूद कर्मचारियों के खाते सैलेरी की बाट जोह रहे हैं।

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वित्त विभाग की गलतियों का खामियाजा हर बार उन कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है, जिनकी कोई गलती ही नहीं है। पहले कर्मचारियों के खातों में महीना खत्म होने से पहले ही वेतन क्रेडिट कर दिया गया, फिर बैंकों पर दबाव डालकर उसे डेबिट करवा दिया। अब नए महीने का पहला सप्ताह भी बीत चुका लेकिन कर्मचारी अपने वेतन को तरस रहे हैं। 
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पिछले महीने हजारों कर्मचारियों के खातों में एडवांस सैलेरी डालने के बाद अफसरों की नींद तब खुली जब मीडिया ने मामला उठाया। इसके बाद बैंकों पर दबाव डालकर कर्मचारियों के खातों से सैलेरी डेबिट करवा ली गई। अब नए महीने का पहला वर्किंग वीक बीतने के बाद भी कर्मचारियों के खातों में वेतन नहीं आया है। 
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Rajashtan Exclusive: When will we get salary? First gave advance then debited and this time not given till now
राजस्थान - फोटो : अमर उजाला
दरअसल एडवांस सैलेरी के बाद अब समय पर वेतन नहीं मिलने के पीछे भी वित्त विभाग के अफसर ही जिम्मेदार हैं। वित्त विभाग ने 29 अप्रैल को डीआईपीआर के सोशल मीडिया अकाउंट पर अपने स्पष्टीकरण में लिखा था कि एडवांस वेतन के बिलों की राशि रिवर्ट कर संबंधित माइनस एक्सपेंडिचर खातों में जमा करवाई जाएगी लेकिन स्पष्टीकरण के दो दिन बाद 2 मई को कोष एवं लेखा निदेशालय की अतिरिक्त निदेशक व पदेन परियोजना निदेशक IFMS अमिता शर्मा ने कोषाधिकारियों को पत्र लिखने की कार्रवाई की। इसमें एडवांस वेतन को माइनस एक्सपेंडिचर में जमा करवाने के बाद डीडीओ को नए सिरे से वेतन बिल बनाने के लिए कहा गया, जबकि एडवांस सैलेरी पिछले महीने एक सप्ताह पहले ही कर्मचारियों के खातों में चली गई थी। अब वेतन वसूली से लेकर बिल बनाने में देरी तक की गई अफसरों की गलती कर्मचारी भुगत रहे हैं।

जल्दबाजी में लागू किए गए IFMS 3.0 सिस्टम का गड़बड़झाला समझ से परे होता जा रहा है। कभी कर्मचारियों के खातों में डबल सैलेरी डाल दी जाती है, तो कभी मृतकों को खातों में वेतन और कभी रिटायर होने से पहले ही कर्मचारियों के खातों में पेंशन बेनिफिट डाले जा रहे हैं। वित्तीय अनियमितता के छोटे से छोटे मामलों में कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई करने वाली सरकार राजकोष को करोड़ों रुपये की चपत लगाने वाले अफसरों के मामले में चुप्पी मार कर बैठी है।
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