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Jaipur: ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेंगी एक हजार इंदिरा रसोइयां, 10 सितंबर को टोंक जिले के झिलाय से होगा शुभारंभ

Sat, 09 Sep 2023 02:48 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Sat, 09 Sep 2023 02:48 PM IST
सार

गहलोत ने कहा कि ‘कोई भूखा न सोए’ के संकल्प के साथ शुरू की गई इस योजना के माध्यम से कोरोना काल में 72 लाख लोगों को सरकार द्वारा निःशुल्क पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया।

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One thousand Indira Rasoi will open in rural areas of Rajasthan state
बैठक करते सीएम अशोक गहलोत। - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से संचालित इंदिरा रसोई योजना के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों को मात्र 8 रुपये में सम्मानपूर्वक पौष्टिक भोजन मिल रहा है। इस योजना से ‘कोई भूखा न सोए’ का संकल्प साकार हो रहा है।

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सीएम ने कहा कि इसी दिशा में प्रदेश के हर व्यक्ति को महंगाई की मार से राहत देने और भरपेट भोजन उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी 1000 इंदिरा रसोइयां खोलने का निर्णय लिया है। इसका शुभारंभ 10 सितम्बर को टोंक जिले में निवाई के पास झिलाय से होगा। इन सभी 1000 रसोइयों का संचालन राजीविका समूह की महिलाओं द्वारा किया जाएगा। इससे 10,000 से अधिक महिलाओं को रोजगार भी मिलेगा।
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गहलोत शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर इन्दिरा रसोई योजना के संबंध में हुई बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस योजना से सुविधापूर्ण वातावरण में सम्मानपूर्वक मात्र 8 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस स्कीम का फायदा स्टूडेंट्स और मजदूरों सहित सभी वर्ग के लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में इंदिरा रसोई के संचालकों और कर्मचारियों की ओर से सराहनीय कार्य किया जा रहा है। 
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गहलोत ने कहा कि ‘कोई भूखा ना सोए’ के संकल्प के साथ शुरू की गई इस योजना के माध्यम से कोरोना काल में 72 लाख लोगों को सरकार द्वारा निःशुल्क पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया। कोरोना के दौर में राज्य सरकार के प्रयासों के साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी सेवा भाव से आगे बढ़कर सहयोग किया। प्रदेश में वंचित तबके के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही इस योजना के लिए आर्थिक रूप से किसी भी तरह की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। बैठक में बताया गया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के विभिन्न जिलों के इंदिरा रसोई संचालकों को सम्मानित भी किया जा रहा है। 


फूड क्वालिटी की हो रेग्युलर मॉनिटरिंग
गहलोत ने इंदिरा रसोई योजना में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता और स्कीम में पारदर्शिता की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को भी प्रतिमाह रसोईयों में जाकर भोजन करना चाहिए ताकि गुणवत्ता की सुनिश्चितता हो सके। इससे यहां नियमित भोजन करने आने वाले लोगों का मान-सम्मान बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना आज महंगाई के दौर में बाहर से आने वाले विद्यार्थियों एवं कार्मिकों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा नई रसोइयों की स्थापना के लिए 5 लाख रुपए की एकमुश्त राशि और 17 रुपए प्रति थाली अनुदान दिया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों की 992 इन्दिरा रसोइयों से अब तक 13 करोड़ से अधिक पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन की थालियां आमजन को परोसी जा चुकी हैं।  गहलोत ने कहा कि प्रदेश में 500 से अधिक स्थानीय सेवाभावी संस्थाओं की तरफ से 'नो प्रॉफिट, नो लॉस' के बेसिस पर रसोइयों को चलाना खुशी की बात है। इस योजना से स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इंदिरा रसोई योजना में भामाशाहों द्वारा भी भोजन प्रायोजित किया जा सकता है। इस मौके पर ग्रामीण विकास और पंचायतीराज मंत्री रमेश मीणा भी वीसी से जुड़े। मुख्य सचिव उषा शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अखिल अरोड़ा और अन्य उच्चाधिकारी भी मौजूद रहे।

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