{"_id":"6880cb986324dc0cd907a49e","slug":"news-rajasthan-to-conduct-first-ever-leopard-census-to-frame-conservation-policy-2025-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan News: राजस्थान में पहली बार होगा लैपर्ड सेंसस, इंसानों पर बढ़ते हमलों के बाद वन विभाग ने लिया फैसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan News: राजस्थान में पहली बार होगा लैपर्ड सेंसस, इंसानों पर बढ़ते हमलों के बाद वन विभाग ने लिया फैसला
Wed, 23 Jul 2025 05:54 PM IST
सौरभ भट्ट
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: सौरभ भट्ट
Updated Wed, 23 Jul 2025 05:54 PM IST
सार
राजस्थान में इंसानी आबादी पर तेंदुओं के जानलेवा हमलों के बढ़ते मामलों के बाद अब वन विभाग ने पूरे राज्य में पहली बार तेंदुओं की आबादी का सेंसस करवाने का फैसला लिया है।
विज्ञापन
राजस्थान में पहली बार होगा लैपर्ड सेंसस
- फोटो : social media
विस्तार
राजस्थान में पहली बार लैपर्ड का सेंसस किया जाएगा। इसमें कैमरा ट्रैप की मदद ली जाएगी। अब तक राजस्थान में लेपर्ड की गणना वॉटर होल पैटर्न पर की जाती थी लेकिन वन विभाग का मानना है कि इससे प्रदेश लैपर्ड की वास्तविक संख्या का सही अंदाजा नहीं मिल पाता। पिछले वर्षों में राजस्थान में लेपर्ड की आबादी तेजी से बढ़ी है। वाटर होल पैटर्न की गणना के आधार पर 2024 में तेंदुओं की आबादी 925 आंकी गई थी। वहीं 2022 में यह 818, 2020 में 775, 2019 में 637, 2018 में 635 तथा 2017 में यह 507 थी।
विज्ञापन
क्यों किया जा रहा है सेंसस
दरअसल पिछले कुछ अरसे से प्रदेश में तेंदुए और इंसानों के बीच टकराव के मामले बढ़े हैं, जिसमें तेंदुओं ने अलग-अलग मामलों में 20 से ज्यादा इंसानों की जान ले ली। पिछले साल अक्टूबर में तेंदुओं ने उदयपुर में अलग-अलग हमलों में 8 लोगों की जान ले ली थी। वहीं 2019 में उदयपुर में एक तेंदुए को आदमखोर घोषित करने के बाद गोली मार दी गई थी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Nagaur News: खरीददार बनकर किया मालिक का इंतज़ार, मौका मिलते ही निकाल लिए 15 हजार
विज्ञापन
तेंदुए के इंसानों पर बढ़ते हमलों की घटनाओं के बाद वन विभाग ने नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड को चिट्ठी लिखकर मार्गदर्शन मांगा था। वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तेंदुओं की आबादी सिर्फ राजस्थान में ही नहीं बल्कि पूरे देश में तेजी से बढ़ रही है। इसके चलते तेंदुए और इंसानों में टकराव के मामले भी बढ़ रहे हैं। इसमें से कई मामले जानलेवा भी साबित हुए हैं। तेंदुओं की गणना वन विभाग और वाइल्ड लाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया मिलकर करेंगे। मामले से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि गणना अगस्त-सितंबर में शुरू की जाएगी और करीब 3 महीनों में इसे पूरा किया जाएगा। सिर्फ बाघ अभ्यारण्य ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में तेंदुओं की आबादी का पता लगाने लिए यह सेंसस किया जाएगा।