फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Rajasthan News: Rajasthan government universities fail in NAAC grading

Rajasthan News: राजस्थान में सरकारी यूनिवर्सिटीज के हालात खराब, यूजीसी ने 10 को नैक की ग्रेडिंग नहीं दी

Thu, 24 Jul 2025 08:45 AM IST
सौरभ भट्ट न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: सौरभ भट्ट Updated Thu, 24 Jul 2025 08:45 AM IST
सार

राजस्थान की 10 में से केवल 5 सरकारी यूनिवर्सिटीज को ही यूजीसी से नैक ग्रेडिंग मिल पाई है। शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण बाकी संस्थान मानकों पर खरे नहीं उतर सके। राज्यपाल द्वारा दिए गए निर्देशों के बावजूद कई विश्वविद्यालय नैक ग्रेडिंग की प्रक्रिया में पिछड़ रहे हैं।

विज्ञापन
Rajasthan News: Rajasthan government universities fail in NAAC grading
राजस्थान में सरकारी यूनिवर्सिटीज के हालात खराब - फोटो : social media

विस्तार

राजस्थान में उच्च शिक्षा का ढर्रा खराब है। सरकारी यूनिवर्सिटीज को आवश्यक सुविधाओं की कमी के चलते यूजीसी की नैक ग्रेडिंग नहीं दी गई। पिछले दिनों विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) नैक अधिस्वीकरण और ग्रेडिंग के लिए विभिन्न विश्वविद्यालयों के निरीक्षण कराए थे। इन निरीक्षणों में प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों में से सिर्फ पांच को ही नैक ग्रेडिंग हासिल हो पाई। प्रदेश की 10 सरकारी यूनिवर्सिटीज में से चार को नैक ग्रेडिंग इसलिए नहीं मिली, क्योंकि वहां शिक्षकों की कमी और आवश्यक सुविधाओं का अभाव था। वहीं, दो यूनिवर्सिटीज नैक के लिए निर्धारित न्यूनतम 6 वर्ष की अवधि पूरी नहीं कर पाई और चार यूनिवर्सिटीज ने ग्रेडिंग के लिए अब प्रक्रिया शुरू की है। यूजीसी की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में चार यूनिवर्सिटीज तो ऐसी हैं, जो स्थापित कर दी गई, लेकिन इसमें स्थाई शिक्षकों की तैनाती ही नहीं की गई और न ही इसमें आधार भूत सुविधाएं दी गई हैं।
विज्ञापन


क्या होती है नैक ग्रेडिंग
नैक अधिस्वीकरण और ग्रेडिंग किसी भी विश्वविद्यालय में शिक्षा के स्तर का सबसे बड़ा और विश्वसनीय पैमाना माना जाता है, क्योंकि यह स्वयं विश्वविद्यालय अनुदान आयेाग द्वारा दी जाती है, जो देश में विश्वविद्यालयों की सर्वोच्च नियामक संस्था है। इस अधिस्वीकरण और ग्रेडिंग के लिए विश्वविद्यालय को स्थाई शिक्षकों की उपलब्धता, रिसर्च की स्थिति, प्रयोगशालाओं और पुस्तकालय की स्थिति तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं की गहन समीक्षा की जाती है और इसके आधार पर इन्हें ग्रेडिंग दी जाती है। यह ग्रेडिंग विश्वविद्यालय में शिक्षा के स्तर और गुणवत्ता का पैमाना बनती है, जिससे विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से अनुदान प्राप्त करने और अन्य संस्थाओं से सहायता प्राप्त करने में मदद मिलती है। राजस्थान में अब निजी विश्वविद्यालय भी काफी संख्या में हो गए हैं, ऐसे में छात्र भी अब नैक की ग्रेडिंग देखकर विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेते हैं। राज्यपाल ने दिए थे निर्देश सभी सरकारी विश्वविद्यालयों की नैक ग्रेडिंग के लिए पिछले वर्ष राज्यपाल जो विश्वविद्यालयो के कुलाधिपति भी होते हैं, उन्होंने निर्देश दिए थे। इसके लिए चार कुलपतियों को मैंटोर बनाया गया था और प्रत्येक को दो-दो विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी दी गई थी, ताकि ये विश्वविद्यालय ग्रेडिंग की प्रक्रिया पूरी कर सकें।
विज्ञापन


इन पांच यूनिवर्सिटीज को मिली नैक ग्रेडिंग
यूजीसी की ओर से किए गए निरीक्षणें के बाद प्रदेश पांच विश्वविद्यालयों को ही ग्रेड मिल पाई। इनमें निम्र शामिल हैं।
  • राजस्थान विश्वविद्यालय - ए प्लस
  • जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर - बी प्लस प्लस
  • सुखाडिया विश्वविद्यालय, उदयपुर - ए
  • वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय, कोटा - ए
  • महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर - सी

इनके पास ग्रेड नहीं, लेकिन प्रयास शुरू
एमडीएस विश्वविद्यालय अजमेर- नैक अधिस्वीकरण के तीसरे चक्र में जा रहा है। कोटा विश्वविद्यालय ने नैक अधिस्वीकरण के दूसरे चक्र के लिए आवेदन किया है। नेशनल लॉ यूनिविर्सिटी, जोधपुर ने अधिस्वीकरण के लिए प्रक्रिया शुरू की, 2026 में आवेदन करेगा। वहीं, हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय जयपुर अधिस्वीकरण के लिए तैयारी शुरू कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन्हें करना पड़ सकता है लंबा इंतजार
छह विश्वविद्यालय ऐसे हैं, जिन्हें नैक ग्रेडिंग के लिए लम्बा इंतजार करना पड़ सकता है। इनमें स्थाई शिक्षक और अन्य आधारभूत सुविधाओं का अभाव है। राज्य सरकार को इनमें ये सुविधाएं जुटानी पडेंगी और इसके बाद ही ये विश्वविद्यालय नैक अधिस्वीकरण और ग्रेडिंग हासिल कर पाएंगे। इनमें दो ऐसे भी हैं, जो नैक ग्रेडिंग की पात्रता की छह वर्ष की अवधि पूरी नहीं कर पाए हैं... महाराजा सूरजमल ब्रज विश्वविद्यालय भरतपुर, पंडित दीनदयाल शेखावटी विश्वविद्यालय, सीकर और गोविंद गुरु आदिवासी विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा और राजर्षि भृतहरि मत्स्य विश्विद्यालय, अलवर और आंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी, जयपुर और एमबीएम विश्वविद्यालय, जोधपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed