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Kota Student Suicide Case: मंत्री महेश जोशी बोले- कोचिंग व्यवस्था पर रोक लगाने के लिए नीति बनाए केंद्र सरकार
Mon, 28 Aug 2023 01:18 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर/कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर/कोटा
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 28 Aug 2023 01:18 PM IST
सार
राजस्थान के एक मंत्री ने कोटा में छात्रों के आत्महत्या बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए सोमवार को कहा, वित्तीय बोझ छात्रों में तनाव के कारणों में से एक है। केंद्र को एक नीति बनानी चाहिए, ताकि अभिभावकों को अपने बच्चों की कोचिंग आदि के लिए कर्ज न लेना पड़े।
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मंत्री महेश जोशी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गहलोत सरकार में जलदाय मंत्री महेश जोशी ने जयपुर में संवाददाताओं से कहा, पढ़ाई का दबाव है। इसके अलावा कई छात्रों पर यह दबाव होता है कि उनके माता-पिता ने उनकी पढ़ाई के लिए पैसे उधार लिए हैं। अगर वे कामयाब नहीं हुए तो उनके माता-पिता का क्या होगा।
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उन्होंने कहा कि छात्र घर और माता-पिता से दूर रहते हैं और ऐसे सभी कारकों से तनाव व दबाव पैदा होता है, जिसके चलते उनके द्वारा आत्महत्या जैसे कदम उठाए जाते हैं। मंत्री जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार को कोचिंग संस्थानों को लेकर एक नीति बनानी चाहिए और ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें अभिभावकों को कर्ज लेने की जरूरत न पड़े। क्योंकि यह भी छात्रों पर दबाव का एक बड़ा कारण है।
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संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सालाना दो लाख से अधिक छात्र कोटा शहर जाते हैं। शहर में रविवार को चार घंटे के भीतर दो छात्रों ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
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अधिकारियों के अनुसार, कोटा जिले में साल 2023 में अब तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 22 छात्रों ने आत्महत्या की है। यह किसी भी साल का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। पिछले साल इस प्रकार के 15 मामले सामने आए थे।