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JLF 2026: पूर्व CJI चंद्रचूड़ बोले; जज भी समाज से आते हैं, सिस्टम में करप्शन हकीकत
Sun, 18 Jan 2026 05:06 PM IST
सौरभ भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: सौरभ भट्ट
Updated Sun, 18 Jan 2026 05:06 PM IST
सार
JLF 2026: जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में न्याय, रचनात्मकता और वैश्विक राजनीति पर गहन चर्चा हुई। ‘आइडियाज ऑफ जस्टिस’ सेशन में पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि जज समाज से आते हैं, इसलिए जवाबदेही के लिए मजबूत सिस्टम जरूरी है। उन्होंने Gen-Z को समझने की जरूरत पर जोर दिया। ‘इमेजिन: द न्यू होराइजंस ऑफ क्रिएटिविटी’ सेशन में गीतकार प्रसून जोशी ने कहा कि AI एक टूल है, इंसानी कल्पना का विकल्प नहीं। वहीं पोलैंड के उप प्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की ने पुतिन के रवैये और रूस-चीन संबंधों पर चिंता जताई।
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JLF 2026
- फोटो : AMAR UJALA
विस्तार
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) के ‘आइडियाज ऑफ जस्टिस’ सेशन में पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि वे बेबी बूमर पीढ़ी से हैं, लेकिन उनकी दो बेटियां स्पेशल नीड्स वाली और Gen-Z से हैं। उनसे जुड़े रहने के लिए उन्हें Gen-Z के काम करने के तरीकों को समझना और अपनाना जरूरी है। उन्होंने न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कहा कि वे भ्रष्टाचार को जस्टिफाई नहीं कर रहे, लेकिन जज भी समाज से ही आते हैं। समाज में करप्शन है, हालांकि जजों से एक उच्च नैतिकता की अपेक्षा की जाती है। भ्रष्टाचार रोकने के लिए जवाबदेही तय करने वाला प्रभावी सिस्टम जरूरी है। किसी गलत फैसले को तुरंत करप्शन कहना आसान है, लेकिन सच्चाई को समझना जरूरी है।
समलैंगिकता को अपराधमुक्त करने वाले फैसले का जिक्र करते हुए चंद्रचूड़ ने कहा कि फैसला लिखते समय उन्हें कवि लियोनार्ड कोहेन का लोकतंत्र से जुड़ा एक कथन याद आया। उन्होंने कहा कि कुछ फैसले सीधे होते हैं, जबकि कुछ में समाज के लिए सकारात्मक संदेश देने वाला ‘फ्लोरिश’ जरूरी होता है।
रविवार को ‘इमेजिन: द न्यू होराइजंस ऑफ क्रिएटिविटी’ सेशन में गीतकार प्रसून जोशी ने कहा कि AI में वह कल्पनाशीलता और रचनात्मकता नहीं है, जो इंसानों में होती है। AI एक टूल है और अगर उसे एक एक्सटेंशन के रूप में देखा जाए तो कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इसी दौरान आयरलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री लियो वराडकर ने JLF के मंच पर अपना जन्मदिन भी मनाया। ‘ए कॉन्टिनेंट इन क्राइसिस: रशिया, यूक्रेन एंड द यूरोपियन स्टोरी’ सेशन में पोलैंड के उप प्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की से लेखक नवतेज सरना ने संवाद किया।
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यह भी पढें- Rajasthan IMD Alert: राजस्थान में बदला मौसम, 22 जनवरी से मावठ की संभावना
सिकोरस्की ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने अहंकार के चलते अन्य देशों पर हमले कर रहे हैं, जिसका असर वैश्विक जियो-पॉलिटिक्स पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रूस-चीन की बढ़ती नजदीकी रूस के दीर्घकालिक हित में नहीं है, क्योंकि इससे रूस-चीन पर आर्थिक रूप से निर्भर होता जा रहा है। प्रसून जोशी ने रचनात्मक यात्रा साझा करते हुए कहा कि उनके पिता शिक्षा अधिकारी थे और मां संगीत से जुड़ी थीं, दोनों के संस्कार उनके व्यक्तित्व में दिखते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे पहाड़ों में गिरे पत्थर ठोकरों से तराशे जाते हैं, वैसे ही जीवन की ठोकरों ने उन्हें भी गढ़ा है। इससे पहले जेएलएफ के चौथे दिन की शुरुआत ‘मॉर्निंग म्यूजिक: एओ नागा क्वायर’ से हुई।
आज साहित्य, इतिहास, कला, अर्थव्यवस्था और वैश्विक राजनीति से जुड़े कई अहम सत्र होंगे। वहीं दैनिक भास्कर की ओर से इस वर्ष का श्री द्वारका प्रसाद अग्रवाल सम्मान लेखक, गीतकार और अभिनेता पीयूष मिश्रा को दिया जाएगा। उन्हें सम्मान स्वरूप 2 लाख रुपए और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
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समलैंगिकता को अपराधमुक्त करने वाले फैसले का जिक्र करते हुए चंद्रचूड़ ने कहा कि फैसला लिखते समय उन्हें कवि लियोनार्ड कोहेन का लोकतंत्र से जुड़ा एक कथन याद आया। उन्होंने कहा कि कुछ फैसले सीधे होते हैं, जबकि कुछ में समाज के लिए सकारात्मक संदेश देने वाला ‘फ्लोरिश’ जरूरी होता है।
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रविवार को ‘इमेजिन: द न्यू होराइजंस ऑफ क्रिएटिविटी’ सेशन में गीतकार प्रसून जोशी ने कहा कि AI में वह कल्पनाशीलता और रचनात्मकता नहीं है, जो इंसानों में होती है। AI एक टूल है और अगर उसे एक एक्सटेंशन के रूप में देखा जाए तो कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इसी दौरान आयरलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री लियो वराडकर ने JLF के मंच पर अपना जन्मदिन भी मनाया। ‘ए कॉन्टिनेंट इन क्राइसिस: रशिया, यूक्रेन एंड द यूरोपियन स्टोरी’ सेशन में पोलैंड के उप प्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की से लेखक नवतेज सरना ने संवाद किया।
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सिकोरस्की ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने अहंकार के चलते अन्य देशों पर हमले कर रहे हैं, जिसका असर वैश्विक जियो-पॉलिटिक्स पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रूस-चीन की बढ़ती नजदीकी रूस के दीर्घकालिक हित में नहीं है, क्योंकि इससे रूस-चीन पर आर्थिक रूप से निर्भर होता जा रहा है। प्रसून जोशी ने रचनात्मक यात्रा साझा करते हुए कहा कि उनके पिता शिक्षा अधिकारी थे और मां संगीत से जुड़ी थीं, दोनों के संस्कार उनके व्यक्तित्व में दिखते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे पहाड़ों में गिरे पत्थर ठोकरों से तराशे जाते हैं, वैसे ही जीवन की ठोकरों ने उन्हें भी गढ़ा है। इससे पहले जेएलएफ के चौथे दिन की शुरुआत ‘मॉर्निंग म्यूजिक: एओ नागा क्वायर’ से हुई।
आज साहित्य, इतिहास, कला, अर्थव्यवस्था और वैश्विक राजनीति से जुड़े कई अहम सत्र होंगे। वहीं दैनिक भास्कर की ओर से इस वर्ष का श्री द्वारका प्रसाद अग्रवाल सम्मान लेखक, गीतकार और अभिनेता पीयूष मिश्रा को दिया जाएगा। उन्हें सम्मान स्वरूप 2 लाख रुपए और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।