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Jaipur News: PM ने कोटपूतली मंच से बढ़ाई नेताओं की धड़कनें, राजेन्द्र राठौड़ और पूनिया को मिल सकती है जिम्मेदारी
Wed, 03 Apr 2024 01:01 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Wed, 03 Apr 2024 01:01 PM IST
सार
प्रदेश की पहली जनसभा को संबोधित करने कोटपूतली पहुंचे प्रधानमंत्री के स्वागत मंच से निकली तस्वीरें दो बड़े नेताओं के पुनः उदय का संकेत दे रही हैं। इन दोनों नेताओं के प्रति प्रधानमंत्री के स्नेह ने प्रदेश में कई नेताओं की धड़कनें बड़ा दी हैं।
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पूनिया, राठौड़ और किरोड़ी के साथ प्रधानमंत्री
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजनीति में संकेतों के संदेश बहुत मायने रखते हैं। यह संदेश ही तय करते हैं कि आने वाले समय में किसे, क्या मौका मिल सकता है। ऐसे ही कुछ संकेत प्रधानमंत्री की सभा में कोटपूतली के मंच पर भी दिखाई दिए।
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प्रदेश में चुनाव प्रचार की पहली सभा करने कोटपूतली पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के तीन बड़े नेताओं को लेकर जो संकेत दिए हैं, उसके अलग-अलग मायने निकाले जा सकते हैं। दरअसल मंच पर प्रधानमंत्री के एक तरफ जयपुर ग्रामीण के प्रत्याशी राव राजेंद्र सिंह और दूसरी तरफ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बैठे थे, जब मुख्यमंत्री अपना भाषण देने के लिए पोडियम पर पहुंचे उसी दौरान प्रधानमंत्री राजेंद्र राठौड़ को अपने पास की कुर्सी पर बैठाकर कुछ गहन चर्चा करते हुए दिखाई दिए।
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प्रधानमंत्री की इस चर्चा से माना जा रहा है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व अपने दिग्गज नेताओं को भूला नहीं है और आज भी पार्टी में राजेंद्र राठौड़ सरीखे नेताओं का उतना ही सम्मान है जितना पहले हुआ करता था। तारानगर से सीट हारने के बाद राठौड़ के जो बयान सामने आए थे उससे लग रहा था कि राठौड़ अपने आप को अकेला महसूस कर रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री द्वारा कोटपूतली के मंच पर राजेंद्र राठौड़ को बगल में बैठाकर चर्चा करना प्रदेश की राजनीति के लिए एक बड़ा संदेश है।
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प्रधानमंत्री ने आमेर से विधानसभा चुनाव हारे सतीश पूनिया से भी खुले मन से चर्चा की। माना जा रहा था कि पूनिया का राजनीतिक भविष्य अंधकार में है लेकिन जिस आत्मीयता के साथ प्रधानमंत्री ने उनसे चर्चा की उससे लगता है कि पूनिया का राजनीतिक पद भी बढ़ने वाला है।
सभा खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के साथ अपनी नजदीकियां सहजता के साथ बताते हुए प्रदेश के तीनों नेताओं को मंच पर जो सम्मान दिया वह पूरे प्रदेश के लिए संकेत हो सकता है कि आने वाले समय में शायद इनमें से किसी न किसी को कुछ फायदा मिल सकता है।