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Jaipur News: नेता प्रतिपक्ष जूली ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, विधेयकों पर पारदर्शिता की रखी मांग
Fri, 21 Mar 2025 09:03 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Fri, 21 Mar 2025 09:03 PM IST
सार
जूली ने दावा किया कि सत्ताधारी दल के कई विधायक भी इस विधेयक के विरोध में थे, जिससे सरकार की मंशा पर संदेह होता है। उन्होंने मांग की कि जनहित से जुड़े विधेयकों में पारदर्शिता बरती जाए और बिना जनमत के कोई निर्णय न लिया जाए।
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नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
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राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने शुक्रवार को प्रेस से मुखातिब होते हुए सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अराफात कंपनी मामले में अब तक मजदूरों को उनका पैसा नहीं मिला है, जबकि इस विषय पर वे सुबह से अपनी बात रख रहे थे।
टीकाराम जूली ने रीको को लैंड यूज परिवर्तन का अधिकार देने वाले विधेयक पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि यह विधेयक पारित हो जाता तो कई बड़े लोग कम कीमत में खरीदी गई जमीन पर प्लॉटिंग, मॉल और फ्लैट बनाकर महंगे दामों में बेचते। उन्होंने इसे जनता के हितों के खिलाफ बताते हुए कहा कि इस बिल को पहले जनमत के लिए भेजा जाना चाहिए था या फिर पूरी तरह से वापस ले लेना चाहिए।
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सत्ता पक्ष में भी हुआ विरोध
जूली ने दावा किया कि इस बिल का सत्ता पक्ष के कई विधायकों ने भी विरोध किया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार की मंशा पर संदेह किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसे प्रवर समिति को भेज दिया है, लेकिन यह जनता के हितों को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त नहीं है।
विधेयकों पर पारदर्शिता बरती जाए
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि 2018 में सरकार ने अपने कर्मचारियों को नियमित करने का कानून पारित किया था, जिसे बाद में कांग्रेस सरकार के दौरान निरस्त कर दिया गया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जनहित से जुड़े ऐसे विधेयकों पर पारदर्शिता बरती जाए और बिना जनमत के कोई भी निर्णय न लिया जाए।