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जयपुर: लोकसभा स्पीकर के ओएसडी को धमकी मामले में हाईकोर्ट सख्त, पुलिस से केस डायरी और रिपोर्ट तलब

Sat, 07 Nov 2026 11:04 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Sat, 07 Nov 2026 11:04 AM IST
सार

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के ओएसडी राजीव दत्ता को कथित धमकी देने के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस से केस डायरी और तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है। न्यायमूर्ति उमाशंकर व्यास की एकलपीठ ने पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल की ओर से एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।

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jaipur high court om birla osd rajiv dutta threat case prahlad gunjal
राजस्थान हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) राजीव दत्ता को कथित तौर पर धमकी देने के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस से केस डायरी और तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। न्यायमूर्ति उमाशंकर व्यास की एकलपीठ ने पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। गुंजल ने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 नवंबर की तारीख तय की है।

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एफआईआर रद्द करने की मांग, वीडियो के सत्यापन पर उठाए सवाल

पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल की ओर से अधिवक्ता डॉ. महेश शर्मा ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि पुलिस ने जिस वीडियो के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की है, उसका सत्यापन नहीं कराया गया। वीडियो कहां से आया और इसे किसने तैयार किया, इस बारे में भी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। याचिकाकर्ता पक्ष का कहना है कि केवल वीडियो के आधार पर धमकी देने से संबंधित धाराएं जोड़ दी गईं, जबकि जिस व्यक्ति को धमकी देने का दावा किया जा रहा है, उसने पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। इसी आधार पर गुंजल की ओर से प्राथमिकी से जुड़ी कार्रवाई पर रोक लगाने और एफआईआर रद्द करने की मांग की गई।

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पुलिस ने लगाए उकसाने और धमकी देने के आरोप

दूसरी ओर, पुलिस की प्राथमिकी में पूर्व विधायक पर मंदिर परिसर में बिना अनुमति जनसभा आयोजित करने, निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने, लोगों को उकसाने और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार, वीडियो की पड़ताल में सामने आया कि सभा के दौरान पूर्व विधायक उपस्थित लोगों को उकसा रहे थे और लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता को लेकर धमकी भरी बातें कह रहे थे। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223(ए), 132 और 308(2) के साथ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 के तहत मामला दर्ज किया है। साक्ष्य के तौर पर सभा के वीडियो वाली पेन ड्राइव भी रिकॉर्ड में शामिल की गई है।

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21 अक्तूबर को कोलाना गांव में दिया था बयान

पूरा मामला 21 अक्तूबर को कोलाना गांव में आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें पूर्व विधायक ने राजस्थान में हुई कथित फजीहत और ओएसडी की गुंडागर्दी का जिक्र किया था। उन्होंने सभा में कहा था कि सत्ता बदलने के बाद सभी का हिसाब किया जाएगा।


वीडियो में गुंजल ओएसडी को लेकर यह कहते भी सुनाई दिए थे कि ऐसी स्थिति बना दी जाएगी कि वह घर बैठकर आत्महत्या करने या किसी को गोली मारने के बारे में सोचेगा। इस बयान के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था और मंगलवार को पूर्व विधायक को नोटिस दिया था।
अब हाईकोर्ट ने पुलिस से केस डायरी और तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है। मामले में अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी।

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