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जयपुर से हवाई जहाज में मुंबई पहुंचे गणपति बप्पा: जुहू चौपाटी पर हुआ विसर्जन; वर्षों से चली आ रही है परंपरा
Sat, 26 Sep 2026 10:53 AM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Sat, 26 Sep 2026 10:53 AM IST
सार
जयपुर से गणपति महाराज की प्रतिमा को हवाई जहाज के जरिए मुंबई ले जाया गया, जहां जुहू चौपाटी पर विधि-विधान के साथ समुद्र में विसर्जन किया गया। जयपुर में पूजा-अर्चना, हवन और प्रसाद वितरण के बाद प्रतिमा का प्रस्थान हुआ।
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विसर्जन से पूर्व जयपुर में गणपति बप्पा की आराधना
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
गणपति बप्पा मोरया के जयकारों और भक्तिमय माहौल के बीच जयपुर से गणपति महाराज की भव्य विसर्जन यात्रा शुरू हुई। इस यात्रा की खास बात यह रही कि गणपति महाराज की प्रतिमा को सड़क मार्ग से नहीं, बल्कि हवाई जहाज के जरिए जयपुर से मुंबई पहुंचाया गया। मुंबई पहुंचने के बाद प्रतिमा को जुहू चौपाटी ले जाया गया, जहां विधि-विधान और श्रद्धा के साथ समुद्र में गणपति महाराज का विसर्जन किया गया।
जयपुर में सुबह 10 बजे गणपति महाराज की पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक कार्यक्रम की शुरुआत हुई। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की पूजा कर सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। इसके बाद सुबह 11 बजे हवन का आयोजन हुआ। दोपहर 12 बजे प्रसाद वितरण किया गया। धार्मिक अनुष्ठान पूरे होने के बाद दोपहर 3:15 बजे गणपति महाराज की प्रतिमा का विधिवत प्रस्थान हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के बीच प्रतिमा को मुंबई ले जाने की तैयारियां पूरी की गईं। इसके बाद गणपति महाराज की प्रतिमा को हवाई मार्ग से मुंबई पहुंचाया गया।
हवाई जहाज से मुंबई पहुंचे गणपति महाराज
जयपुर से विमान में सवार होकर गणपति महाराज मुंबई पहुंचे। मुंबई पहुंचने के बाद प्रतिमा को जुहू चौपाटी ले जाया गया। यहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना और अन्य विधि-विधान पूरे किए गए। इसके बाद श्रद्धा और आस्था के साथ गणपति महाराज की प्रतिमा को समुद्र में विसर्जित किया गया। विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा मोरया के जयकारे लगाए और अगले वर्ष फिर से गणपति महाराज के आगमन की प्रार्थना की। जयपुर से मुंबई तक हुई इस यात्रा में श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह साफ नजर आया। आयोजन में प्रवासी संघ राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष एवं स्टील उपभोक्ता मंच राजस्थान के चेयरमैन भीम सिंह कासनियां मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इसके अलावा सामाजिक, धार्मिक और व्यावसायिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोगों ने भी सहभागिता की।
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ये भी पढ़ें- राजस्थान निकाय चुनाव: वार्डों में टक्कर, कुर्सियों के खेल में BJP आगे; निर्दलीय-बागियों ने कैसे बदला गणित?
25 वर्षों से कर रहे गणपति की आराधना
विश्वनाथ ने बताया कि वे पिछले 25 वर्षों से भगवान गणपति की साधना और आराधना करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश और माता-पिता के आशीर्वाद से जयपुर से मुंबई के जुहू चौपाटी तक गणपति महाराज की यात्रा पूरी हुई और विधि-विधान से समुद्र में विसर्जन किया गया। उन्होंने कहा कि जयपुर से हवाई जहाज के जरिए मुंबई पहुंचे गणपति महाराज का विसर्जन आस्था, परंपरा और श्रद्धा का विशेष अवसर रहा। यात्रा के जरिए राजस्थान और महाराष्ट्र के बीच धार्मिक एवं सांस्कृतिक जुड़ाव की भावना भी सामने आई।
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जयपुर में सुबह 10 बजे गणपति महाराज की पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक कार्यक्रम की शुरुआत हुई। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की पूजा कर सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। इसके बाद सुबह 11 बजे हवन का आयोजन हुआ। दोपहर 12 बजे प्रसाद वितरण किया गया। धार्मिक अनुष्ठान पूरे होने के बाद दोपहर 3:15 बजे गणपति महाराज की प्रतिमा का विधिवत प्रस्थान हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के बीच प्रतिमा को मुंबई ले जाने की तैयारियां पूरी की गईं। इसके बाद गणपति महाराज की प्रतिमा को हवाई मार्ग से मुंबई पहुंचाया गया।
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हवाई जहाज से मुंबई पहुंचे गणपति महाराज
जयपुर से विमान में सवार होकर गणपति महाराज मुंबई पहुंचे। मुंबई पहुंचने के बाद प्रतिमा को जुहू चौपाटी ले जाया गया। यहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना और अन्य विधि-विधान पूरे किए गए। इसके बाद श्रद्धा और आस्था के साथ गणपति महाराज की प्रतिमा को समुद्र में विसर्जित किया गया। विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा मोरया के जयकारे लगाए और अगले वर्ष फिर से गणपति महाराज के आगमन की प्रार्थना की। जयपुर से मुंबई तक हुई इस यात्रा में श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह साफ नजर आया। आयोजन में प्रवासी संघ राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष एवं स्टील उपभोक्ता मंच राजस्थान के चेयरमैन भीम सिंह कासनियां मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इसके अलावा सामाजिक, धार्मिक और व्यावसायिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोगों ने भी सहभागिता की।
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25 वर्षों से कर रहे गणपति की आराधना
विश्वनाथ ने बताया कि वे पिछले 25 वर्षों से भगवान गणपति की साधना और आराधना करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश और माता-पिता के आशीर्वाद से जयपुर से मुंबई के जुहू चौपाटी तक गणपति महाराज की यात्रा पूरी हुई और विधि-विधान से समुद्र में विसर्जन किया गया। उन्होंने कहा कि जयपुर से हवाई जहाज के जरिए मुंबई पहुंचे गणपति महाराज का विसर्जन आस्था, परंपरा और श्रद्धा का विशेष अवसर रहा। यात्रा के जरिए राजस्थान और महाराष्ट्र के बीच धार्मिक एवं सांस्कृतिक जुड़ाव की भावना भी सामने आई।