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Waqf Bill: 'महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए बनाए जा रहे कानून’ केंद्र सरकार पर बिफरे पूर्व CM गहलोत

Thu, 03 Apr 2025 11:53 AM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Thu, 03 Apr 2025 11:53 AM IST
सार

Waqf Bill: लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पास होने के बाद पक्ष-विपक्ष में तीखी बयानबाजी जारी है। इसी कड़ी में राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि ये बिल अल्पसंख्यकों में भय पैदा करने के लिए लाया गया है। साथ ही, उन्होंने कहा कि यह कानून दोनों समुदायों के बीच तनाव पैदा करने का एक माध्यम बन सकता है।

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Former CM Ashok Gehlot attacked the central government over the Waqf Bill
अशोक गहलोत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वक्फ संशोधन बिल 2024 लोकसभा में 12 घंटे की चर्चा के बाद पास हो गया। 288 सांसदों ने पक्ष में तो 232 ने विपक्ष में वोट डाला। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे पेश किया था। किरेन रिजिजू ने इसे उम्मीद (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, इफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया है। इसे लेकर विपक्ष सत्ता पक्ष पर हमलावर है। इसी कड़ी में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, शेयर बाजार में गिरावट और रुपये के अवमूल्यन जैसे अहम मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए बार-बार अल्पसंख्यक समुदाय को निशाने पर लेने वाले कानून बनाए जा रहे हैं।

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गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि इससे पहले नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के दौरान भी ऐसा देखा गया। उन्होंने कहा, "यह कानून 2020 में बना, लेकिन इसके नियम 2024 में बनाए गए। फिर भी, राजनीतिक लाभ लेने के लिए इसे बार-बार उछाला गया और देश में तनाव पैदा किया गया।

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पूर्व मुख्यमंत्री ने वक्फ को लेकर बनाए गए नए कानून पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून की कोई आवश्यकता नहीं थी, लेकिन इसे बहुसंख्यक समुदाय का ध्यान जरूरी मुद्दों से हटाने और अल्पसंख्यकों में भय पैदा करने के लिए लाया गया है। साथ ही, उन्होंने कहा कि यह कानून दोनों समुदायों के बीच तनाव पैदा करने का एक माध्यम बन सकता है।

 

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