Waqf Bill: 'महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए बनाए जा रहे कानून’ केंद्र सरकार पर बिफरे पूर्व CM गहलोत
Waqf Bill: लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पास होने के बाद पक्ष-विपक्ष में तीखी बयानबाजी जारी है। इसी कड़ी में राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि ये बिल अल्पसंख्यकों में भय पैदा करने के लिए लाया गया है। साथ ही, उन्होंने कहा कि यह कानून दोनों समुदायों के बीच तनाव पैदा करने का एक माध्यम बन सकता है।
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वक्फ संशोधन बिल 2024 लोकसभा में 12 घंटे की चर्चा के बाद पास हो गया। 288 सांसदों ने पक्ष में तो 232 ने विपक्ष में वोट डाला। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे पेश किया था। किरेन रिजिजू ने इसे उम्मीद (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, इफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया है। इसे लेकर विपक्ष सत्ता पक्ष पर हमलावर है। इसी कड़ी में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, शेयर बाजार में गिरावट और रुपये के अवमूल्यन जैसे अहम मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए बार-बार अल्पसंख्यक समुदाय को निशाने पर लेने वाले कानून बनाए जा रहे हैं।
ऐसा लगता है कि भारत सरकार महंगाई, बेरोजगारी, शेयर मार्केट में चल रही गिरावट, रुपये के अवमूल्यन जैसे जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए बार-बार अल्पसंख्यक वर्ग को निशाने पर लेने वाले कानून बनाती है।
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पूर्व में CAA के दौरान भी ऐसा देखा गया क्योंकि कानून 2020 में ही बना दिया पर… — Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) April 3, 2025
गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि इससे पहले नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के दौरान भी ऐसा देखा गया। उन्होंने कहा, "यह कानून 2020 में बना, लेकिन इसके नियम 2024 में बनाए गए। फिर भी, राजनीतिक लाभ लेने के लिए इसे बार-बार उछाला गया और देश में तनाव पैदा किया गया।
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पूर्व मुख्यमंत्री ने वक्फ को लेकर बनाए गए नए कानून पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून की कोई आवश्यकता नहीं थी, लेकिन इसे बहुसंख्यक समुदाय का ध्यान जरूरी मुद्दों से हटाने और अल्पसंख्यकों में भय पैदा करने के लिए लाया गया है। साथ ही, उन्होंने कहा कि यह कानून दोनों समुदायों के बीच तनाव पैदा करने का एक माध्यम बन सकता है।