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राजस्थान में रबी की बुआई से पहले खाद की कालाबाजारी: अब तक 24 मामलों में एफआईआर, 118 लाइसेंस निलंबित

Thu, 08 Oct 2026 06:29 AM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Thu, 08 Oct 2026 06:29 AM IST
सार

रबी की बुआई से पहले राजस्थान में खाद की कालाबाजारी और डायवर्जन पर कार्रवाई तेज हुई है। अब तक 24 एफआईआर दर्ज, 118 लाइसेंस निलंबित या निरस्त और 8,533 बैग जब्त किए गए।

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Fertiliser Black Marketing Ahead of Rabi Sowing: 24 FIRs Filed in Rajasthan, 118 Licences Suspended
यूरिया के लिए लाइन में लगे किसान। संवाद

विस्तार

रबी की बुवाई से पहले राजस्थान में खाद की उपलब्धता को लेकर सरकार ने निगरानी बढ़ा दी है। प्रदेश में फिलहाल 3.72 लाख मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक है। वहीं खाद की जमाखोरी, कालाबाजारी और दूसरे राज्यों में अवैध तरीके से भेजने के मामलों में अब तक 24 एफआईआर दर्ज की गई हैं। कार्रवाई के दौरान 118 खाद लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए गए हैं।

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कृषि विभाग ने खाद की बिक्री करने वाले 12,362 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया है। इनमें 115 लाइसेंस निलंबित और तीन निरस्त किए गए। खाद के अवैध डायवर्जन के मामलों में 1,223 बैग जब्त किए गए हैं। वहीं गुणवत्ता नियंत्रण अभियान के तहत यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी सहित विभिन्न खाद के 8,533 बैग जब्त किए गए हैं।

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15 अक्टूबर तक विशेष अभियान

कृषि विभाग की ओर से 10 सितंबर से 15 अक्टूबर तक विशेष गुणवत्ता नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत खाद बिक्री केंद्रों का निरीक्षण, सैंपलिंग, जब्ती और खाद के डायवर्जन की जांच की जा रही है। जिन जिलों और ब्लॉकों में खाद की उपलब्धता कम और खपत अधिक है, वहां मांग के अनुसार प्राथमिकता से आपूर्ति की जा रही है।

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यूरिया का 4.33 लाख टन इंतजाम

अक्टूबर के लिए केंद्र सरकार ने राजस्थान को 4.60 लाख टन यूरिया आवंटित किया है। एक अक्टूबर को उपलब्ध स्टॉक को शामिल करने के बाद राज्य अब तक 4.33 लाख टन यूरिया की व्यवस्था कर चुका है।

इसी तरह अक्टूबर के लिए राजस्थान को 2.004 लाख टन डीएपी आवंटित हुआ है। इसमें से अब तक मौजूदा स्टॉक सहित 1.41 लाख टन डीएपी की व्यवस्था की जा चुकी है। राज्य में फिलहाल 1.06 लाख टन डीएपी, 97 हजार टन एनपीके और 2.08 लाख टन एसएसपी भी उपलब्ध है।

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भीड़ वाले केंद्रों पर अधिकारियों की निगरानी

कृषि विभाग ने खाद वितरण की निगरानी के लिए बिक्री केंद्रों पर अधिकारियों की तैनाती की है। जिन केंद्रों पर किसानों की ज्यादा भीड़ हो रही है, वहां किसानों को कतार में लगाकर विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में खाद वितरित की जा रही है।
सीमावर्ती जिलों में खाद को दूसरे राज्यों में अवैध रूप से भेजने से रोकने के लिए 61 चेक पोस्ट बनाए गए हैं। जरूरत के अनुसार इन पर पुलिस की मदद भी ली जा रही है। इसके अलावा सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां खाद की उपलब्धता, वितरण और आपूर्ति के साथ जमाखोरी, कालाबाजारी और डायवर्जन पर नजर रखी जा रही है।

किसानों से खाद का स्टॉक नहीं करने की अपील

कृषि मंत्री किरोड़ीलाल ने किसानों से खाद को लेकर घबराने और जरूरत से ज्यादा स्टॉक करने से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त आपूर्ति के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय किया जा रहा है।

रबी में फसल पैटर्न के हिसाब से तय होगी खाद की जरूरत

रबी 2026-27 के प्रस्तावित फसल पैटर्न को देखते हुए खाद की जरूरत का आकलन किया जा रहा है। इस बार तिलहन का क्षेत्रफल 40.06 लाख हेक्टेयर प्रस्तावित है, जो पिछले सीजन के 39.82 लाख हेक्टेयर से अधिक है। दलहन का क्षेत्रफल 21.95 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान है, जबकि पिछले साल यह 20.69 लाख हेक्टेयर था। वहीं अनाज का क्षेत्रफल पिछले सीजन के 42.77 लाख हेक्टेयर से घटकर 38.50 लाख हेक्टेयर प्रस्तावित है। 

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