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Rajasthan News: FMGE फर्जी सर्टिफिकेट रैकेट का भंडाफोड़, मुख्य आरोपी भानाराम माली गिरफ्तार
Sat, 07 Feb 2026 03:01 PM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Sat, 07 Feb 2026 03:01 PM IST
सार
जयपुर में राज्य विशेष संचालन समूह (SOG) ने FMGE परीक्षा में फर्जी पास सर्टिफिकेट बनवाकर अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने वाले बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया। इस मामले में विदेश से MBBS डिग्री प्राप्त मुख्य आरोपी भानाराम माली उर्फ भानू और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
राज्य विशेष संचालन समूह (SOG) ने Foreign Medical Graduate Examination (FMGE) की स्क्रीनिंग टेस्ट परीक्षा पास करने के फर्जी प्रमाण-पत्र बनवाकर अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने वाले बड़े रैकेट का खुलासा किया है। इस मामले में विदेश से MBBS डिग्री प्राप्त मुख्य आरोपी भानाराम माली उर्फ भानू सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पूर्व गिरफ्तारी और मुख्य आरोपी की फरारी
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि इस प्रकरण में पहले ही विदेश से MBBS डिग्री प्राप्त डॉक्टर पीयूष कुमार त्रिवेदी, देवेन्द्र सिंह गुर्जर और शुभम गुर्जर को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन गिरफ्तारियों के बाद मुख्य आरोपी भानाराम माली उर्फ भानू विदेश फरार हो गया था।
डीआईजी परिस देशमुख के निर्देशन में अनुसंधान अधिकारी पुलिस निरीक्षक हरपाल सिंह और उनकी टीम ने लगातार प्रयास किए। जांच में सामने आया कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए भारत से थाईलैंड, श्रीलंका, दुबई, कजाकिस्तान और नेपाल जैसे देशों में छिपता रहा। सूचना मिलने पर 02 फरवरी 2026 को दिल्ली एयरपोर्ट से उसे दस्तयाब किया गया और 03 फरवरी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी फिलहाल 07 फरवरी 2026 तक पुलिस हिरासत में है।
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फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर लाभ पहुंचाना
जांच में यह भी उजागर हुआ कि भानाराम माली स्वयं विदेश से MBBS डिग्री लेकर डॉक्टर है और उसने मोटी रकम लेकर अन्य डॉक्टरों को FMGE परीक्षा का फर्जी पास सर्टिफिकेट उपलब्ध कराया। इन्हीं सर्टिफिकेट के आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) में इंटर्नशिप के लिए आवेदन किए गए।
अनुसंधान के दौरान यह तथ्य सामने आया कि लगभग 73 ऐसे अभ्यर्थी, जिन्होंने FMGE परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की थी, उनके लिए भी इसी तरह के फर्जी सर्टिफिकेट तैयार कर RMC में आवेदन किए गए। इस संबंध में 04 फरवरी 2026 को नया प्रकरण दर्ज किया गया।
नए प्रकरण और गिरफ्तारी
नए प्रकरण की जांच में यह सामने आया कि अभियुक्त इन्द्रराज सिंह गुर्जर ने भी कजाकिस्तान से MBBS करने के बाद दिसंबर 2022 का फर्जी FMGE सर्टिफिकेट प्राप्त कर इंटर्नशिप पूरी की। उसे 05 फरवरी को दौसा से गिरफ्तार किया गया और वह 10 फरवरी तक पुलिस अभिरक्षा में है। वहीं अन्य 73 डॉक्टरों की भूमिका की जांच अभी जारी है।
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पूर्व गिरफ्तारी और मुख्य आरोपी की फरारी
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि इस प्रकरण में पहले ही विदेश से MBBS डिग्री प्राप्त डॉक्टर पीयूष कुमार त्रिवेदी, देवेन्द्र सिंह गुर्जर और शुभम गुर्जर को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन गिरफ्तारियों के बाद मुख्य आरोपी भानाराम माली उर्फ भानू विदेश फरार हो गया था।
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डीआईजी परिस देशमुख के निर्देशन में अनुसंधान अधिकारी पुलिस निरीक्षक हरपाल सिंह और उनकी टीम ने लगातार प्रयास किए। जांच में सामने आया कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए भारत से थाईलैंड, श्रीलंका, दुबई, कजाकिस्तान और नेपाल जैसे देशों में छिपता रहा। सूचना मिलने पर 02 फरवरी 2026 को दिल्ली एयरपोर्ट से उसे दस्तयाब किया गया और 03 फरवरी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी फिलहाल 07 फरवरी 2026 तक पुलिस हिरासत में है।
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फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर लाभ पहुंचाना
जांच में यह भी उजागर हुआ कि भानाराम माली स्वयं विदेश से MBBS डिग्री लेकर डॉक्टर है और उसने मोटी रकम लेकर अन्य डॉक्टरों को FMGE परीक्षा का फर्जी पास सर्टिफिकेट उपलब्ध कराया। इन्हीं सर्टिफिकेट के आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) में इंटर्नशिप के लिए आवेदन किए गए।
अनुसंधान के दौरान यह तथ्य सामने आया कि लगभग 73 ऐसे अभ्यर्थी, जिन्होंने FMGE परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की थी, उनके लिए भी इसी तरह के फर्जी सर्टिफिकेट तैयार कर RMC में आवेदन किए गए। इस संबंध में 04 फरवरी 2026 को नया प्रकरण दर्ज किया गया।
नए प्रकरण और गिरफ्तारी
नए प्रकरण की जांच में यह सामने आया कि अभियुक्त इन्द्रराज सिंह गुर्जर ने भी कजाकिस्तान से MBBS करने के बाद दिसंबर 2022 का फर्जी FMGE सर्टिफिकेट प्राप्त कर इंटर्नशिप पूरी की। उसे 05 फरवरी को दौसा से गिरफ्तार किया गया और वह 10 फरवरी तक पुलिस अभिरक्षा में है। वहीं अन्य 73 डॉक्टरों की भूमिका की जांच अभी जारी है।
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