फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Rajasthan News: Fake claim about Rajasthan tradition sparks outrage, police term it misleading

Rajasthan News: राजस्थान की तथाकथित परंपरा का दावा फेक, वीडियो देखकर भड़के राजस्थानी, पुलिस ने बताया भ्रामक

Sat, 30 Aug 2025 01:23 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: जयपुर ब्यूरो Updated Sat, 30 Aug 2025 01:23 PM IST
सार

सोशल मीडिया पर राजस्थान की एक तथाकथित परंपरा को लेकर किया गया दावा पूरी तरह फेक निकला। पुलिस ने इसे भ्रामक बताते हुए कहा है कि इस तरह की फेक न्यूज फैलाना दंडनीय अपराध है।

विज्ञापन
Rajasthan News: Fake claim about Rajasthan tradition sparks outrage, police term it misleading
सोशल मीडिया पर राजस्थान की तथाकथित परंपरा फेक निकली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर इन दिनों राजस्थान की एक कथित परंपरा को लेकर वीडियो और पोस्ट वायरल हो रहे हैं। वीडियो बनाने वाली युवती ने दावा किया था कि प्रदेश के कुछ इलाकों में शादी के बाद पहले ससुर, फिर देवर और फिर पति के साथ संबंध बनाने की अमानवीय प्रथा निभाई जाती है। इतना ही नहीं उसने यह भी कहा कि पहले बच्चे को गर्भपात करा दिया जाता है। इस कथित परंपरा के लिए उसने शिक्षा की कमी को जिम्मेदार ठहराया।

विज्ञापन


इस वीडियो पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई यूजर्स ने इस दावे को राजस्थान जैसे गौरवशाली राज्य का अपमान बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। एक यूजर ने लिखा कि केवल खंडन करने से बात नहीं बनेगी, ऐसे फेक दावों पर दंड होना चाहिए। कुछ यूजर्स ने तो सीधे पुलिस से सवाल किया कि क्या वे इस तरह की अफवाहें फैलाने वालों पर कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Udaipur News: राजसमंद विधायक की कार का भीषण एक्सीडेंट, अस्पताल में भर्ती, उदयपुर के अंबेरी के पास हुआ हादसा
विज्ञापन
विज्ञापन


विवाद बढ़ने के बाद राजस्थान पुलिस ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से स्पष्टीकरण जारी किया। पुलिस ने साफ कहा कि राजस्थान में ऐसी कोई परंपरा या रस्म मौजूद नहीं है। यह दावा पूरी तरह झूठा और भ्रामक है। पुलिस ने इसे फेक न्यूज करार देते हुए कहा कि इस तरह की गलत जानकारी फैलाना कानूनन दंडनीय अपराध है।



पुलिस ने आम जनता से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली अफवाहों पर विश्वास न करें और इस तरह की संदिग्ध सामग्री की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed