{"_id":"65a61454137175e31f03f5d9","slug":"ed-raid-ed-action-against-2-officers-and-contractors-including-former-minister-mahesh-joshi-2024-01-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"ED Raid: पूर्व मंत्री महेश जोशी समेत पांच लोगों के ठिकानों पर छापेमारी, जल जीवन मिशन घोटाले में की कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ED Raid: पूर्व मंत्री महेश जोशी समेत पांच लोगों के ठिकानों पर छापेमारी, जल जीवन मिशन घोटाले में की कार्रवाई
Tue, 16 Jan 2024 12:03 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Tue, 16 Jan 2024 12:03 PM IST
सार
Jaipur: 900 करोड़ के जल जीवन मिशन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई करते हुए 6 जगहों पर छापेमारी की। इस संबंध में पूर्व मंत्री महेश जोशी के 2 घरों पर भी छापे की कार्रवाई की गई। विभाग के पूर्व एसीएस का नाम भी घोटाले में शामिल है।
विज्ञापन
राजस्थान
- फोटो : साेशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जल जीवन मिशन घोटाले को लेकर ईडी की 10 टीमों ने पांच लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। इसी कड़ी में पूर्व मंत्री महेश जोशी समेत जलदाय विभाग के दो अधिकारियों और दो ठेकेदारों के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई। इसके अलावा डूंगरपुर और बांसवाड़ा में भी कार्रवाई किए जाने की जानकारी मिली है।
विज्ञापन
हाल में राजस्थान हाईकोर्ट ने भी इस मामले को लेकर सरकार से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी थी। जानकारी के मुताबिक ईडी के पास महेश जोशी और जलदाय विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं। इस आधार पर ईडी की टीम महेश जोशी को पूछताछ के लिए ईडी मुख्यालय आने का नोटिस भी दे सकती है।
विज्ञापन
घोटाले के संबंध में बड़ी राशि के फर्जी बिल ईडी के हाथ लगे हैं। इन्हीं बिलों को लेकर टीम विभाग के दोनों जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों से बात कर रही है।
विज्ञापन
क्या है मामला
जल जीवन मिशन में गणपति ट्यूबवेल और श्री श्याम कृपा ट्यूबवेल कंपनी ने भारत सरकार के उपक्रम इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के फर्जी कंप्लेशन सर्टिफिकेट प्रस्तुत करके करीब 900 करोड़ रुपये के टेंडर प्राप्त कर लिए। इस बारे में इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड ने जल जीवन मिशन के अतिरिक्त मुख्य अभियंता को दो बार पत्र भी लिखे कि फर्जी दस्तावेजों आधार पर कंपनियों ने 900 करोड़ रुपए प्राप्त किए हैं, लेकिन तत्कालीन गहलोत सरकार के समय संबंधित व्यक्तियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
पब्लिक अगेंस्ट करप्शन संस्था की ओर से इस मामले में जांच के लिए हाईकोर्ट में पीआईएल भी दायर की जा चुकी है, जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार से कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी थी।
राजस्थान हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से उपस्थित अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल आर.डी. रस्तोगी ने भी कोर्ट को बताया था कि यह एक बहुत बड़ा घोटाला है, जिसमें राजस्थान सरकार के प्रमुख सचिव तक कि संलिप्तता पता चली है। उक्त संदर्भित मामले के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई की है |