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Jaipur: भड़काऊ रैली निकालने वालों पर कार्रवाई की मांग, विधायक बालमुकुंदाचार्य ने पुलिस कमिश्नर को सौंपा पत्र
Mon, 17 Mar 2025 01:34 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Mon, 17 Mar 2025 01:34 PM IST
सार
Jaipur: विधायक ने आरोप लगाया कि 16 मार्च को भी आमेर रोड और रामगढ़ मोड़ पर इसी तरह की रैली निकालकर फिर से आपराधिक कृत्यों को अंजाम दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन ने ऐसी भड़काऊ रैलियों की अनुमति दी थी?
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स्वामी बालमुकुंदाचार्य ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर दिया पत्र
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जयपुर में 14 मार्च को धुलंडी के दिन जौहरी बाजार, बड़ी चौपड़, हवामहल, चांदी की टकसाल और आमेर रोड सहित कई क्षेत्रों में असामाजिक तत्वों द्वारा मोटरसाइकिल और कारों के झुंड में रैली निकालने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस दौरान देशविरोधी और भड़काऊ नारेबाजी की गई, जिससे आमजन में भय और अशांति का माहौल बन गया। इस घटना को लेकर हवामहल विधायक स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
महिलाओं और पर्यटकों से अभद्रता का आरोप
विधायक बालमुकुंदाचार्य ने बताया कि रैली में शामिल उपद्रवी चार-चार लोगों के समूह में मोटरसाइकिल पर सवार थे। इन तत्वों ने स्थानीय नागरिकों, देशी-विदेशी पर्यटकों से दुर्व्यवहार किया, मकानों के बाहर खड़े वाहनों के शीशे तोड़ दिए और गोविंद देव जी मंदिर आने वाली महिलाओं से अभद्रता व आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से जयपुर की छवि धूमिल हुई है और सनातन धर्मावलंबियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
पढ़ें: टीकाराम जूली के बयान पर जोगाराम पटेल का पलटवार, कहा- 'कुछ लोगों की आदत होती है बैंड बजाने की'
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16 मार्च को भी दोहराई गई घटना
विधायक ने आरोप लगाया कि 16 मार्च को भी आमेर रोड और रामगढ़ मोड़ पर इसी तरह की रैली निकालकर फिर से आपराधिक कृत्यों को अंजाम दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन ने ऐसी भड़काऊ रैलियों की अनुमति दी थी? यदि नहीं, तो 14 मार्च की घटना के बावजूद 16 मार्च को दोबारा रैली निकालने की अनुमति कैसे दी गई?
दोषियों और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
विधायक बालमुकुंदाचार्य ने प्रशासन से मांग की है कि दोनों दिन की घटनाओं में शामिल दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। बिना अनुमति इस तरह की रैली निकालने वाले तत्वों पर कार्रवाई हो। वहीं, पुलिस प्रशासन की लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर भी सख्त कदम उठाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आमजन के बीच असंतोष बढ़ सकता है और प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंच सकता है।
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महिलाओं और पर्यटकों से अभद्रता का आरोप
विधायक बालमुकुंदाचार्य ने बताया कि रैली में शामिल उपद्रवी चार-चार लोगों के समूह में मोटरसाइकिल पर सवार थे। इन तत्वों ने स्थानीय नागरिकों, देशी-विदेशी पर्यटकों से दुर्व्यवहार किया, मकानों के बाहर खड़े वाहनों के शीशे तोड़ दिए और गोविंद देव जी मंदिर आने वाली महिलाओं से अभद्रता व आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से जयपुर की छवि धूमिल हुई है और सनातन धर्मावलंबियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
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16 मार्च को भी दोहराई गई घटना
विधायक ने आरोप लगाया कि 16 मार्च को भी आमेर रोड और रामगढ़ मोड़ पर इसी तरह की रैली निकालकर फिर से आपराधिक कृत्यों को अंजाम दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन ने ऐसी भड़काऊ रैलियों की अनुमति दी थी? यदि नहीं, तो 14 मार्च की घटना के बावजूद 16 मार्च को दोबारा रैली निकालने की अनुमति कैसे दी गई?
दोषियों और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
विधायक बालमुकुंदाचार्य ने प्रशासन से मांग की है कि दोनों दिन की घटनाओं में शामिल दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। बिना अनुमति इस तरह की रैली निकालने वाले तत्वों पर कार्रवाई हो। वहीं, पुलिस प्रशासन की लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर भी सख्त कदम उठाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आमजन के बीच असंतोष बढ़ सकता है और प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंच सकता है।