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Fake Traffic Challan: फर्जी ट्रैफिक चालान से सावधान ! आपके साथ हो सकता है सायबर फ्रॉड, जानिए कैसे बचें
Thu, 11 Dec 2025 07:47 AM IST
सौरभ भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: सौरभ भट्ट
Updated Thu, 11 Dec 2025 07:47 AM IST
सार
Online Fraud: साइबर फ्रॉड ठगी के नए-नए तरीके निकाल रहे हैं। फर्जी ट्रैफिक चालान SMS लिंक पर भेज कर बैंक खातों को खाली कर रहे हैं। राजस्थान साइबर पुलिस ने सतर्क रहने और 1930 पर रिपोर्ट करने की अपील की है।
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ऑनलाइन धोखाधड़ी
- फोटो : एजेंसी
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विस्तार
इन दिनों ट्रैफिक पुलिस के चालान के नाम पर लोगों से सायबर फ्रॉड के नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी का एक नया तरीका अपनाया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राईम विजय कुमार सिंह ने बताया कि अपराधी वाहन चालकों को गैर-सरकारी नंबरों से यातायात उल्लंघन (ट्रैफिक चालान) का फर्जी संदेश भेज रहे हैं। एडीजी सिंह ने बताया कि ये संदेश तत्काल भुगतान का दबाव बनाते हैं, जैसे: Reminder: Outstanding traffic violation fine. Pay immediately to prevent extra penalties or further legal action. इस SMS में एक फर्जी लिंक दिया जाता है और जैसे ही कोई व्यक्ति इस लिंक पर क्लिक करके भुगतान करने की कोशिश करता है, उसके बैंक खाते से पैसे आहरण होने की प्रबल संभावना बन जाती है।
फर्जी वेबसाइटों की पहचान: डोमेन में छिपा है धोखा
आमजन को इस धोखाधड़ी से बचाने के लिए साइबर पुलिस ने फर्जी वेबसाइटों की पहचान के तरीके बताए हैं। नकली वेबसाइटों का निर्माण सरकारी वेबसाइटों से मिलते-जुलते डोमेन नामों से किया जाता है (जैसे: gov.in की जगह govt.in या nic.in की जगह inc.in)। जबकि सरकारी वेबसाइटें प्रायः .gov.in, .nic.in, या .org.in डोमेन पर होती हैं। इसके अतिरिक्त स्क्रीन पर अचानक पेमेंट या किसी स्कीम का लाभ पाने के लिए क्लिक करने का संदेश आना भी इनके फर्जी होने की मुख्य निशानी है। साइबर क्राइम विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अनजान नंबर से आए एसएमएस के लिंक पर कभी भी क्लिक न करें। किसी भी स्थिति में अपना बैंकिंग पासवर्ड, ओटीपी या अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी से भी साझा न करें और न ही ऐसे संदेशों में दिए गए अनजान नंबरों पर कॉल करें। साइबर जागरूकता ही इस धोखाधड़ी से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।
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तत्काल रिपोर्ट करें
यदि आपके साथ ऐसी धोखाधड़ी होती है या आपको कोई संदिग्ध संदेश प्राप्त होता है, तो तुरंत कार्रवाई करें। धोखाधड़ी की सूचना देने के लिए साइबर हेल्प लाईन नम्बर 1930, या साइबर हेल्प डेस्क नम्बर 9256001930/9257510100 पर संपर्क करें। इसके अतिरिक्त आप साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in या अपने निकटतम पुलिस स्टेशन / साइबर पुलिस स्टेशन में भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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फर्जी वेबसाइटों की पहचान: डोमेन में छिपा है धोखा
आमजन को इस धोखाधड़ी से बचाने के लिए साइबर पुलिस ने फर्जी वेबसाइटों की पहचान के तरीके बताए हैं। नकली वेबसाइटों का निर्माण सरकारी वेबसाइटों से मिलते-जुलते डोमेन नामों से किया जाता है (जैसे: gov.in की जगह govt.in या nic.in की जगह inc.in)। जबकि सरकारी वेबसाइटें प्रायः .gov.in, .nic.in, या .org.in डोमेन पर होती हैं। इसके अतिरिक्त स्क्रीन पर अचानक पेमेंट या किसी स्कीम का लाभ पाने के लिए क्लिक करने का संदेश आना भी इनके फर्जी होने की मुख्य निशानी है। साइबर क्राइम विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अनजान नंबर से आए एसएमएस के लिंक पर कभी भी क्लिक न करें। किसी भी स्थिति में अपना बैंकिंग पासवर्ड, ओटीपी या अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी से भी साझा न करें और न ही ऐसे संदेशों में दिए गए अनजान नंबरों पर कॉल करें। साइबर जागरूकता ही इस धोखाधड़ी से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।
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तत्काल रिपोर्ट करें
यदि आपके साथ ऐसी धोखाधड़ी होती है या आपको कोई संदिग्ध संदेश प्राप्त होता है, तो तुरंत कार्रवाई करें। धोखाधड़ी की सूचना देने के लिए साइबर हेल्प लाईन नम्बर 1930, या साइबर हेल्प डेस्क नम्बर 9256001930/9257510100 पर संपर्क करें। इसके अतिरिक्त आप साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in या अपने निकटतम पुलिस स्टेशन / साइबर पुलिस स्टेशन में भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।