फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Congress Reworks Panchayat Poll Strategy: Organisation to Control Tickets, ‘Vote Theft’ Issue to Reach Village

निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस का पंचायत प्लान: टिकट की कमान संगठन के हाथ, गांव तक पहुंचेगा ‘वोट चोरी’ का मुद्दा

Thu, 08 Oct 2026 01:30 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Thu, 08 Oct 2026 01:30 PM IST
सार

निकाय चुनाव में टिकट और गुटबाजी से सबक लेते हुए कांग्रेस पंचायत चुनाव में टिकट संगठन के हाथ रखेगी। स्थानीय जिताऊ चेहरों, समय पर टिकट और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे से गांवों तक पहुंचने की तैयारी है।

विज्ञापन
Congress Reworks Panchayat Poll Strategy: Organisation to Control Tickets, ‘Vote Theft’ Issue to Reach Village
पीसीसी वॉर रूम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

निकाय चुनाव में टिकट वितरण को लेकर सामने आई नाराजगी को देखते हुए कांग्रेस पंचायत चुनावों में अब टिकट बंटवारे की कमान संगठन स्तर पर ही हाथ में रखेगी।  निकाय चुनाव में टिकट बंटवारे की जिम्मेदारी ज्यादातर विधायक और विधायक प्रत्याशियों के हाथ में दी गई थी। इस फैसले को लेकर कई जगह टिकटों की सौदेबाजी के आरोप भी लगे। इसलिए कांग्रेस अब पंचायत चुनावों में टिकटों का बंटवारा संगठन स्तर पर ही करेगी। हालांकि टिकट किसे दिया जाए, इसके लिए जिला स्तर पर कांग्रेस नेताओं का फीडबैक और पैनल भी तैयार करवाए जाएंगे। 

विज्ञापन

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि फोकस इस बार स्थानीय और जिताऊ उम्मीदवार, समय पर टिकट, बड़े नेताओं का जिलों में प्रवास और संगठन में बेहतर तालमेल पर रहेगा। इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को कांग्रेस वॉर रूम में हुई कोर कमेटी की बैठक भी हुई। इस बैठक के साथ जिला अध्यक्षों की एक और बैठक बुलाई गई जिसमें चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने पर मंथन हुआ।
विज्ञापन


टाॅस्क फोर्स तय करेगी चेहरे: स्थानीय पर दांव

पार्टी पहले ही युवा संभावित उम्मीदवारों की पहचान के लिए पंचायत चुनाव टास्क फोर्स बना चुकी है। इसके जरिए जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर नए चेहरों को संगठन से जोड़ने की कवायद की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पंचायत चुनाव में कांग्रेस का सबसे बड़ा फोकस स्थानीय चेहरों पर है। पार्टी मान रही है कि गांव और पंचायत स्तर पर उम्मीदवार की व्यक्तिगत पकड़, स्थानीय समीकरण और संगठन से जुड़ाव चुनाव में अहम भूमिका निभाएगा। इसलिए टिकट वितरण में केवल नेताओं की पसंद के बजाय स्थानीय पकड़ और चुनाव जीतने की क्षमता को प्राथमिकता देने की रणनीति है।

यह भी पढें- राजस्थान में मौसम बदलेगा: जानिए किन इलाकों में बारिश के आसार; तापमान 2-3 डिग्री गिरेगा

देर से टिकट नहीं, पहले से मैदान तैयार करने की कोशिश

निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस अब टिकट वितरण में देरी से बचना चाहती है। पार्टी की रणनीति संभावित उम्मीदवारों की पहचान पहले करने और चुनाव कार्यक्रम के साथ ही प्रचार को गति देने की है। इससे उम्मीदवारों को अपने क्षेत्र में मतदाताओं और कार्यकर्ताओं के बीच पर्याप्त समय मिल सकेगा।
जिला कांग्रेस कमेटियों को स्थानीय नेताओं के साथ समन्वय कर उम्मीदवार चयन और प्रचार कार्यक्रम तैयार करने की जिम्मेदारी दी जा रही है। प्रदेश स्तर के नेता जिलों के लिए अभियान की रूपरेखा तैयार करेंगे।
बड़े नेता जिलों में उतरेंगे
पंचायत चुनाव में कांग्रेस केवल स्थानीय संगठन के भरोसे नहीं रहेगी। प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी देकर प्रचार में उतारने की रणनीति बनाई गई है। निर्धारित जिलों में सभाओं के साथ जरूरत के अनुसार वरिष्ठ नेता दूसरे क्षेत्रों में भी प्रचार करेंगे। प्रदेश कांग्रेस जिला इकाइयों के साथ मिलकर नेताओं का कार्यक्रम तैयार करेगी। इसका मकसद चुनाव अभियान को प्रदेश स्तर के मुद्दों के साथ स्थानीय मुद्दों से जोड़ना और कार्यकर्ताओं में समन्वय बढ़ाना है।

‘वोट चोरी’ से लेकर गांव के मुद्दों तक
कांग्रेस निकाय चुनाव में लगाए गए कथित गड़बड़ी और प्रशासन के दुरुपयोग के आरोपों को भी पंचायत चुनाव के अभियान में ले जाने की तैयारी में है। पार्टी ने निकाय चुनाव के दौरान पुलिस और प्रशासन की भूमिका को लेकर जांच की मांग भी की है और इसे आगामी पंचायत चुनाव में निष्पक्ष चुनाव से जोड़ रही है। ये कांग्रेस के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

इसके साथ ही कांग्रेस ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े मनरेगा, रोजगार, किसान, शिक्षा, युवा, महिला और स्थानीय विकास जैसे मुद्दों को भी अभियान का हिस्सा बनाएगी। पार्टी अपनी पिछली सरकार के ग्रामीण क्षेत्रों में किए गए कामों को भी मतदाताओं के सामने रखने की तैयारी में है।

निकाय चुनाव की गुटबाजी से सबक
पंचायत चुनाव की रणनीति में संगठनात्मक एकजुटता भी कांग्रेस के लिए अहम है। निकाय चुनाव में क्रॉस वोटिंग और बगावत की शिकायतों के बाद पार्टी ने इसकी जांच के लिए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय समिति बनाई है। ऐसे में पंचायत चुनाव में पार्टी लाइन से हटकर काम करने वालों पर पहले से नजर रखने और अनुशासन को मजबूत करने की कोशिश होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed