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Jaipur: कांग्रेस विधायक भरत सिंह कुंदनपुर ने वाइल्ड लाइफ बोर्ड सदस्य पद से दिया इस्तीफा, सीएम पर लगाए ये आरोप
Fri, 23 Jun 2023 08:36 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Fri, 23 Jun 2023 08:36 PM IST
सार
विधायक भरत सिंह कुंदनपुर ने अबकी बार सीधा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ही टारगेट कर दिया है। उन्होंने प्रदेश वाइल्डलाइफ बोर्ड सदस्य पद से इस्तीफा देते हुए सीएम अशोक गहलोत पर ही इसका ठीकरा फोड़ दिया।
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भरत सिंह कुंदनपुर और सीएम गहलोत।
- फोटो : Amar Ujala Digital
विस्तार
अब तक प्रदेश कांग्रेस सरकार में खनन मंत्री प्रमोद जैन भाया को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरते चले आ रहे विधायक भरत सिंह कुंदनपुर ने अबकी बार सीधा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ही टारगेट कर दिया है। अपने चिर परिचित अंदाज में विधायक कुंदनपुर ने लेटर बम गिराया है। उन्होंने प्रदेश वाइल्डलाइफ बोर्ड सदस्य पद से इस्तीफा देते हुए सीएम अशोक गहलोत पर ही इसका ठीकरा फोड़ दिया।
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कोटा के सांगोद से कांग्रेस विधायक भरत सिंह कुंदनपुर ने प्रदेश वाइल्ड लाइफ बोर्ड के सदस्य पद से इस्तीफा देते हुए सीएम अशोक गहलोत को पत्र लिखकर सियासी खलबली मचा दी है। पत्र में विधायक ने लिखा है कि "निवेदन है कि कृपया इस पत्र को मेरे स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड के सदस्य पद से त्यागपत्र समझा जाए। त्यागपत्र देने का कारण स्पष्ट कर रहा हूं। वन्य जीव संरक्षण और वनों में मेरी बचपन से रुचि रही है और एक विधायक के रूप में इनके संरक्षण पर मैंने ध्यान दिया है।
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विधायक भरत सिंह ने आगे लिखा "प्रदेश के वाइल्ड लाइफ बोर्ड का अध्यक्ष मुख्यमंत्री होता है। आप मुख्यमंत्री होने के नाते वाइल्ड लाइफ बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं। सच्चाई तो यह है कि वाइल्डलाइफ के संरक्षण में आपकी रुचि नहीं है और इस कारण वाइल्ड लाइफ बोर्ड की बैठकें भी प्रदेश में समय पर नहीं होती। आपने कभी भी घोषित मुकुंदरा टाइगर रिजर्व पार्क का अवलोकन नहीं किया है। वर्ष 2018-19 की बजट घोषणा अनुसार अंता में गोडावण प्रजनन केंद्र का विकास होना था। अंता के विधायक और प्रदेश के भ्रष्ट मंत्री को अपने संरक्षण प्रदान कर गोडावण के संरक्षण कार्य को अंगूठा दिखाकर अपने पहले बजट घोषणा में राज्य पक्षी गोडावण की हवा निकाल दी है।
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39 आईएफ़एस सूची के साथ बड़ी संख्या में तबादले, वन मंत्री को सीएमओ ने किया नजरंदाज
भरत सिंह ने लिखा है कि "हाल ही में मंगलवार 20 जून 2023 को सीएमओ ने आदेश निकालकर वन विभाग के 39 आईएफ़एस की सूची के साथ-साथ बड़ी संख्या में तबादले किए हैं। इस विषय पर वन मंत्री से मैंने फोन पर बात की, तो उनका कहना था कि सीएमओ ने उनसे बिना चर्चा किए यह स्थानांतरण किए हैं। यह अत्यंत खेद जनक है कि विभाग के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री को नजरअंदाज कर सीएमओ कार्य कर रहा है।
विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर चुके भरत सिंह कुंदनपुर
कोटा के सांगोद से वरिष्ठ कांग्रेस विधायक भरत सिंह कंचनपुर पूर्व में मंत्री भी रह चुके हैं। अबकी बार उन्हें मंत्री नहीं बनाकर प्रमोद जैन भाया और शांति कुमार धारीवाल को कोटा संभाग से मंत्री बनाया गया। सरकार में अपनी अनदेखी से शुरू से ही भरत सिंह कुंदनपुर नाराज चल रहे हैं। भरत सिंह साढ़े चार साल तक सीएम गहलोत को समय-समय पर पत्र लिखते रहे और खनन मंत्री प्रमोद जैन भाया के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें करते रहे। पत्र भी सीएम को लिखते रहे। सार्वजनिक पोस्ट भी सोशल मीडिया पर खूब की। 'खाया रे खाया, भाया ने खाया' जैसे स्लोगन और पोस्टर-बैनर भी लगवाए गए। लेकिन सीएम अशोक गहलोत ने मंत्री प्रमोद जैन भाया के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया। पिछले दिनों एक सामूहिक विवाह सम्मेलन के कार्यक्रम में गहलोत मंत्री भाया के कार्यक्रम में बारां पहुंच गए, तो भरत सिंह कुंदनपुर बेहद नाराज हो गए। इसी को लेकर अब उन्होंने खुलकर सीएम गहलोत की ही मुखालिफत करना शुरू कर दिया है।