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Jaipur: परकोटा में मजार की छत बनने को लेकर छिड़ा सियासी संग्राम, विरासत बनाम वैधता की जंग में उलझे दो विधायक
Mon, 09 Feb 2026 08:39 PM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
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Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Mon, 09 Feb 2026 08:39 PM IST
सार
Jaipur: जयपुर के परकोटा क्षेत्र में मजार की छत निर्माण को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। हवामहल और किशनपोल विधायकों के आमने-सामने आने से मामला सियासी रंग ले चुका है। एक पक्ष इसे ऐतिहासिक विरासत और निर्माण नियमों का उल्लंघन बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष नगर निगम से अनुमति और वैध प्रक्रिया का दावा कर रहा है।
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किशनपोल विधायक अमीन कागजी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जयपुर के परकोटा क्षेत्र में मजार की छत निर्माण को लेकर सियासी घमासान खड़ा हो गया है। संजय सर्किल स्थित सब्जी मंडी क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य को लेकर सोमवार को उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य निर्माण कार्य रुकवाने मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचते ही किशनपोल विधायक अमीन कागजी भी वहां आ गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच तीखी बहस हो गई। विवाद के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस को अतिरिक्त जाप्ता तैनात करना पड़ा।
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बालमुकुंदाचार्य ने लगाया गंभीर आरोप
हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने मजार की छत निर्माण पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे परकोटा की ऐतिहासिक विरासत से छेड़छाड़ करार दिया। उन्होंने कहा कि परकोटा क्षेत्र पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील इलाका है, जहां किसी भी नए निर्माण या परिवर्तन के लिए सख्त नियम लागू हैं। बालमुकुंदाचार्य का आरोप है कि नगर निगम की सब्जी मंडी की भूमि पर पक्की छत डालकर मजार का निर्माण किया जा रहा है, जबकि यह भूमि निगम के स्वामित्व में है।
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'दीवार में सरिए डालकर डाली जा रही छत'
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परकोटे की दीवार से पांच मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का निर्माण प्रतिबंधित है, इसके बावजूद दीवार में सरिए डालकर छत डाली जा रही है। मजार को एक ओर गणेशजी मंदिर और दूसरी ओर हनुमानजी मंदिर की दीवार से सटाकर बनाया जा रहा है, जबकि पहले यहां ऐसा कोई निर्माण मौजूद नहीं था। बालमुकुंदाचार्य ने नगर निगम अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि परकोटा की विरासत से किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
'माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे बालमुकुंदाचार्य'
वहीं किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कागजी ने कहा कि जिस छत निर्माण को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, उसके लिए नगर निगम द्वारा विधिवत वर्क ऑर्डर जारी किया गया है और सभी प्रक्रियाएं नियमों के तहत पूरी की गई हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में मंदिरों के जीर्णोद्धार और विकास कार्य भी कराए गए हैं, तब किसी को परकोटा या विरासत की चिंता नहीं हुई। कागजी ने आरोप लगाया कि जानबूझकर उनके विधानसभा क्षेत्र में आकर माहौल खराब करने का प्रयास किया जा रहा है और इसे उन्होंने राजनीतिक हस्तक्षेप बताया। इस संबंध में उन्होंने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई है।
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निर्माणस्थल पर पुलिस बल तैनात
इधर पुलिस और प्रशासन मामले की वैधता की जांच में जुटे हुए हैं। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त बजरंग सिंह ने बताया कि नगर निगम द्वारा छत निर्माण के लिए वर्क ऑर्डर जारी किया गया है, लेकिन निर्माण कार्य नियमों के अनुरूप है या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। वहीं नगर निगम के एक्सईएन हेमराज ढाका ने स्वीकार किया कि ठेकेदार द्वारा परकोटे की दीवार में सरिए डालकर निर्माण किया गया है, जो नियम विरुद्ध है। फिलहाल जांच पूरी होने तक क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।