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Rajasthan Election 2023: मतगणना को लेकर तैयारियों की हुई समीक्षा, 36 केंद्रों पर 1121 एआरओ की लगाई ड्यूटी
Fri, 01 Dec 2023 12:01 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Fri, 01 Dec 2023 12:01 PM IST
सार
03 दिसंबर को होने वाली मतगणना के लिए 199 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 36 मतगणना केंद्रों पर 1121 एआरओ की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सीएपीएफ और आरएसी की 175 कंपनियां तैनात रहेंगी।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता।
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने मतगणना की तैयारियों को लेकर समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राजस्थान विधानसभा चुनाव-2023 की मतगणना के लिए मतगणना केंद्रों पर माकूल व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने बताया कि तीन दिसंबर को सुबह 8 बजे से सभी केंद्रों पर पोस्टल बैलेट और 8.30 बजे से ईवीएम के माध्यम से मतगणना आरंभ हो जाएगी।
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उन्होंने बताया कि 199 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए सभी 36 केंद्रों पर मतगणना के लिए 1121 एआरओ की ड्यूटी लगाई गई है। जयपुर, जोधपुर एवं नागौर में दो-दो केंद्रों पर और शेष 30 निर्वाचन जिलों में एक-एक केंद्र पर वोटों की गिनती की जाएगी।
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गुप्ता ने बताया कि 51890 मतदान केंद्रों पर ईवीएम में प्राप्त मतों की गणना के लिए मतगणना केंद्रों पर 2524 टेबल लगाई गई हैं। इनमें कुल 4245 राउंड में मतों की गिनती का कार्य पूरा होगा। शिव विधानसभा क्षेत्र के लिए मतगणना सर्वाधिक 41 राउंड तक चलेगी, जबकि अजमेर दक्षिण के लिए मतगणना 14 राउंड में ही पूरी हो जाएगी।
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उन्होंने बताया कि मतगणना स्थल और उसके आस-पास के क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजामात किए गए हैं। मतगणना प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा इंतजामों के अंतर्गत केंद्रीय पुलिस बल और आरएएसी की व्यापक तैनाती की जाएगी। उन्होंने बताया कि मतगणना स्थल पर प्रवेश के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा की व्यवस्था की गई है, ताकि मतगणना स्थल पर किसी तरह का कोई व्यवधान नहीं आए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय पुलिस बलों की 40 कंपनियां ईवीएम की सुरक्षा के लिए और आरएसी की 36 कंपनियां मतगणना केंदों पर तैनात रहेंगी। आरएएसी की 99 कंपनियां विभिन्न जिलों में कानून-व्यवस्था के मद्देनजर तैनात की जाएंगी।
इन चुनावों में कुल 4 लाख 36 हजार 664 मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट का उपयोग किया है, जिसमें से 80 वर्ष से अधिक उम्र के 49 हजार 365, दिव्यांग श्रेणी के 11 हजार 656 एवं आवश्यक सेवाओं के 4 हजार 427 तथा मतदान प्रक्रिया में जुटे 3 लाख 71 हजार 166 मतदाता शामिल हैं।
गुप्ता ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि आयोग के निर्देशों की पालना करते हुए परिणाम बिना किसी त्रुटि एवं देरी के समय रहते घोषित किए जाएं। उन्होंने कहा कि मतगणना में पूर्ण निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अपनाई जा चुकी 'मैंडेटरी वैरीफिकेशन' पद्धति को भी लागू किया जाएगा। इसमें संपूर्ण मतगणना के बाद प्रत्येक विधानसभा के मतदान केंद्रों से लॉटरी से 5-5 वीवीपैट का चयन कर उसकी पर्चियों की गणना कर, ईवीएम से प्राप्त मतों से मिलान किया जाएगा।