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Rajasthan News : लोकसभा चुनाव से पहले मंत्रिमंडल विस्तार, जातिगत समीकरणों का फायदा लेना चाहती है सरकार
Tue, 13 Feb 2024 12:57 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Tue, 13 Feb 2024 12:57 PM IST
सार
Jaipur: दो महीने पहले ही सत्ता में आई भजनलाल सरकार लोकसभा चुनावों से पहले मंत्रिमंडल विस्तार कर सकती है। मौजूदा मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री के अलावा 12 कैबिनेट, 4 स्वतंत्र प्रभार और 5 राज्य मंत्री हैं। इस लिहाज से 8 मंत्रियों के लिए अभी भी मंत्रिमंडल में जगह बाकी है।
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राजस्थान विधानसभा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लोकसभा चुनावों से ठीक पहले भाजपा राजस्थान में कुछ जातिगत समीकरण और साधना चाहती है, इसी के चलते मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल विस्तार में तीन नए चेहरे लाए जा सकते हैं और एक महिला राज्य मंत्री को कैबिनेट स्तर तक प्रमोट किया जा सकता है। इसमें अनुसूचित जाति से महिला बाल विकास मंत्री मंजू बाघमार का नाम चर्चा में है।
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मंत्रिमंडल में एक चेहरा भरतपुर संभाग से भी लिया जा सकता है। हालांकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद भरतपुर से आते हैं लेकिन उनका निर्वाचन क्षेत्र जयपुर है। उनके अलावा मंत्रिमंडल में भरतपुर संभाग से 2 मंत्री और हैं, जिनमें सवाई माधोपुर से डॉ. किरोड़ीलाल मीणा और नगर से जवाहर सिंह बेढम सरकार में मंत्री हैं।
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भरतपुर लोकसभा क्षेत्र में भरतपुर के साथ ही अलवर ग्रामीण की कठूमर सीट भी आती है। वहीं भरतपुर संभाग में इस बार विधानसभा चुनावी नतीजों की बात करें तो संभाग के चार जिलों में से भरतपुर में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया। वहीं धौलपुर में बीजेपी का सफाया हो गया। बाकि दो जिलों करौली और सवाई माधोपुर में में दो-दो सीट पर बीजेपी और कांग्रेस की जीत हुई। भरतपुर की 7 विधानसभा सीटों में से 5 पर भाजपा जीती, एक पर भाजपा की बागी निर्दलीय ऋतु बनावत और एक सीट आरएलडी के खाते में आई। इसलिए खासी संभावना है कि मंत्रिमंडल विस्तार में भरतपुर संभाग से किसी चेहरे को लिया जाए।
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RLD को भी मिल सकती है जगह
लोकसभा चुनावों से ठीक पहले भाजपा ने आएलडी से गठबंधन किया है। इसी के चलते संभावना है कि बतौर नजराना मंत्रिमंडल का एक पद आरएलडी के खाते में चला जाए। पिछली बार आरएलडी का गठबंधन कांग्रेस के साथ था तो भरतपुर से सुभाष गर्ग को सरकार में मंत्री पद दिया गया था, ऐसे में संभावना है कि पिछली गहलोत सरकार में मंत्री रह चुके सुभाष गर्ग को ही इस गठबंधन में भी आजमाया जाए। हालांकि भाजपा इस तरह के प्रयोग कम करती है लेकिन पिछली बार यह सीट गठबंधन के पास ही थी और कोई भी दल जब नए गठबंधन में जाता है तो अपनी पुरानी स्थिति से नीचे नहीं जाना चाहता।
गंगानगर से फिर एक सिख चेहरा
इसके अलावा पश्चिमी राजस्थान के गंगानगर जिले की सादुलशहर सीट से गुरवीर सिंह को भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है। हालांकि इससे पहले भाजपा ने गंगानगर की श्रीकरणपुर सीट से सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को उपचुनाव से पहले ही मंत्री बना दिया था लेकिन उपचुनाव हारने के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। अब संभावना है कि टीटी की जगह सादुलशहर के गुरवीर सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया जाए।
हालिया विधानसभा चुनावों में पश्चिमी राजस्थान खासतौर पर गंगानगर, हनुमानगढ़, सीकर, चूरू में भाजपा को जबरदस्त हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में अब मंत्रिमंडल विस्तार में इस क्षेत्र को प्रतिनिधित्व देने के लिए भाजपा को किसी नए चेहरे को शामिल करना होगा।