Bird flu virus: कुरजां पक्षियों में बर्ड फ्लू संक्रमण के बाद अलर्ट पर राजस्थान, निगरानी में हॉटस्पॉट एरिया
Bird Flu Virus: राजस्थान के जैसलमेर में कुरजां पक्षियों (डेमोइसेल क्रेन) में बर्ड फ्लू अटैक हुआ है। बीते दिनों यहां आठ पक्षी मृत पाए गए। इसके बाद प्रशासन ने देगराय ओरण इलाके के लुणेरी तालाब क्षेत्र को इंफेक्टेड हॉटस्पॉट एरिया घोषित कर दिया है।
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जैसलमेर में कुरज पक्षियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है। पिछले दिनों यहां मृत मिले आठ कुर्जा पक्षियों की मौत बर्ड फ्लू से होने की पुष्टि हो गई है। भोपाल लैब से बुधवार को आई जांच रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। लैब से आई रिपोर्ट के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
जैसलमेर जिला प्रशासन ने देगराय ओरण इलाके के लुणेरी तालाब क्षेत्र को इंफेक्टेड हॉटस्पॉट एरिया घोषित कर दिया है। संक्रमण को रोकने के लिए पशुपालन विभाग, वन विभाग और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को मिलाकर एक संयुक्त टीम बनाई गई है।
इस टीम ने QRT का गठन किया है, जो हॉटस्पॉट एरिया में गश्त और निगरानी का काम कर रही है। इसके साथ ही प्रवासी पक्षियों के झुंड पर भी नजर रखी जा रही है। इसके अलावा संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए क्षेत्र में केमिकल का छिड़काव किया जाएगा। गौरतलब है कि जैसलमेर के देगराय ओरण इलाके के तालाब क्षेत्र में 11 जनवरी को 6 कुरजां पक्षियों के शव मिले थे। इसके बाद 12 जनवरी को 2 और कुरजां पक्षी मृत मिले थे। सभी 8 मृत पक्षियों के विसरा को जांच के लिए भोपाल (मध्य प्रदेश) स्थित निषाद लैब भेजे गए थे। बुधवार को आई रिपोर्ट में मौत का कारण बर्ड फ्लू बताया गया है।
हॉटस्पॉट एरिया में जाने पर लगाई रोक
पशुपालन विभाग जैसलमेर के संयुक्त निदेशक डॉ. उमेश व्रंगतिवार ने बताया कि हॉटस्पॉट एरिया में आम लोगों और पशुओं के जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कुरजां पक्षियों की मौत के बाद से प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कलेक्टर प्रताप सिंह ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की है।
लोगों से भी सतर्क रहने की अपील
उन्होंने बताया कि प्रवासी पक्षियों में बर्ड फ्लू का संक्रमण फैलने की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार यह संक्रमण पक्षियों से इंसानों में भी फैल सकता है। इस खतरे को देखते हुए आम जनता को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि बर्ड फ्लू की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन हरसंभव प्रयास कर रहा है। प्रभावित क्षेत्र में विशेष निगरानी रखी जा रही है और लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने इस संकट से निपटने के लिए चिकित्सा, वेटरनरी और वन विभाग के अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित किया है।
कहां से आते है ये पक्षी
करीब 6 हजार किलोमीटर का सफर तय कर प्रवासी पक्षी कुरजां साइबेरिया से जैसलमेर पहुंचते हैं। लंबा सफर तय करने वाले पक्षी कुरजां न तो अपनी राह भटकते है और न ही इनके यहां पहुंचने का समय गड़बड़ाता है। हर साल सितंबर के पहले पखवाड़े में ये यहां पहुंच जाते हैं।
कुरजां ऐ म्हारा भंवर मिलादयो ऐ
कुरजां राजस्थान वासियों के लिए कभी पराए नहीं रहे। वे राजस्थान के लोक गीतों में यहां के सांस्कृतिक विरासत में जैसे रच बस गए हों। राजस्थानी लोकगीतों में कुरजां का स्थान बेहद खूसूरता है। उन पर बहुत से लोक गीत बने। उनमें से एक है।