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Rajasthan: नवीन पालीवाल बोले- अधिकारियों को बदलने का फैसला चुनावी, 5 साल मलाई खाकर व्हाइट कॉलर दिखाने की कोशिश
Sat, 03 Jun 2023 09:12 AM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sat, 03 Jun 2023 09:12 AM IST
सार
पालीवाल ने गहलोत सरकार के निर्णय पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि चुनावी मौसम में प्रशासनिक फेरबदल की सरकार को याद आई है। यह खुद को व्हाइट कॉलर दिखाने का प्रयास है।
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आम आदमी पार्टी प्रदेशाध्यक्ष नवीन पालीवाल
- फोटो : Amar Ujala Digital
विस्तार
आम आदमी पार्टी प्रदेशाध्यक्ष नवीन पालीवाल ने गहलोत सरकार के उस निर्णय पर सवाल खड़े किए हैं, जिसके तहत तीन साल से एक ही कुर्सी पर जमे अधिकारियों की बदली कर तबादला किया जाएगा। पालीवाल ने कहा कि चुनावी मौसम में प्रशासनिक फेरबदल की सरकार को याद आई है। यह खुद को व्हाइट कॉलर दिखाने का प्रयास है।
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आप प्रदेश अध्यक्ष नवीन पालीवाल ने बयान जारी कर कहा कि राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रशासनिक सुधार और भ्रष्टाचार मिटाने के लिए एक आदेश जारी कवाया, जिसमें तीन साल से एक जगह जमे हुए अधिकारियों-कर्मचारियों को बदले जाने का फ़रमान है। सीएम गहलोत के नेतृत्व में सरकार बने हुए साढ़े चार साल हो गए और उनकी नींद अब टूटी है। पालीवाल ने कहा कि जब योजना भवन की अलमारी में 2.31 करोड़ रुपये की नकदी और सोना बरामद हुआ, तो सीएम गहलोत को लगा कि जनता उनसे सवाल करेगी। इसलिए अचानक आदेश निकाल कर अपने आप को पाक साफ़ साबित करने की कोशिश कर रहे हैं।
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चुनाव नज़दीक है इसलिए मुख्यमंत्री को डर सता रहा था
पालीवाल ने कहा कि चुनाव नज़दीक है इसलिए मुख्यमंत्री को डर सता रहा था कि यह चुनावी मुद्दा बन गया तो जनता हिसाब कर देगी। जबकि सच्चाई यह है कि पांच साल तक मलाई खाकर अपना कॉलर साफ दिखाने की कोशिश की जा रही है। पालीवाल ने चुटकी लेते हुए कहा कि सरकार का यह फ़ैसला 100 चूहे खा कर बिल्ली हज को चली जैसा है, क्योंकि जो तत्परता सीएम गहलोत चुनाव के दौरान दिखा रहे हैं, वही तत्परता अगर अपने कार्यकाल के शुरुआती समय पर दिखाते, तो आज प्रदेश में भ्रष्टाचार इतने बड़े स्तर पर नहीं पनप पाता। इतना नहीं आप प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पहले तो भ्रष्ट अधिकारियों को पूरे कार्यकाल के दौरान लोगों को लूटने और भ्रष्टाचार की खुली छूट दी गई और अब जब आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर जनता भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रही है, तो सीएम अधिकारियों-कर्मचारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग के बहाने साफ सुथरी छवि रखने का ढोंग कर रहे हैं।
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जनता ये सवाल करती रहेगी कि आखिर साढ़े चार साल बाद सरकार को जनता की याद क्यों आई ?
महंगाई राहत कैंप पर सवाल उठाते हुए पालीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत महंगाई राहत कैंप की लाख विज़िट कर लें, चाहें जितनी योजनाएं चला लें, लेकिन जनता ये सवाल करती रहेगी कि आखिर साढे़ चार साल बाद सरकार को जनता की याद क्यों आई?
सरकार बताए कि पांच साल वाली इमरजेंसी विंडो का दुरुपयोग नहीं होगा, इसकी क्या गारंटी है ?
आप के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भले ही सरकार ने तीन साल से एक पद पर जमे अधिकारियों और कर्मचारियों का ट्रांसफर करने का आदेश जारी किया हो, लेकिन इन अधिकारियों से प्रदेश सरकार का मोह अभी पूरी तरह से नहीं छूटा, क्योंकि ट्रांसफर पॉलिसी में विशेष परिस्थिति या आवश्यकता बताकर कर्मचारी अधिकतम पांच साल तक एक सीट पर रहकर काम कर सकता है। नवीन पालीवाल ने चुटकी लेते हुए कहा कि ये जो अधिकारियों को ‘इमरजेंसी विंडो’ का ऑप्शन दिया गया है, सरकार बताए कि इस इमरजेंसी विंडो का दुरुपयोग नहीं होगा इसकी क्या गारंटी है? इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार अपने चहेते अधिकारियों की जुदाई बर्दाश्त नहीं कर पा रही है, लेकिन इनका खेल अब ज्यादा दिन तक नहीं चल पाएगा, क्योंकि जनता अब समझ चुकी है कि प्रदेश में जमा भ्रष्टाचार एक साल का नहीं बल्कि प्रदेश सरकार से इन भ्रष्टाचारियों और भ्रष्टाचार का कई वर्षों का नाता है। पिछली बीजेपी सरकार और मौजूदा गहलोत सरकार के कारनामे किसी से छिपे नहीं है। इसलिए आगामी चुनाव में जनता आम आदमी पार्टी आज विकल्प के तौर पर जनता के साथ खड़ी है। और आम आदमी पार्टी ही राजस्थान में भ्रष्टाचार का खात्मा कर गुड गवर्नेंस वाली सरकार दे पाएगी।