{"_id":"6881a520b7094627f709cf01","slug":"a-major-racket-providing-fake-mobile-sim-cards-to-cyber-fraudsters-was-busted-2025-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaipur News: साइबर ठगों को फर्जी मोबाइल सिम उपलब्ध कराने वाले बड़े रैकेट का पर्दाफाश, जयपुर से एक गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaipur News: साइबर ठगों को फर्जी मोबाइल सिम उपलब्ध कराने वाले बड़े रैकेट का पर्दाफाश, जयपुर से एक गिरफ्तार
Thu, 24 Jul 2025 09:24 AM IST
सौरभ भट्ट
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: सौरभ भट्ट
Updated Thu, 24 Jul 2025 09:24 AM IST
सार
जयपुर में फर्जी आधार के जरिए सिम कार्ड खरीदने वाला साइबर गैंग का अपराधि पकड़ा गया है। गिरफ्तार 19 वर्षीय साइबर ठग कूटरचित दस्तावेजों से मोबाइल सिम एक्टिवेट कर साइबर अपराधियों तक पहुंचाता था । इसके पास से 7 मोबाइल सिम कार्ड, 2 खाली मोबाइल सिम कवर, 2 आधार कार्ड और एक मोबाइल जब्त किया गया है।
विज्ञापन
फर्जी आधार से सिम बेचने वाला गिरोह बेनकाब।
- फोटो : Freepik
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
साइबर ठगों को फर्जी मोबाइल सिम उपलब्ध कराने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। मालपुरा गेट थाना क्षेत्र में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर मोबाइल सिम सक्रिय करवाने की सूचना पर पुलिस थाना साइबर क्राइम राजस्थान की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 19 वर्षीय आरोपी घनश्याम मीणा को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी फर्जी आधार कार्ड तैयार कर उन पर अपनी तस्वीर लगाकर अवैध रूप से मोबाइल सिम प्राप्त करता था और फिर उन्हें अन्य साइबर अपराधियों को बेचता था।
एसपी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार 22 जुलाई को साइबर थाना पुलिस को सूचना मिली कि मालपुरा गेट स्थित भारती हेक्साकॉम लिमिटेड (एयरटेल) के सांगानेर स्टोर पर एक संदिग्ध व्यक्ति ने डिजिटल केवाईसी प्रक्रिया के तहत एक मोबाइल सिम एक्टिव कराने के लिए आधार कार्ड प्रस्तुत किया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस को पता चला कि संदिग्ध ने स्टोर संचालक से कहा कि इस नंबर को कंपनी के पोस्टपेड फैमिली प्लान के तहत मोबाइल नंबर 7300043398 और 7300043318 के साथ जोड़ा जाए।
ये भी पढ़ें- नए जिला कलेक्टर ने किया बाल संरक्षण संस्थानों का औचक निरीक्षण, अधिकारियों को दिए निर्देश
विज्ञापन
कंपनी के प्रतिनिधि द्वारा उपरोक्त नंबरों की जानकारी करने पर पता चला कि ये नंबर किसी बबलू मीणा पुत्र श्योकरण मीणा द्वारा आधार कार्ड नंबर 5120 8064 3684 प्रस्तुत कर उसी दिन उनके केसर चौराहा, सांगानेर स्टोर से सक्रिय कराए गए थे। संदेह होने पर कंपनी के प्रतिनिधि ने उस स्टोर से संपर्क कर वीडियो कॉल के माध्यम से संदिग्ध व्यक्ति की पहचान करवाई। इसमें यह बात सामने आई कि सिम कार्ड प्राप्त करने के लिए प्रस्तुत आधार कार्ड पर अंकित फोटो इसी संदिग्ध व्यक्ति की थी, जबकि उसका नाम, पता और आधार नंबर पहले से दिए गए आधार कार्ड से भिन्न था।
इस संबंध में पुलिस थाना साइबर क्राइम, राजस्थान जयपुर में बीएनएस आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। एसपी शांतनु कुमार के सुपरविजन में आरोपी से गहनता से पूछताछ की गई। अनुसंधान के दौरान घनश्याम मीणा निवासी श्रीगोविंदपुरा थाना निवाई जिला टोंक के कब्जे से कुल 7 मोबाइल सिम कार्ड, 2 खाली मोबाइल सिम कवर, 2 आधार कार्ड और एक वीवो कंपनी का मोबाइल फोन बरामद कर जब्त किए गए। बरामद किए गए आधार कार्डों पर आरोपी घनश्याम मीणा की स्वयं की फोटो लगी थी, लेकिन नाम और पते अलग-अलग दर्ज थे। गहन जांच में सामने आया कि आरोपी अपने मोबाइल फोन में अन्य व्यक्तियों के आधार कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड करता था। फिर वह प्ले स्टोर से एप्लिकेशन डाउनलोड कर उन आधार कार्डों में कांट-छांट करता था। अपनी फोटो लगाकर फर्जी तरीके से गलत नाम-पतों का नया आधार कार्ड तैयार करता था। इसके बाद वह ई-मित्र से रंगीन प्रिंटआउट निकलवाकर वोडाफोन और एयरटेल स्टोर पर जाकर सिम कार्ड निकलवाता था। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वह इन फर्जी आधार कार्डों से प्राप्त सिम कार्डों को पैसे लेकर अन्य व्यक्तियों को बेचता था। आरोपी घनश्याम मीणा को उपरोक्त धाराओं में गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस को उसके अन्य सहयोगियों और उन स्टोरों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए पुलिस रिमांड मिली है जहां से उसने सिम कार्ड खरीदे थे। मामले में आगे की जांच जारी है।
विज्ञापन
एसपी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार 22 जुलाई को साइबर थाना पुलिस को सूचना मिली कि मालपुरा गेट स्थित भारती हेक्साकॉम लिमिटेड (एयरटेल) के सांगानेर स्टोर पर एक संदिग्ध व्यक्ति ने डिजिटल केवाईसी प्रक्रिया के तहत एक मोबाइल सिम एक्टिव कराने के लिए आधार कार्ड प्रस्तुत किया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस को पता चला कि संदिग्ध ने स्टोर संचालक से कहा कि इस नंबर को कंपनी के पोस्टपेड फैमिली प्लान के तहत मोबाइल नंबर 7300043398 और 7300043318 के साथ जोड़ा जाए।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- नए जिला कलेक्टर ने किया बाल संरक्षण संस्थानों का औचक निरीक्षण, अधिकारियों को दिए निर्देश
विज्ञापन
कंपनी के प्रतिनिधि द्वारा उपरोक्त नंबरों की जानकारी करने पर पता चला कि ये नंबर किसी बबलू मीणा पुत्र श्योकरण मीणा द्वारा आधार कार्ड नंबर 5120 8064 3684 प्रस्तुत कर उसी दिन उनके केसर चौराहा, सांगानेर स्टोर से सक्रिय कराए गए थे। संदेह होने पर कंपनी के प्रतिनिधि ने उस स्टोर से संपर्क कर वीडियो कॉल के माध्यम से संदिग्ध व्यक्ति की पहचान करवाई। इसमें यह बात सामने आई कि सिम कार्ड प्राप्त करने के लिए प्रस्तुत आधार कार्ड पर अंकित फोटो इसी संदिग्ध व्यक्ति की थी, जबकि उसका नाम, पता और आधार नंबर पहले से दिए गए आधार कार्ड से भिन्न था।
इस संबंध में पुलिस थाना साइबर क्राइम, राजस्थान जयपुर में बीएनएस आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। एसपी शांतनु कुमार के सुपरविजन में आरोपी से गहनता से पूछताछ की गई। अनुसंधान के दौरान घनश्याम मीणा निवासी श्रीगोविंदपुरा थाना निवाई जिला टोंक के कब्जे से कुल 7 मोबाइल सिम कार्ड, 2 खाली मोबाइल सिम कवर, 2 आधार कार्ड और एक वीवो कंपनी का मोबाइल फोन बरामद कर जब्त किए गए। बरामद किए गए आधार कार्डों पर आरोपी घनश्याम मीणा की स्वयं की फोटो लगी थी, लेकिन नाम और पते अलग-अलग दर्ज थे। गहन जांच में सामने आया कि आरोपी अपने मोबाइल फोन में अन्य व्यक्तियों के आधार कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड करता था। फिर वह प्ले स्टोर से एप्लिकेशन डाउनलोड कर उन आधार कार्डों में कांट-छांट करता था। अपनी फोटो लगाकर फर्जी तरीके से गलत नाम-पतों का नया आधार कार्ड तैयार करता था। इसके बाद वह ई-मित्र से रंगीन प्रिंटआउट निकलवाकर वोडाफोन और एयरटेल स्टोर पर जाकर सिम कार्ड निकलवाता था। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वह इन फर्जी आधार कार्डों से प्राप्त सिम कार्डों को पैसे लेकर अन्य व्यक्तियों को बेचता था। आरोपी घनश्याम मीणा को उपरोक्त धाराओं में गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस को उसके अन्य सहयोगियों और उन स्टोरों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए पुलिस रिमांड मिली है जहां से उसने सिम कार्ड खरीदे थे। मामले में आगे की जांच जारी है।