Jaipur: झोटवाड़ा में 11वीं के छात्र-छात्राएं पुलिस के साथ संभालेंगे यातायात, मंत्री ने पहल का किया शुभारंभ
Jaipur: जयपुर के झोटवाड़ा क्षेत्र में एक नई पहल शुरू की गई। इसते तहत स्कूली विद्यार्थियों को ट्रैफिक पुलिस के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे कम उम्र से ही सड़क सुरक्षा, अनुशासन और नागरिक जिम्मेदारी को समझ सकें।
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राजधानी जयपुर के झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में यातायात को कंट्रोल करने के लिए एक नई और महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई है। कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने इस अनूठी योजना का शुभारंभ किया है। इस पहल के तहत विद्यालय में पढ़ने वाले ग्यारहवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया है।
छात्र-छात्राओं को सिखाया जा रहा यातायात प्रबंधन
इन बच्चों को झोटवाड़ा के प्रमुख चौराहों और लाल बत्तियों पर तैनात किया गया है। वे यातायात पुलिस के साथ मिलकर यातायात व्यवस्था को समझने का प्रयास करेंगे। उन्हें न सिर्फ यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। बल्कि उन्हें दो घंटे के लिए यातायात प्रबंधन का सीधा अनुभव भी मिलेगा। इस पहल में छात्र एवं छात्राएं दोनों ही बराबर-बराबर मात्रा में चुनी गई हैं। यह अभियान पूरे महीने भर तक लगातार चलेगा। जिसके तहत हर बार नए बच्चों को यातायात प्रबंधन का महत्वपूर्ण मौका दिया जाएगा। हमने यातायात संकेत पर मौजूद स्थिति का जायजा लिया और बच्चों से बात की।
आज मैं सड़कों पर एक सहभागी के रूप में खड़ा था।Sirsi, Vijay Dwar और Vaishali के जंक्शनों पर जब मैं विद्यार्थियों और नागरिकों के साथ खड़ा था, तो यह केवल ट्रैफिक नियमों का अभियान नहीं था- यह एक community moment था।
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सबसे प्रभावशाली दृश्य वह था जब students ने जिम्मेदारी को महसूस… pic.twitter.com/TB0JuElD2l— Col Rajyavardhan Rathore (@Ra_THORe) February 26, 2026
क्या बोले मंत्री राठौड़?
राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बातचीत में इस योजना की सराहना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना में एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ है। यह पहल न सिर्फ बच्चों को प्रेरित करेगी और उन्हें नियम पालन करने के लिए अग्रसर करेगी। बल्कि यह उनके जीवन में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव भी लेकर आएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि इससे यातायात संकेतों पर खड़े लोग भी अपनी जिम्मेदारी समझेंगे।
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पहल के दीर्घकालिक प्रभाव
इस पहल का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही यातायात अनुशासन सिखाना है। उन्हें यह अनुभव जीवन भर याद रहेगा और वे जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। यह योजना सड़क सुरक्षा के प्रति समाज में व्यापक जागरूकता फैलाएगी। छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक अनुभव से सीखने का यह एक अनूठा अवसर है। इससे भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।