दिल्ली से शानदार है जयपुर की मेट्रो, सीएम ने दिखाई हरी झंडी
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दिल्ली की तरह अब जयपुर भी मेट्रोमयी हो गया। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बुधवार को मानसरोवर स्थित मेट्रो स्टेशन से मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। पहला सफर मुख्यमंत्री ने किया और इसके बाद दोपहर को मेट्रो में जयपुर की जनता ने सफर किया।
अब जयपुर देश का छठा शहर है, जहां पर मेट्रो की सवारी की जा सकती है। पहले चरण में 2 हजार 23 करोड़ खर्च हुए हैं। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रदेशवासियों को बधाई दी तथा कहा कि यह प्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन हैं। मेट्रो के अन्य फेज को पूरा करने की तैयारी की जा रही है।
प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई। मेट्रो ट्रेन सुबह 6.45 से रात 9 बजे तक चलेगी। सुबह 8 से 11 बजे और शाम 5 से 8 बजे पीक टाइम में हर 10 मिनट पर मिलेगी ट्रेन। बाकी समय में हर पन्द्रह मिनट पर चलेगी।
मेट्रो का मानसरोवर से चांदपोल तक का पहला चरण 9.63 किलोमीटर का है, जिसे मेट्रो 23 मिनट में पूरा करेगी। करीब आधा किलोमीटर ट्रेक भूमिगत है।
मेट्रोमेन को सलाम
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से कहा कि वे मेट्रोमेन श्रीधरन को सलाम करते हैं, उनके विश्वास पर पिछली सरकार ने जो काम हाथ में लिया था, वो आज पूरा हुआ। पिछली सरकार के दौरान गहलोत ने मेट्रो ट्रेन की घोषणा कर काम शुरु करवाया था। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों का सपना पूरा हुआ है। आखिर डेढ़ साल की देरी से ही सही आज मेट्रो का सफर शुरू हो रहा है।
6 माह तक किराया 5 से 15 रुपए
मेट्रो का किराया 5 से 15 रुपए तक होगा। शुरुआती स्टेशन से अगले स्टेशन तक 5 रुपए तीसरे से पांचवें स्टेशन तक 10 और छठवें से आठवें स्टेशन तक 15 रुपए लगेंगे। छह महीने बाद पीक टाइम में 10, 15 और 20 रुपए किराया हो जाएगा।हर स्टेशन पर टिकट मिलेगा। इसके अलावा स्मार्ट कार्ड, टूरिस्ट कार्ड और एचडीएफसी बैंक का कोम्बो कार्ड भी उपलब्ध है।
एक स्टेशन भूमिगत
मेट्रो के नौ स्टेशन बनाए हैं, जिनमें से एक चांदपोल स्टेशन भूमिगत है। मानसरोवर, न्यूआतिश मार्केट, विवेक विहार, श्याम नगर, राम नगर, सिविल लाइंस, रेलवे स्टेशन, सिंधी कैंप व चांदपोल स्टेशन होंगे।
चांदपोल को छोड़कर सभी स्टेशन एलिवेटेड हैं। चांदपोल स्टेशन अकेला 170 करोड़ रुपए में बनकर तैयार हुआ है, जबकि बाकी सभी आठ स्टेशनों पर 15.15 करोड़ रुपए की लागत आई है।
हजार से अधिक यात्री
ट्रेन के एक कोच की लागत करीब 9 करोड़ रुपए है। इसकी लम्बाई 22 मीटर है, हर ट्रेन में चार कोच लगे हैं। एक ट्रेन में एक बार में 1000 से अधिक यात्री सफर कर सकेंगे। फिलहाल 10 ट्रेनें तैयार की गई हैं। यात्री भार बढ़ेगा तो ट्रेनों में दो अतिरिक्त कोच लगा, जा सकते हैं।