अलवर रेप कांड के विरोध में भीम आर्मी संग सड़क पर उतरे चंद्रशेखर रावण, इलाका पुलिस छावनी में तब्दील
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अलवर सामूहिक रेप कांड के विरोध में भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कार्यकर्ता जयपुर बंद कराने में लगे हैं। स्थानीय प्रशासन की ओर से बड़ी संख्या में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है और पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। मालूम हो कि दुष्कर्म पीड़िता अनुसूचित जाति से हैं और चंद्रशेखर खुद को अपने समुदाय के बीच स्थापित करने में लगे हैं। वह अक्सर बहुजन मुद्दों पर आंदोलनों में देखे जाते रहे हैं।
Jaipur: Bhim Sena holds protests against Alwar rape case; Bhim Army chief Chandrashekhar Azad Ravan also present. #Rajasthan pic.twitter.com/zAR8Ylit4D
— ANI (@ANI) May 10, 2019
उत्तर प्रदेश से राजस्थान जाने से पहले उन्होंने गुरुवार शाम अपने ट्विटर, फेसबुक के जरिए सोशल मीडिया पर आंदोलन को लेकर अपील की थी। ट्विटर पर उन्होंने लिखा था कि राजस्थान सरकार अपनी औकात में रहे और हमारे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करना बंद करें। जयपुर बंद में मैं पूरा समय रहूंगा, जयपुर बंद करवाऊंगा और राजस्थान सरकार को बहुजनों की ताकत का एहसास करवाऊंगा।
राजस्थान सरकार अपनी औकात में रहे और हमारे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करना बंद करें।
कल जयपुर बंद में मैं पूरा समय रहूंगा और जयपुर बंद करवाऊंगा और राजस्थान सरकार को बहुजनों की ताकत का एहसास करवाऊंगा। जय भीम@ashokgehlot51 pic.twitter.com/NdY28W5WNt— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) May 9, 2019
इसके बाद शुक्रवार को वह काफी कार्यकर्ताओं के साथ जयपुर में सड़क पर उतर गए और आंदोलन शुरू कर दिया। भीम आर्मी जल्द से जल्द पीड़िता को पूर्ण न्याय दिलाने की मांग कर रही है।
पीड़िता चाहती है- पांचों आरोपी को हो फांसी
सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता पांचों आरोपियों के लिए मौत की सजा चाहती है। इस समय वह 12वीं कक्षा की छात्रा है और अपनी पढ़ाई भी पूरा करना चाहती है। पीड़िता ने कहा— 'मैं चाहती हूं कि जिन पांच लोगों ने मेरे साथ दुष्कर्म किया, वीडियो बनाया, उन्हें फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए। यदि इससे बदतर कोई सजा होती है तो इन पांचों को वही मिलनी चाहिए।'
घटना वाले दिन को याद करते हुए पीड़िता के पति ने कहा, 'अपने सास-ससुर के घर से निकलने के 10 मिनट बाद इन पांचों ने हमारा पीछा करना शुरू कर दिया और हमें रोक दिया। वह हमें सड़क से नीचे नाले में घसीटकर ले गए। वहां हमसे कपड़े उतारने के लिए कहा। जब हमने इसका विरोध किया तो हमारे कपड़े फाड़ने लगे और तब तक ऐसा करते रहे जब तक हमने उतार नहीं दिए। इसके बाद तीन घंटों तक हमें नरक का सामना करना पड़ा। हम मदद के लिए चिल्लाए, लेकिन जल्द ही हमें अहसास हो गया कि इसका कोई फायदा नहीं होगा।' पांचों आरोपी गुज्जर समुदाय से हैं।