राजस्थानः कीचड़ और दलदल में फंसकर मर गईं 500 गायें
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राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित हिंगोनिया गोशाला में कीचड़ और दलदल के कारण दो सप्ताह में 500 गायों ने दम तोड़ दिया है। बरसात के कारण बने दलदल के चलते गायें बैठ नहीं पा रहीं और जो बैठीं उसकी दलदल में फंसने से मौत हो गई।
चारा कीचड़ में डाल दिया गया, जो खाने योग्य ही नहीं रहा। कई गायों ने भूखे रहकर दम तोड़ दिया। राजस्थान हाईकोर्ट ने भी बृहस्पतिवार को इस घटना पर गहरी चिंता जताई।
जानकारी के अनुसार पिछले दो दिनों में मरने वाली गायों की संख्या 90 है। न्यायाधीश महेश चन्द्र शर्मा की अदालत ने कहा कि आखिर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई हो रही है?
हड़ताल के कारण कर्मचारियों ने बंद की गायों की देखभाल
अदालत ने कहा कि अधिकारियों की इच्छा शक्ति के बगैर हालात नहीं सुधर सकते। अधिकारियों की इच्छा शक्ति के बगैर गायों की मौत नहीं रुक सकती।
सूत्रों के अनुसार बारिश के चलते जुलाई से हालत ज्यादा खराब हो गई है। कर्मचारियों को तीन महीने से तनख्वाह नहीं मिली तो उनका काम छोड़ हड़ताल पर जाना गायों पर भारी पड़ा। हिंगोनिया गोशाला में घुटनों तक जमा कीचड़ दलदल का रूप ले चुका है, जिसने सैंकड़ों गायों को लील लिया।
अब प्रशासन ने बृहस्पतिवार को रस्सियों से बांधकर गायों को बाहर निकालने का काम शुरू किया है। गोशाला को सरकार 15 करोड़ रुपये सालाना देती है, जो चारे-पानी, 17 चिकित्सक और 40 नर्सिंग कर्मियों पर खर्च होते हैं।