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जयपुर में आईपीएल आयोजन का रास्ता साफ
जयपुर/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 09 Feb 2013 12:39 PM IST
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राजधानी जयपुर में आईपील क्रिकेट मैच कराने का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार और राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) के बीच टकराव खत्म होता दिख रहा है। हाईकोर्ट ने एमओयू मामले की सुनवाई के दौरान आरसीए को मैच कराने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला विनोद सिंघल की याचिका पर लिया गया है।
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हाइकोर्ट ने राज्य सरकार व आरसीए को आईपीएल-6 के लिए एसएमएस स्टेडियम मुहैया कराने का करार तीन दिन यानि 11 फरवरी तक करने के भी निर्देश दिये हैं। साथ ही आरसीए को निर्देश दिया कि आईपीएल के छह या आठ जितने भी मैच हों, प्रति मैच 20-20 लाख के अगली तारीख के चेक राज्य सरकार को सौंप दे।
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जस्टिस नरेन्द्र कुमार जैन व मीना वी. गोम्बर की बेंच ने विनोद सिंघल की जनहित याचिका पर शुक्रवार को यह आदेश दिया। राज्य सरकार ने कहा कि वह बकाया एक करोड़ रूपए के लिए एमओयू के समय दबाव नहीं बनाएगा। गौरतलब है कि आरसीए व राज्य सरकार के बीच एमओयू को लेकर विवाद चल रहा था। हाईकोर्ट के आदेश के पालन में मुख्य सचिव ने आरसीए को जयपुर में आईपीएल-6 के मैच कराने से पहले एक करोड़ रुपए देने और 50 लाख रुपए प्रति मैच चुकाने के निर्देश दिए थे।
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इससे पहले गुरूवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने सवाल किया कि आईपीएल राज्य के हित में है और सरकार तैयार है तो फिर आरसीए एमओयू क्यों नहीं करती? कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार, स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल व आरसीए को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। इसके साथ ही आरसीए के सचिव व कोषाध्यक्ष को शुक्रवार सुबह साढ़े दस बजे तीन साल की बैलेंस शीट अदालत में पेश करने का निर्देश भी दिया था।
सुनवाई के दौरान राज्य के महाधिवक्ता जीएस बापना ने कहा था कि आरसीए अगर मुख्य सचिव के आदेश के पालन में एक करोड़ रूपये व प्रति मैच 50 लाख रूपये की राशि चुका दे तो सरकार को मैच आयोजन में आपत्ति नहीं है। यदि आरसीए फिलहाल रुपए नहीं भी जमा कराए तो बाद में आर्बीट्रेटर न्यायाधीश एन.एम. कासलीवाल के निर्णय के पालन में राशि जमा करा दे। आरसीए की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.एन. माथुर ने कहा कि आयोजन के लिए बीसीसीआई से प्रति मैच तीस लाख से पचास लाख रूपए ही मिलते हैं। कोर्ट में आरसीए व राज्य सरकार के बीच प्रति मैच 20-20 लाख रूपए देने पर रजामंदी हुई।