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बिना पंजीकरण हाथियों पर कैसे कराई जा रही है सवारी : हाइकोर्ट

Fri, 20 Jul 2018 03:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, अमर उजाला, जयपुर
अमर उजाला ब्यूरो, अमर उजाला, जयपुर Updated Fri, 20 Jul 2018 03:00 AM IST
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How to Ride Without Registration by Elephants: High Court

राजस्थान हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव, वन विभाग, पुरातत्व विभाग, एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया व हाथी मालिकों की सोसायटी सहित अन्य को नोटिस जारी कर पूछा है कि बिना पंजीकरण के आमेर महल व हाथी गांव में हाथियों पर सवारी कैसे कराई जा रही है? मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्रजोग और न्यायाधीश डीसी सोमानी की खंडपीठ ने यह आदेश पेटा (पीईटीए) इंडिया की ओर से दायर जनहित याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।

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राजस्थान हाईकोर्ट ने अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया

याचिका में कहा गया कि आमेर महल और हाथी गांव में हाथियों पर अवैध रूप से सवारी कराई जा रही है। यहां का कोई भी हाथी एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया से पंजीकृत नहीं है। जबकि सवारी के साथ-साथ हाथी का उपयोग किसी फिल्म, खेल और प्रदर्शनी आदि में करने के लिए बोर्ड की अनुमति जरूरी है। याचिका में कहा गया कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी से पीडित हाथियों को सवारी के काम लिया जा रहा है। 
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इसके अलावा केंद्र सरकार की वर्ष 2008 की गाइड लाइन के अनुसार पहाड़ी चढ़ाई में हाथी पर दो सौ किलोग्राम तक ही भार लादा जा सकता है, लेकिन एनिमल बोर्ड ऑफ इंडिया की जांच रिपोर्ट में आया है कि आमेर किले में हाथियों पर तय भार से काफी अधिक भार उठा रहे हैं। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। 

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