हिस्ट्रीशीटर कर रहा है कांग्रेस का प्रचार

समीर शर्मा/जयपुर Updated Fri, 22 Nov 2013 06:35 PM IST
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पाकिस्तान की सीमा से सटे राजस्थान के जैसलमेर जिले के बहुचर्चित हिस्ट्रीशीटर गाजी फ कीर राजस्थान की राजनीति में सक्रिय हो गया है। राजस्थान विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस  का प्रचार कर रहा है।
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गाजी फकीर पर भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर होने वाली तस्करी और असामाजिक गतिविधियों में लिप्त रहने के आरोप हैं।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस ने मारवाड़ क्षेत्र में चुनाव में उसका फायदा लेने के लिए गाजी फकीर सेनजदीकियां बढ़ा ली हैं।
पिछले दिनों प्रदेश कांग्रेस के अल्पसंख्यक मोर्चे की शिव विधानसभा क्षेत्र में हुई बैठक में गाजी फकीर ने भी भाग लिया था, जहां अल्पसंख्यक मामलात राज्य मंत्री अमीन खां ने गाजी फ कीर का स्वागत भी किया।

पाकिस्तान के सीमावर्ती जिलों में रहने वाले अल्पसंख्यकों पर गाजी का खासा प्रभाव है।

मारवाड़ में अल्पसंख्यकों के बीच फकीर की खासी पैठ हैं और माना जाता है कि गाजी जिसके भी समर्थन करने के लिए अल्पसंख्यकों को बोल देता है, उसे एक तरफा मत मिलते हैं।

चुनाव आयोग के आदेश की पालना में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए पुलिस जहां राज्य में चुनाव प्रभावित करने वाले संभावित लोगों को पाबंध कर रही हैं, वहीं एक हिस्ट्रीशीटर कांग्रेस की एक बैठक में भाग ले रहा है।

हिस्ट्रीशीट खुलते ही आईपीएस का तबादला
यूपी में आईएएस अफसर दुर्गा शक्ति नागपाल के राजनीतिक शिकार होने के मामले में हंगामा मचा हुआ है, तब राजस्थान के जैसलमेर जिले के पुलिस अधीक्षक पंकज चौधरी को गाजी फकीर की हिस्ट्रीशीट खोलना भारी पड़ गया।

कांग्रेस सरकार ने गाजी की हिस्ट्रीशीट खोलने के 48 घंटे के भीतर चौधरी का तबादला कर दिया गया था। 31 जुलाई 1965 को पहली बार गाजी फकीर की हिस्ट्री शीट खोली गई थी।

1984 में पुलिस की फाइल गायब हो गई थी। इसके बाद 1990 में फिर हिस्ट्रीशीट खोली गई, लेकिन दबाव के चलते मई 2011 में फिर केस बंद कर दिया। चौधरी ने गाजी फकीर की हिस्ट्री शीट खोलने की बात की पुष्टि की है।

पुलिस मुख्यालय से पिछले माह राजस्थान के सभी पुलिस अधीक्षकों को आदेश मिले थे कि जिनकी हिस्ट्रीशीट फाइल बंद हो गई है उनकी जांच की जाए।

गाजी फकीर के पुत्र एवं विधायक सालेह मोहम्मद पर भी जैसलमेर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक पंकज चौधरी ने एक पाकिस्तान जासूस को पनाह देने का आरोप लगाया था।

कौन है गाजी फकीर
करीब 84 साल के गाजी फकीर जैसलमेर जिले के भागु गांव के रहने वाले हैं। उनका एक बेटा सालेह मोहम्मद पोखरण से कांग्रेस का विधायक है, जबकि दूसरा बेटा अबदुल्ला फकीर जैसलमेर का जिला प्रमुख है।

फकीर के परिवार का जैसलमेर और बाड़मेर जिले में राजनीतिक दबदबा है। सिंधी मुसलमान गाजी फकीर को धर्म गुरु के तौर पर मान्यता देते हैं और यहां कांग्रेस पार्टी को एक तरफा वोट दिलवाते हैं।

गाजी फकीर पर तस्करी और देशद्रोह का मामले दर्ज है। वह एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी है और भारत-पाकिस्तान सीमा पर तस्करी और गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप हैं।

31 जुलाई 1990 में एसपी सुधीर प्रताप सिंह ने उसकी हिस्ट्रीशीट दोबारा खोली। लेकिन उसके 28 दिन बाद उनका ट्रांसफ र कर दिया गया।

उनके तबादले के 21 साल बाद 12 मई 2011 में कार्यवाहक एसपी गणपत लाल ने उसकी फाइल बंद कर दी। हालांकि नियमों के तहत एसपी ही हिस्ट्रीशीट बंद कर सकता है।
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