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Hanumangarh News: किसान की मौत मामले में कांस्टेबल निलंबित, पुलिस ने आरोपों को बताया निराधार, सीओ करेंगे जांच
Sat, 02 Dec 2023 08:12 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हनुमानगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हनुमानगढ़
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 02 Dec 2023 08:12 PM IST
सार
Hanumangarh News: हनुमानगढ़ जिले में किसान की मौत के मामले में कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, पुलिस ने आरोपों को निराधार बताया है, सीओ लेवल के अधिकारी मामले की जांच करेंगे।
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प्रदर्शन करते हुए लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हनुमानगढ़ में टिब्बी पुलिस थाना इलाके के सूरेवाला पुलिस चौकी में चल रही पंचायती में शामिल एक व्यक्ति की मौत होने के मामले में मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का मृतक के शव के साथ चौकी के आगे धरना शनिवार को तीसरे दिन खत्म हो गया है। मृतक के परिजन और ग्रामीण पंचायती के दौरान अनावश्यक दबाव बनाने से मौत का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे की मांग कर रहे थे।
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मामले को लेकर शनिवार को भारत की जनवादी नौजवान सभा तहसील कमेटी कार्यकर्ताओं की ओर से जिला मुख्यालय पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने एसपी का सांकेतिक पुतला दहन किया गया। अब कांस्टेबल के निलंबन और सीओ लेवल अधिकारी से जांच के आश्वासन के बाद धरना उठा लिया गया है। पुलिस की माने तो घटना के दौरान पुलिस चौकी प्रभारी एविडेंस पर गए हुए थे। चौकी में एक कांस्टेबल ही मौजूद था, जिसके पास परिवाद आने पर दोनों पक्ष चौकी परिसर में खुद ही आपस में पंचायती कर रहे थे।
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डीवाईएफआई के तहसील अध्यक्ष वेदप्रकाश ने कहा कि सूरेवाला पुलिस चौकी में लगातार तीन दिन से धरना चल रहा है। पुलिस चौकी में चल रही पंचायत में किसान लालचंद कुम्हार को दुष्प्रेरित किया जाता है। इससे हार्ट अटैक आने से किसान की मौत हो जाती है। इस मामले में आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में टिब्बी पुलिस थाने में मामला दर्ज हुआ। इस घटना में दो पुलिसकर्मी भी संलिप्त हैं। लेकिन अभी तक इस मामले में पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। खुद पुलिस कप्तान भी चुप्पी साधे बैठे हैं।
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वेदप्रकाश ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। अपराधियों के हौंसले बुलंद हैं। महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। वन विभाग के एक रेंजर की ओर से युवती के साथ दुष्कर्म किया जाता है, लेकिन उसके खिलाफ भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मृतक किसान लालचंद कुम्हार को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन तेज किया जाएगा। ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा। इस मौके पर मोहन लोहरा सहित डीवाईएफआई के कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के कुछ समय बाद वार्ता में सहमति बन गई। कांस्टेबल को निलंबित करके जांच सीओ लेवल के अधिकारी से करवाने और पालनहार योजना के तहत मुआवजा दिलवाने की सहमति के साथ वार्ता सफल रही। वार्ता में बनी सहमति के बाद परिजन और ग्रामीणों ने शव को उठाने पर सहमति दे दी और पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस ने आरोपों को बताया गलत
टिब्बी पुलिस ने आरोपों को गलत बताया है। टिब्बी एसएचओ फूलचंद शर्मा ने बताया कि चौकी प्रभारी कुलदीप मीणा एविडेंस के सिलसिले में दूसरे जिले में गए हुए थे। तभी चौकी में मौजूद कांस्टेबल के पास जमीन के ठेके के पैसों को लेकर परिवाद आया हुआ था। इसी परिवाद को लेकर दोनों पक्ष पुलिस चौकी पहुंचे थे। कांस्टेबल ने बताया कि वो अंदर किसी अन्य फाइल के सिलसिले में कार्य कर रहा था। तभी दोनों पक्ष चौकी परिसर में ही आपस में पंचायती कर रहे थे। इसी दौरान मृतक लालचंद को चक्कर और पसीना आने लगा तो उसे साथ आए ही व्यक्ति उठाकर अपनी कार में हॉस्पिटल लेकर गए। टिब्बी पुलिस ने कहा कि पुलिस ने किसी भी रूप से मृतक को प्रताड़ित नहीं किया था। इस मामले में एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है, जिसमें मृतक को कार में डालकर ले जाते हुए देखा जा सकता है।