आरक्षण के आश्वासन पर गुर्जर आंदोलन खत्म, 1.68 करोड़ के नुकसान के बाद रेल सेवाएं बहाल
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
गुर्जरों ने आरक्षण को लेकर अपना नौ दिन पुराना आंदोलन शनिवार को समाप्त कर दिया। गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला ने राज्य सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की और आंदोलनकारियों से अवरुद्ध किए सभी सड़क व रेलमार्ग खोलने को कहा।
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
गुर्जरों ने आरक्षण को लेकर अपना नौ दिन पुराना आंदोलन शनिवार को समाप्त कर दिया। गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला ने राज्य सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की और आंदोलनकारियों से अवरुद्ध किए सभी सड़क व रेलमार्ग खोलने को कहा।
इससे पहले राज्य सरकार की ओर से पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने एक लिखित आश्वासन गुर्जर नेताओं को सौंपा था। बैंसला के अनुसार, राज्य सरकार ने यह आश्वासन दिया है कि विधानसभा में पारित विधेयक को अगर कोई कानूनी चुनौती मिलती है तो सरकार उनका साथ देगी।
उल्लेखनीय है कि राज्य विधानसभा ने गुर्जर सहित पांच जातियों को आरक्षण संबंधी विधेयक बुधवार को पारित कर दिया था। इस बारे में अधिसूचना भी जारी कर दी गयी। लेकिन गुर्जर नेता सरकार से लिखित में आश्वासन चाहते थे कि अगर विधेयक को कहीं कानूनी चुनौती दी जाती है तो सरकार उनका साथ देगी। गुर्जर आंदोलन समाप्त होने से राज्य में रेल व सड़क यातायात सुचारू होने की उम्मीद है।
रेलवे ने लौटाए 1 करोड़ 68 लाख रुपये
गुर्जर आरक्षण आंदोलन के चलते उत्तर-पश्चिम रेलवे के जयपुर-सवाई माधोपुर के बीच ट्रैक को रोके जाने से 13 फरवरी से जयपुर से शुरु व गुजरने वाली करीब 50 से अधिक ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन, शॉर्ट टर्मिनेशन और निरस्तीकरण किया गया है। इसके साथ ही 8 तारीख से सवाई माधोपुर-बयाना खंड पर रोके गए ट्रैक के कारण अब तक 150 से अधिक ट्रेनों के मार्ग में बदलाव भी किया गया है।
इससे सबसे ज्यादा नुकसान यहां से कोटा, सूरत, मुंबई जाने वाले यात्रियों को हुआ है। जिस लाइन को आंदोलनकारियों ने रोका वहां से होकर पश्चिम और पश्चिम मध्य रेलवे की बड़ी संख्या में ट्रेनें गुजरती हैं।
जो राजस्थान को महाराष्ट्र, गुजरात से जोड़ती हैं। 8 फरवरी से जयपुर स्टेशन पर रिजर्वेशन कैंसिल कराने वाले लोगों की लंबी-लंबी लाइन लग रही हैं। वहीं रेलवे द्वारा किसी भी अतिरिक्त काउंटर की व्यवस्था नहीं की गई है।